दिल्ली पुलिस ACP पर रिवॉल्वर दिखाने का आरोप, सेंट्रल दिल्ली बार एसोसिएशन ने मुख्यालय घेराव की चेतावनी दी
सारांश
मुख्य बातें
सेंट्रल दिल्ली बार एसोसिएशन के वकीलों का दिल्ली पुलिस के एक सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) के विरुद्ध विरोध-प्रदर्शन बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को भी जारी रहा। आरोप है कि उक्त ACP ने एसोसिएशन के सचिव व एक वकील को धमकाया और उनके सामने रिवॉल्वर निकाल ली। एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एडवोकेट विकास त्रिपाठी ने चेतावनी दी है कि यदि माँगें नहीं मानी गईं तो गुरुवार, 29 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस मुख्यालय का घेराव किया जाएगा।
मुख्य घटनाक्रम
विवाद की शुरुआत 23 अक्टूबर को शाहदरा इलाके में हुई, जब कुछ वकीलों के बीच बहस हो गई। सेंट्रल दिल्ली कोर्ट बार एसोसिएशन के सचिव विजय बिश्नोई के अनुसार, इस झड़प में एक वकील के सिर में गंभीर चोट लगी और उन्हें 7-8 टांके लगाने पड़े। काफी प्रयास के बाद पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध धारा 308 के तहत मामला दर्ज किया।
बिश्नोई ने बताया कि थाने में यह भरोसा दिलाया गया था कि आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा, लेकिन जब वकील 24 अक्टूबर को FIR की प्रति लेने पहुँचे, तो पता चला कि आरोपियों को रात में ही छोड़ दिया गया था।
ACP पर रिवॉल्वर दिखाने का गंभीर आरोप
एडवोकेट विकास त्रिपाठी ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'हमारे बार एसोसिएशन के सेक्रेटरी दिल्ली पुलिस के पास गए थे और उनके खिलाफ ACP ही बंदूक में गोलियां भर रहा था। इसका वीडियो भी मौजूद है।' उन्होंने सवाल उठाया कि एक ACP को ऐसा करने की हिम्मत कहाँ से मिली।
विश्नोई ने बताया कि वकीलों द्वारा विरोध जताने पर ACP ने अपनी रिवॉल्वर निकाल ली, धमकाया और तत्पश्चात कथित तौर पर एक झूठी शिकायत पर 24 अक्टूबर को वकीलों के खिलाफ FIR भी दर्ज करा दी। पुलिस की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
वकीलों की माँगें और हड़ताल
एडवोकेट त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि एसोसिएशन की प्रमुख माँग संबंधित ACP का तत्काल निलंबन है। उन्होंने कहा, 'जब तक उन्हें सस्पेंड नहीं किया जाता, तब तक हम अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहेंगे।' वकीलों की हड़ताल से दिल्ली की केंद्रीय अदालतों में सुनवाई बाधित होने की आशंका है, जिससे सैकड़ों मुवक्किलों की पेशियाँ प्रभावित हो सकती हैं।
आम जनता और न्यायिक प्रक्रिया पर असर
त्रिपाठी ने व्यापक चिंता जताते हुए कहा, 'दिल्ली पुलिस रक्षक के बजाय भक्षक बन गई है। जब लोगों को कोई समस्या होती है तो वे पहले पुलिस के पास जाते हैं, फिर वकीलों के पास। अगर वकीलों को भी बेबस करने की कोशिश की जाएगी, तो हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे।' अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहने पर सेंट्रल दिल्ली की अदालतों में न्यायिक कार्यवाही ठप पड़ सकती है।
क्या होगा आगे
सेंट्रल दिल्ली बार एसोसिएशन ने 29 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस मुख्यालय के बाहर बड़ी संख्या में वकीलों को एकत्रित करने का आह्वान किया है। यह देखना अहम होगा कि दिल्ली पुलिस प्रशासन ACP के निलंबन की माँग पर क्या कदम उठाता है। गौरतलब है कि वकील-पुलिस टकराव की यह घटना ऐसे समय में आई है जब देश के विभिन्न राज्यों में वकीलों और पुलिस के बीच तनाव की खबरें सामने आती रही हैं।