सीबीडीटी ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 219 एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट्स पर किए हस्ताक्षर, व्यापार में सुधार की उम्मीद
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने मंगलवार को जानकारी दी कि केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने वित्त वर्ष 2025-26 में 219 एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट्स (एपीए) पर हस्ताक्षर किए हैं, जो किसी एक वित्त वर्ष में एपीए साइन करने का अब तक का सबसे अधिक आंकड़ा है।
पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में, सीबीडीटी ने 174 एपीए पर हस्ताक्षर किए थे। अब तक कुल 1,034 एपीए साइन किए जा चुके हैं।
इनकम टैक्स की ओर से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा गया कि सीबीडीटी ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 219 एडवांस प्राइसिंग एग्रीमेंट्स पर हस्ताक्षर किए हैं, जो पिछले वर्ष के 174 एपीए के रिकॉर्ड को पार कर गया है और पहली बार कुल संख्या 1,000 के पार पहुंची है।
पोस्ट में यह भी बताया गया कि एपीए कार्यक्रम की सफलता ने भारत सरकार के व्यापार करने में आसानी बढ़ाने के प्रयास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, विशेष रूप से सीमा पार लेनदेन में शामिल बहुराष्ट्रीय कंपनियों के लिए।
एपीए कार्यक्रम, सेफ हार्बर नियमों के साथ मिलकर, कर संबंधी निश्चितता प्रदान करता है, विवादों को कम करता है और एक पारदर्शी एवं विश्वास पैदा करने वाली कर व्यवस्था को मजबूत करता है।
एपीए करदाता (जो आमतौर पर बहुराष्ट्रीय कंपनियाँ होती हैं) और कर अधिकारियों (जैसे कि भारत में सीबीडीटी) के बीच एक औपचारिक समझौता है। यह एक निश्चित भविष्य की अवधि के लिए 'ट्रांसफर प्राइसिंग' (जुड़ी कंपनियों के बीच लेनदेन) के तौर-तरीकों को पहले से तय करता है, जिससे भविष्य के टैक्स विवादों और दोहरे कराधान से बचा जा सके।
उदाहरण के लिए, यदि एक कंपनी भारत में अपनी विदेशी शाखा से सामान खरीदती है, तो एपीए के तहत पहले ही यह तय किया जाएगा कि उस सामान की कीमत किस आधार पर निर्धारित होगी, ताकि बाद में टैक्स विवाद न हो।