17 जुलाई 2026
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बिहार में साइबर अपराध रोकथाम: मुख्य सचिव व DGP की उच्चस्तरीय बैठक, 21 जुलाई को 'साइबर मंगलवार'

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बिहार में साइबर अपराध रोकथाम: मुख्य सचिव व DGP की उच्चस्तरीय बैठक, 21 जुलाई को 'साइबर मंगलवार'

सारांश

बिहार में साइबर ठगी पर लगाम कसने के लिए मुख्य सचिव और DGP ने संयुक्त उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। 'ऑपरेशन साइबर प्रहार' को मिशन मोड में चलाने के निर्देश दिए गए और 21 जुलाई को पूरे राज्य में 'साइबर मंगलवार' के रूप में जागरूकता अभियान चलाने का फैसला किया गया।

मुख्य बातें

17 जुलाई 2026 को बिहार के मुख्य सचिव और DGP की संयुक्त अध्यक्षता में साइबर अपराध रोकथाम पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई।
बिहार पुलिस के 'ऑपरेशन साइबर प्रहार' को मिशन मोड में संचालित करने के निर्देश दिए गए।
21 जुलाई 2026 को पूरे बिहार में 'साइबर मंगलवार' मनाया जाएगा — स्कूल, कॉलेज, पंचायत और बैंक शाखाओं में जागरूकता कार्यक्रम होंगे।
नागरिकों को साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के उपयोग की जानकारी दी जाएगी।
साइबर ठगी में प्रयुक्त बैंक खातों और मोबाइल नंबरों पर त्वरित कार्रवाई और अंतरराज्यीय समन्वय पर विशेष ज़ोर दिया गया।

बिहार में साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए 17 जुलाई 2026 को राज्य के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक (DGP) की संयुक्त अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के ज़रिए हुई इस बैठक में राज्य के सभी जिलाधिकारियों, वरीय पुलिस अधीक्षकों और साइबर प्रकोष्ठ के अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक में तय किया गया कि 21 जुलाई 2026 को पूरे बिहार में 'साइबर मंगलवार' मनाया जाएगा।

बैठक में क्या-क्या हुआ

बैठक के दौरान साइबर ठगी के बदलते तरीकों, डिजिटल साक्ष्यों के संरक्षण, मामलों के त्वरित निष्पादन और अंतरराज्यीय समन्वय पर विस्तार से चर्चा हुई। सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि साइबर अपराध के मामलों में दोषियों के विरुद्ध कठोर एवं समयबद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

गौरतलब है कि साइबर ठगी के तरीके तेज़ी से बदल रहे हैं — फर्ज़ी कस्टमर केयर कॉल से लेकर डिजिटल अरेस्ट और QR कोड स्कैम तक — जिससे आम नागरिक, विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों के लोग, सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।

ऑपरेशन साइबर प्रहार की समीक्षा

बैठक में बिहार पुलिस के विशेष अभियान 'ऑपरेशन साइबर प्रहार' की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस अभियान के तहत साइबर ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे बैंक खातों और मोबाइल नंबरों पर त्वरित कार्रवाई, तकनीकी विश्लेषण और साइबर नेटवर्क को ध्वस्त करने के प्रयासों को और प्रभावी बनाने पर बल दिया गया।

सभी जिलों को निर्देश दिया गया कि इस अभियान को मिशन मोड में संचालित करते हुए नियमित कार्रवाई और सतत मॉनिटरिंग जारी रखी जाए। DGP ने सभी पुलिस अधीक्षकों को तकनीकी संसाधनों के प्रभावी उपयोग और साइबर हेल्पलाइन 1930 के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए।

मुख्य सचिव और DGP के निर्देश

मुख्य सचिव ने कहा कि साइबर अपराध की रोकथाम केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं, बल्कि यह जन-जागरूकता से भी सीधे जुड़ा है। उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग, बैंकिंग संस्थानों, पंचायतों और स्वयं सहायता समूहों के सहयोग से व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए।

