23 जुलाई 2026
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चेनाब नगर में अहमदिया इबादतगाह पर गोलीबारी, तीन स्वयंसेवक घायल; दूसरा हमला महीनों में

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चेनाब नगर में अहमदिया इबादतगाह पर गोलीबारी, तीन स्वयंसेवक घायल; दूसरा हमला महीनों में

सारांश

पाकिस्तान के चेनाब नगर में अहमदिया समुदाय की अल-अक्सा इबादतगाह के बाहर मोटरसाइकिल सवार हमलावर ने तीन स्वयंसेवकों पर गोलियाँ चलाईं — महीनों में यह दूसरा हमला है। एमनेस्टी इंटरनेशनल पहले ही पंजाब सरकार को आगाह कर चुका था कि धार्मिक त्योहारों के आसपास ऐसी घटनाएँ बढ़ती हैं।

मुख्य बातें

7 जून 2026 को पाकिस्तान के चेनाब नगर में अल-अक्सा इबादतगाह के बाहर गोलीबारी में अहमदिया समुदाय के तीन स्वयंसेवक घायल हुए।
हमलावर मोटरसाइकिल पर आया और फायरिंग के बाद फरार हो गया; एक घायल की हालत गंभीर बताई जा रही है।
अहमदिया प्रवक्ता आमिर महमूद के अनुसार यह कुछ महीनों में चेनाब नगर में समुदाय पर दूसरा हमला है।
मई 2026 में एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मुख्यमंत्री मरियम नवाज को पत्र लिखकर पंजाब में अहमदियों पर बढ़ती हिंसा और उत्पीड़न पर चिंता जताई थी।
21 मार्च 2026 को फैसलाबाद में नमाज़ के दौरान इबादतगाह से लोगों को निकाला गया; सरगोधा में कई इबादतगाहें सील की गईं।
संगठन ने पंजाब सरकार से स्वतंत्र जाँच और जवाबदेही तंत्र बनाने की माँग की है।

पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के चेनाब नगर में 7 जून 2026 को एक अज्ञात हमलावर ने अल-अक्सा इबादतगाह के बाहर खड़े अहमदिया मुस्लिम समुदाय के तीन स्वयंसेवकों पर गोलियाँ चलाईं, जिससे तीनों घायल हो गए। पुलिस में दर्ज एफआईआर के अनुसार हमलावर मोटरसाइकिल पर आया और फायरिंग के बाद मौके से फरार हो गया।

मुख्य घटनाक्रम

पुलिस के बयान के अनुसार, घटना उस वक्त हुई जब तीन स्वयंसेवक अल-अक्सा इबादतगाह के प्रवेश द्वार पर सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। अल-अक्सा अहमदिया मुस्लिम समुदाय के सबसे बड़े और प्रमुख इबादत स्थलों में से एक माना जाता है। एक मोटरसाइकिल सवार युवक ने गेट के नज़दीक आकर स्वयंसेवकों पर गोलियाँ दागीं और तत्काल फरार हो गया।

घायलों को नज़दीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस के अनुसार घायलों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है। हमलावर की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जाँच जारी है।

समुदाय की प्रतिक्रिया

अहमदिया समुदाय के प्रवक्ता आमिर महमूद ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि पिछले कुछ महीनों में चेनाब नगर में अहमदियों को निशाना बनाकर किया गया यह दूसरा हमला है। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं से समुदाय में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा हो गई है।

मानवाधिकार संगठन की चेतावनी

यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब मई 2026 में एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज को पत्र लिखकर प्रांत में अहमदिया समुदाय के विरुद्ध लगातार बढ़ रहे भेदभाव, उत्पीड़न और हिंसा पर गंभीर चिंता जताई थी। संगठन ने अपने पत्र में स्पष्ट किया था कि ऐसी घटनाएँ अक्सर बड़े धार्मिक त्योहारों — विशेषकर ईद-उल-अजहा — से पहले और उसके दौरान बढ़ जाती हैं।

संगठन ने सरकार से अपील की थी कि वह तत्काल और पूर्व-निर्धारित कदम उठाकर यह सुनिश्चित करे कि पंजाब भर में अहमदियों के धर्म व आस्था की स्वतंत्रता, शांतिपूर्ण सभा, अभिव्यक्ति की आज़ादी और कानून के समक्ष समानता के अधिकार सुरक्षित रहें।

