₹6,015 करोड़ बैंक धोखाधड़ी: सीबीआई ने आरकॉम के एमडी अमिताभ झुनझुनवाला को मुंबई में गिरफ्तार किया
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने 1 जून 2026 को रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) ग्रुप के पूर्व ग्रुप मैनेजिंग डायरेक्टर अमिताभ झुनझुनवाला को ₹6,015 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में औपचारिक रूप से गिरफ्तार किया। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (एसबीआई) के नेतृत्व वाले 11 बैंकों के कंसोर्टियम को हुए इस कथित नुकसान के संबंध में सीबीआई ने एक आधिकारिक बयान जारी कर यह जानकारी दी।
मुख्य आरोप और भूमिका
सीबीआई के अनुसार, झुनझुनवाला आरकॉम ग्रुप में कॉर्पोरेट फाइनेंस, बैंकिंग और फंड मैनेजमेंट जैसे अहम विभागों की देखरेख करते थे। जांच एजेंसी का आरोप है कि उन्होंने लोन और एडवांस के लिए बैंकों के वरिष्ठ अधिकारियों से सीधे समन्वय किया। उनके निर्देशों पर बैंकों से प्राप्त ऋण राशि का प्रबंधन और उपयोग आरकॉम समूह के अन्य अधिकारियों द्वारा किया गया, जिससे कथित तौर पर बैंकों को अनुचित वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।
सीबीआई के बयान में यह भी कहा गया है कि झुनझुनवाला रिलायंस कम्युनिकेशंस ग्रुप की कंपनियों के प्रवर्तकों से निर्देश प्राप्त कर रहे थे। कंपनी द्वारा ऋण चुकाने में विफल रहने पर संबंधित खाते एनपीए (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट) घोषित हो गए।
एफआईआर और वित्तीय नुकसान का विवरण
यह मामला एसबीआई की शिकायत पर दर्ज किया गया था, जिसमें रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और अनिल डी. अंबानी को आरोपी बनाया गया है। एसबीआई को अकेले ₹2,929.05 करोड़ का नुकसान होने का आरोप है। 11 बैंकों के कंसोर्टियम को कुल मिलाकर ₹6,015 करोड़ का नुकसान बताया गया है, जबकि 17 सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के प्रति आरकॉम की कुल देनदारी ₹19,694.33 करोड़ थी।
सीबीआई ने विभिन्न सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों और भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) की शिकायतों के आधार पर आरकॉम, आरएचएफएल, आरसीएफएल और आरटीएल के खिलाफ 6 अन्य एफआईआर भी दर्ज की हैं। इन सभी मामलों की जांच पर सर्वोच्च न्यायालय की निगरानी है।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया
गिरफ्तारी से पूर्व झुनझुनवाला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा जांचे जा रहे एक अलग मामले में दिल्ली की तिहाड़ जेल में न्यायिक हिरासत में थे। मौजूदा मामले में उन्हें हिरासत में लेने के लिए मुंबई के विशेष न्यायाधीश से पेशी वारंट प्राप्त किए गए।
जेल अधिकारियों ने पहले आरोपी को चिकित्सा परीक्षण के लिए नई दिल्ली स्थित एम्स भेजा, जहाँ मेडिकल बोर्ड ने उन्हें यात्रा के लिए स्वस्थ घोषित किया। इसके बाद उन्हें मुंबई लाया गया और 1 जून को मुंबई की अदालत में पेश किया गया। पेशी के बाद सीबीआई ने औपचारिक गिरफ्तारी की, जिसे अदालत ने रिकॉर्ड में दर्ज किया। झुनझुनवाला को आरकॉम मामले में न्यायिक हिरासत में आर्थर रोड जेल भेज दिया गया। उनकी पुलिस हिरासत याचिका पर अगले दिन सुनवाई निर्धारित है।
चार्जशीट और जांच की स्थिति
सीबीआई ने आरकॉम मामले में 29 मई 2026 को अपनी पहली चार्जशीट दायर की थी, जिसमें 16 आरोपियों के नाम शामिल हैं — इनमें कंपनी, आरकॉम के पाँच वरिष्ठ अधिकारी और 10 बैंक अधिकारी शामिल हैं। गौरतलब है कि यह मामला भारत के सबसे बड़े कॉर्पोरेट ऋण चूक प्रकरणों में से एक है, जो एक दशक से अधिक समय से न्यायिक और जांच प्रक्रिया के विभिन्न चरणों में है। झुनझुनवाला की गिरफ्तारी इस मामले में जांच के एक नए और निर्णायक चरण का संकेत देती है।