आरकॉम बैंक धोखाधड़ी: सीबीआई ने ग्रुप MD अमिताभ झुनझुनवाला को गिरफ्तार किया, ₹19,694 करोड़ बकाया
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 1 जून 2026 को रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (आरकॉम) के ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर अमिताभ झुनझुनवाला को मुंबई की एक विशेष अदालत में पेश करने के बाद औपचारिक रूप से गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि झुनझुनवाला ने कॉर्पोरेट फाइनेंस और बैंकिंग संचालन की देखरेख करते हुए बैंक लोन के दुरुपयोग में केंद्रीय भूमिका निभाई, जिससे 17 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को कथित तौर पर ₹19,694.33 करोड़ का नुकसान हुआ।
मुख्य घटनाक्रम
झुनझुनवाला पहले से नई दिल्ली की तिहाड़ सेंट्रल जेल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के एक अलग मामले में न्यायिक हिरासत में थे। सीबीआई ने उन्हें मुंबई लाने के लिए मुंबई के विशेष न्यायाधीश से प्रोडक्शन वारंट हासिल किए। जेल प्रशासन ने उन्हें यात्रा से पहले नई दिल्ली स्थित एम्स में चिकित्सा जांच के लिए भेजा, जहाँ मेडिकल बोर्ड ने उन्हें यात्रा के लिए उपयुक्त घोषित किया। 1 जून को मुंबई अदालत में पेशी के बाद सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया और अदालत ने इसे रिकॉर्ड पर लिया। फिलहाल उन्हें आर्थर रोड जेल भेज दिया गया है और उनकी पुलिस हिरासत याचिका पर अगले दिन सुनवाई निर्धारित है।
आरोपों का विवरण
सीबीआई की एफआईआर भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की शिकायत पर आरकॉम और अनिल डी. अंबानी के खिलाफ दर्ज की गई थी। शिकायत में SBI को कथित तौर पर ₹2,929.05 करोड़ के नुकसान का आरोप लगाया गया था। SBI के नेतृत्व में 11 बैंकों के समूह द्वारा स्वीकृत टर्म लोन के मामले में कुल नुकसान ₹6,015 करोड़ बताया गया है। आरोप है कि झुनझुनवाला बैंक अधिकारियों के साथ लोन के लिए समन्वय करते थे और उनके निर्देशों पर प्राप्त राशि का उपयोग आरकॉम समूह के अन्य अधिकारियों द्वारा किया जाता था। चूंकि कंपनी ने राशि नहीं लौटाई, इसलिए संबंधित खाते नॉन-परफॉर्मिंग एसेट (NPA) घोषित हो गए।
व्यापक जांच का दायरा
सीबीआई ने आरकॉम मामले में यह पहली गिरफ्तारी नहीं की है। एजेंसी ने विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की शिकायतों के आधार पर आरकॉम, आरएचएफएल, आरसीएफएल और आरटीएल के खिलाफ 6 अन्य एफआईआर भी दर्ज की हैं। गौरतलब है कि इन सभी मामलों की जांच की निगरानी सर्वोच्च न्यायालय कर रहा है। इससे पहले 29 मई को सीबीआई ने आरकॉम मामले में अपनी पहली चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें 16 आरोपी — आरकॉम के 5 वरिष्ठ अधिकारी और 10 बैंक अधिकारी — शामिल थे।
मामले का संदर्भ
यह मामला भारत के सबसे बड़े कॉर्पोरेट ऋण चूक प्रकरणों में से एक है। आरकॉम, जो एक समय भारत की प्रमुख दूरसंचार कंपनियों में से थी, दिवालियापन कार्यवाही में जा चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब बैंकिंग क्षेत्र में एनपीए की समस्या और कॉर्पोरेट धोखाधड़ी के मामलों में सख्त जवाबदेही की माँग तेज हो रही है।
आगे क्या होगा
झुनझुनवाला की पुलिस हिरासत याचिका पर सुनवाई अगले दिन निर्धारित है। जांच अभी जारी है और सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी में होने के कारण इस मामले में और गिरफ्तारियों की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।