पहले के दस्तावेज़ीकृत मामले

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने ईद-उल-फितर के दौरान भी ऐसे मामलों का दस्तावेज़ीकरण किया था, जिनमें पंजाब के कई ज़िलों में स्थानीय प्रशासन और पुलिस द्वारा अहमदियों की धार्मिक गतिविधियों पर कथित तौर पर गैरकानूनी रोक लगाने की शिकायतें सामने आई थीं। गुजरांवाला में अहमदिया समुदाय की धार्मिक सभाओं पर रोक लगाई गई, जबकि सियालकोट में पुलिस ने छह स्थानों पर हस्तक्षेप कर ईद के दिन सभी धार्मिक गतिविधियाँ रुकवा दीं।

21 मार्च 2026 को फैसलाबाद में नमाज़ के दौरान लोगों को एक इबादतगाह से बाहर निकाल दिए जाने की भी खबर थी। इसके अलावा सरगोधा में कई इबादतगाहों को सील कर दिया गया था। एमनेस्टी इंटरनेशनल के अनुसार ये घटनाएँ एक बार-बार दिखाई देने वाले ऐसे पैटर्न को दर्शाती हैं, जो धर्म और आस्था की स्वतंत्रता के अधिकार में गैरकानूनी हस्तक्षेप के समान है।

आगे क्या होगा

एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पंजाब सरकार से माँग की है कि ईद के दौरान अहमदियों के विरुद्ध हुई हिंसा, उत्पीड़न और भेदभाव की पुरानी घटनाओं की स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी जाँच कराई जाए। साथ ही एक प्रभावी शिकायत और जवाबदेही तंत्र बनाया जाए ताकि आने वाली ईद-उल-अजहा के दौरान किसी भी अधिकार उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई हो सके — चाहे दोषी सरकारी अधिकारी हों या गैर-सरकारी व्यक्ति। चेनाब नगर गोलीबारी मामले में पुलिस जाँच जारी है और हमलावर अभी तक फरार है।

संपादकीय दृष्टिकोण

ये हमले बेरोकटोक जारी रहने का खतरा है।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चेनाब नगर में अहमदिया इबादतगाह पर गोलीबारी की घटना क्या है?
7 जून 2026 को पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के चेनाब नगर में एक अज्ञात हमलावर ने अल-अक्सा इबादतगाह के बाहर तैनात तीन अहमदिया स्वयंसेवकों पर गोलियाँ चलाईं। हमलावर मोटरसाइकिल पर आया और फायरिंग के बाद फरार हो गया; एक घायल की हालत गंभीर बताई जा रही है।
क्या इससे पहले भी चेनाब नगर में अहमदियों पर हमला हुआ था?
हाँ, अहमदिया समुदाय के प्रवक्ता आमिर महमूद के अनुसार पिछले कुछ महीनों में यह चेनाब नगर में समुदाय को निशाना बनाकर किया गया दूसरा हमला है। इससे समुदाय में सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता बढ़ गई है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने पाकिस्तान सरकार से क्या माँग की है?
एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मई 2026 में पंजाब की मुख्यमंत्री मरियम नवाज को पत्र लिखकर अहमदियों के विरुद्ध हिंसा की स्वतंत्र और पारदर्शी जाँच, एक प्रभावी जवाबदेही तंत्र और धर्म की स्वतंत्रता सहित मूलभूत अधिकारों की सुरक्षा की माँग की है। संगठन ने चेताया था कि ईद जैसे धार्मिक त्योहारों के आसपास ऐसी घटनाएँ बढ़ जाती हैं।
पाकिस्तान के पंजाब में अहमदियों के खिलाफ और कौन-सी घटनाएँ दर्ज हुई हैं?
एमनेस्टी इंटरनेशनल के दस्तावेज़ों के अनुसार गुजरांवाला में अहमदिया धार्मिक सभाओं पर रोक लगाई गई, सियालकोट में पुलिस ने छह स्थानों पर ईद की धार्मिक गतिविधियाँ रुकवाईं, 21 मार्च 2026 को फैसलाबाद में नमाज़ के दौरान लोगों को इबादतगाह से निकाला गया और सरगोधा में कई इबादतगाहें सील की गईं।
इस गोलीबारी मामले में पुलिस ने क्या कार्रवाई की है?
पुलिस में एफआईआर दर्ज की गई है और जाँच जारी है। हमलावर अभी तक फरार है। घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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