DGP ने स्पष्ट किया कि साइबर अपराधियों के विरुद्ध लगातार और समन्वित कार्रवाई ही इस चुनौती का प्रभावी समाधान है। उन्होंने शिकायतों के समयबद्ध निष्पादन पर विशेष ज़ोर दिया।

21 जुलाई: 'साइबर मंगलवार' अभियान

21 जुलाई 2026 को पूरे बिहार में 'साइबर मंगलवार' के रूप में मनाया जाएगा। इस दिन विद्यालयों, महाविद्यालयों, पंचायतों, सरकारी कार्यालयों, बैंक शाखाओं और सार्वजनिक स्थलों पर साइबर सुरक्षा कार्यक्रम, जागरूकता रैलियाँ, कार्यशालाएँ और संवाद आयोजित किए जाएंगे।

नागरिकों को सुरक्षित डिजिटल लेन-देन, साइबर ठगी से बचाव के उपाय तथा साइबर हेल्पलाइन 1930 और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल के उपयोग की जानकारी दी जाएगी।

आगे की राह

बैठक के अंत में सभी जिलों को 'रोकथाम, त्वरित कार्रवाई एवं व्यापक जन-जागरूकता' की त्रिस्तरीय रणनीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए। राज्य सरकार का लक्ष्य 'साइबर सुरक्षित बिहार' के विज़न को साकार करना है, जिसमें जनभागीदारी को केंद्र में रखा गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा एक दिन के जागरूकता अभियान से आगे की है। राज्य में ग्रामीण डिजिटल साक्षरता की दर अभी भी राष्ट्रीय औसत से पीछे है, और साइबर ठगी के सबसे ज़्यादा शिकार वही लोग बनते हैं जिन तक हेल्पलाइन 1930 की जानकारी नहीं पहुँचती। बैठक में अंतरराज्यीय समन्वय की बात हुई, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि झारखंड के जामताड़ा जैसे ज्ञात साइबर अपराध केंद्रों के साथ ठोस तंत्र कितना प्रभावी है। जब तक जिला-स्तरीय साइबर इकाइयों की क्षमता और संसाधन नहीं बढ़ते, ये बैठकें नीयत की घोषणा तो करती हैं, नतीजे की गारंटी नहीं।
RashtraPress
17 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार में 'साइबर मंगलवार' क्या है और यह कब मनाया जाएगा?
'साइबर मंगलवार' बिहार सरकार की एक जागरूकता पहल है, जो 21 जुलाई 2026 को पूरे राज्य में मनाई जाएगी। इस दिन स्कूलों, कॉलेजों, पंचायतों, बैंक शाखाओं और सार्वजनिक स्थलों पर साइबर सुरक्षा कार्यक्रम, रैलियाँ और कार्यशालाएँ आयोजित होंगी।
ऑपरेशन साइबर प्रहार क्या है?
'ऑपरेशन साइबर प्रहार' बिहार पुलिस का एक विशेष अभियान है, जिसके तहत साइबर अपराधियों के विरुद्ध समन्वित कार्रवाई की जाती है। इसमें ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों और मोबाइल नंबरों को ब्लॉक करना, तकनीकी विश्लेषण और अंतरराज्यीय समन्वय शामिल है।
साइबर ठगी का शिकार होने पर कहाँ शिकायत करें?
साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। जितनी जल्दी शिकायत होगी, ठगी में गई राशि वापस मिलने की संभावना उतनी अधिक होती है।
इस बैठक में कौन-कौन से अधिकारी शामिल हुए?
बैठक में राज्य के सभी जिलाधिकारी, वरीय पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक और साइबर प्रकोष्ठ के DSP (साइबर) सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भाग लिया।
बिहार सरकार साइबर अपराध रोकने के लिए क्या रणनीति अपना रही है?
बिहार सरकार ने 'रोकथाम, त्वरित कार्रवाई एवं व्यापक जन-जागरूकता' की त्रिस्तरीय रणनीति अपनाई है। इसमें 'ऑपरेशन साइबर प्रहार' के ज़रिए कानूनी कार्रवाई, जिला प्रशासन-बैंक-पंचायत के सहयोग से जागरूकता अभियान और 'साइबर मंगलवार' जैसे जन-भागीदारी कार्यक्रम शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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