8 अगस्त 2026
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सीबीआई ने 1 मई से क्यूआर कोड लागू करने का किया ऐलान, साइबर ठगी और फर्जी नोटिसों के खिलाफ नया कदम

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सीबीआई ने 1 मई से क्यूआर कोड लागू करने का किया ऐलान, साइबर ठगी और फर्जी नोटिसों के खिलाफ नया कदम

सारांश

सीबीआई ने साइबर ठगी और नकली नोटिसों के मामलों को रोकने के लिए 1 मई से क्यूआर कोड की प्रणाली लागू करने की घोषणा की है। यह कदम नागरिकों को धोखाधड़ी से बचाने में सहायक होगा।

मुख्य बातें

सीबीआई द्वारा सभी नोटिसों पर क्यूआर कोड लगाया जाएगा।
यह प्रणाली 1 मई 2026 से लागू होगी।
क्यूआर कोड की मदद से नोटिस की सत्यता की जांच की जा सकेगी।
साइबर ठगी से नागरिकों की रक्षा के लिए यह कदम उठाया गया है।
हेल्पबॉट 'अभय' से जानकारी तुरंत प्राप्त की जा सकेगी।

नई दिल्ली, 20 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने साइबर ठगी और नकली नोटिसों के मामलों को समाप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाने का निर्णय लिया है। 1 मई 2026 से सीबीआई द्वारा जारी सभी आधिकारिक नोटिसों पर एक विशेष क्यूआर कोड

सीबीआई के सूत्रों के अनुसार, प्रत्येक नोटिस पर एक अलग और अद्वितीय क्यूआर कोड होगा, जिसे स्कैन करके यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि नोटिस असली है या नहीं। इसके साथ ही, यह जानकारी भी मिलेगी कि नोटिस कब तक मान्य है। यदि नोटिस की वैधता समाप्त हो जाती है, तो उस नोटिस से संबंधित क्यूआर कोड अपने आप निष्क्रिय हो जाएगा, जिससे किसी भी प्रकार का दुरुपयोग नहीं किया जा सकेगा।

अधिकारी बताते हैं कि हाल के समय में साइबर अपराधियों द्वारा नकली नोटिस और फर्जी जांच एजेंसियों के माध्यम से लोगों को डराकर ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए, यह तकनीकी व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया गया है ताकि आम जनता आसानी से असली और नकली नोटिस में अंतर कर सके।

इसके अतिरिक्त, सीबीआई ने यह भी बताया है कि यदि किसी को कोई संदेह या शंका होती है, तो वे अब सीबीआई के नए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित हेल्पबॉट 'अभय' की सहायता ले सकते हैं। इस हेल्पबॉट के माध्यम से लोग नोटिस पर दिए गए क्यूआर कोड को स्कैन करके उसकी सत्यता की जांच कर सकते हैं और तुरंत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

सीबीआई का मानना है कि इस नई प्रणाली से न केवल जांच प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि आम नागरिकों का विश्वास भी मजबूत होगा। साथ ही, यह साइबर अपराधियों की गतिविधियों पर भी काफी हद तक नियंत्रण पाने में मदद करेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि सीबीआई का यह कदम साइबर अपराधों के खिलाफ एक प्रशंसनीय प्रयास है। यह न केवल नागरिकों को सुरक्षित करेगा, बल्कि जांच प्रक्रियाओं में पारदर्शिता को भी सुनिश्चित करेगा।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्यूआर कोड का उद्देश्य क्या है?
क्यूआर कोड का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सीबीआई के नोटिस असली हैं और धोखाधड़ी से बचाना है।
कब से क्यूआर कोड लागू किया जाएगा?
क्यूआर कोड का उपयोग 1 मई 2026 से सभी सीबीआई नोटिसों पर किया जाएगा।
यदि मुझे नोटिस पर संदेह हो, तो मैं क्या करूं?
आप सीबीआई के हेल्पबॉट 'अभय' का उपयोग करके नोटिस की सत्यता की जांच कर सकते हैं।
क्या क्यूआर कोड का दुरुपयोग हो सकता है?
नहीं, क्यूआर कोड की वैधता समाप्त होने पर वह अपने आप निष्क्रिय हो जाएगा, जिससे दुरुपयोग नहीं हो सकेगा।
सीबीआई यह कदम क्यों उठा रही है?
सीबीआई यह कदम साइबर अपराधियों के बढ़ते मामलों को रोकने और नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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