28 अक्टूबर 2026
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सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने शाहदरा पुलिस के बर्ताव की निंदा की, एसीपी सस्पेंशन की मांग

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सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन ने शाहदरा पुलिस के बर्ताव की निंदा की, एसीपी सस्पेंशन की मांग

सारांश

शाहदरा पुलिस स्टेशन में एक एसीपी द्वारा कथित तौर पर रिवॉल्वर दिखाकर वकीलों को धमकाने का मामला अब राष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ रहा है। SCBA ने औपचारिक प्रस्ताव पारित कर दोषी अधिकारियों पर तत्काल कार्रवाई माँगी है और दिल्ली की सभी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में वकीलों ने एक दिन की हड़ताल कर दी।

मुख्य बातें

SCBA ने 28 अक्टूबर 2026 को शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकीलों के साथ कथित दुर्व्यवहार की औपचारिक प्रस्ताव के जरिये निंदा की।
एक एसीपी पर आरोप है कि उसने वकीलों को डराने के लिए रिवॉल्वर दिखाई।
दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशन कोऑर्डिनेशन कमेटी ने संबंधित एसीपी और एसएचओ को तत्काल निलंबित करने की माँग की।
27 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को वकीलों ने दिल्ली की सभी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में न्यायिक कार्य बंद रखा।
प्रस्ताव SCBA की ऑनरेरी सेक्रेटरी प्रज्ञा बघेल ने जारी किया।

सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने 28 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकीलों के साथ पुलिस अधिकारियों के कथित डराने-धमकाने वाले व्यवहार की कड़ी निंदा की। मामले में यह भी आरोप है कि एक सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) ने वकीलों को भयभीत करने के लिए अपनी रिवॉल्वर दिखाई।

प्रस्ताव में क्या कहा गया

SCBA की एग्जीक्यूटिव कमेटी ने बुधवार को पारित एक औपचारिक प्रस्ताव में कथित व्यवहार को 'वकीलों की गरिमा, स्वतंत्रता और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा' बताया और इसे न्यायपालिका का अपमान करार दिया। प्रस्ताव में स्पष्ट कहा गया, 'कानून के शासन से चलने वाले समाज में, जो वकील सही तरीके से न्याय की माँग कर रहे हैं, उन्हें डराने के लिए बंदूक का इस्तेमाल करना या उसे दिखाना बर्दाश्त नहीं किया जा सकता।' यह प्रस्ताव SCBA की ऑनरेरी सेक्रेटरी प्रज्ञा बघेल ने जारी किया।

मुख्य घटनाक्रम

बार एसोसिएशन ने दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के वकीलों के साथ एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि वकीलों को उनके पेशेवर कार्य से रोकने या उन्हें धमकाने का कोई भी प्रयास 'कानूनी पेशे की स्वतंत्रता और न्याय प्रशासन पर सीधा हमला है।' SCBA ने दोषी अधिकारियों के विरुद्ध 'तत्काल और कड़ी कार्रवाई' की माँग की।

गौरतलब है कि यह विवाद तब भड़का जब वकील जवाबदेही की माँग लेकर शाहदरा पुलिस स्टेशन पहुँचे थे। आरोप है कि वहाँ मौजूद एसीपी ने रिवॉल्वर निकालकर वकीलों को धमकाया।

कोऑर्डिनेशन कमेटी की माँग

दिल्ली के सभी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार एसोसिएशन की कोऑर्डिनेशन कमेटी ने संबंधित एसीपी को तत्काल निलंबित करने की माँग की है। कमेटी ने संबंधित एसएचओ को भी निष्पक्ष जाँच पूरी होने तक निलंबित रखने की माँग उठाई है।

वकीलों का विरोध

कमेटी के एकमत प्रस्ताव के बाद वकीलों ने 27 अक्टूबर 2026 (मंगलवार) को राष्ट्रीय राजधानी की सभी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में न्यायिक कार्य से विरत रहकर अपना विरोध दर्ज कराया। इस हड़ताल से दिल्ली की अदालतों में सुनवाई पर व्यापक असर पड़ा।

आगे क्या होगा

अभी तक दिल्ली पुलिस की ओर से इस प्रकरण पर कोई आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं हुआ है। SCBA ने स्पष्ट किया है कि वह दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई तक दबाव बनाए रखेगी। यह मामला वकील-पुलिस संबंधों को लेकर एक बड़े राष्ट्रीय विमर्श को जन्म दे सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

या इससे वास्तविक जवाबदेही तय होगी। दिल्ली पुलिस की चुप्पी चिंताजनक है, और जब तक आधिकारिक जाँच की समयसीमा तय नहीं होती, वकीलों का असंतोष और भी उग्र हो सकता है।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शाहदरा पुलिस स्टेशन में वकीलों के साथ क्या हुआ?
कथित तौर पर दिल्ली के शाहदरा पुलिस स्टेशन में एक एसीपी ने जवाबदेही माँगने पहुँचे वकीलों को रिवॉल्वर दिखाकर धमकाया। इस घटना के विरोध में वकीलों ने 27 अक्टूबर 2026 को दिल्ली की सभी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में कामकाज ठप कर दिया।
SCBA ने इस मामले में क्या कदम उठाया?
सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) की एग्जीक्यूटिव कमेटी ने 28 अक्टूबर 2026 को एक औपचारिक प्रस्ताव पारित कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध तत्काल और कड़ी कार्रवाई की माँग की। यह प्रस्ताव ऑनरेरी सेक्रेटरी प्रज्ञा बघेल ने जारी किया।
दिल्ली डिस्ट्रिक्ट कोर्ट बार कोऑर्डिनेशन कमेटी की क्या माँग है?
कोऑर्डिनेशन कमेटी ने संबंधित एसीपी को तत्काल निलंबित करने और संबंधित एसएचओ को निष्पक्ष जाँच पूरी होने तक निलंबित रखने की माँग की है। कमेटी ने इस कदम को न्याय प्रशासन की रक्षा के लिए अनिवार्य बताया है।
वकीलों की हड़ताल का क्या असर पड़ा?
27 अक्टूबर 2026 को दिल्ली की सभी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में वकीलों ने न्यायिक कार्य से विरत रहकर हड़ताल की। इससे राजधानी की जिला अदालतों में सुनवाई और मुकदमों की प्रक्रिया बाधित रही।
क्या दिल्ली पुलिस ने इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया दी है?
अब तक दिल्ली पुलिस की ओर से इस प्रकरण पर कोई आधिकारिक बयान सार्वजनिक नहीं हुआ है। SCBA ने स्पष्ट किया है कि वह दोषी अधिकारियों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई होने तक अपना दबाव बनाए रखेगी।
राष्ट्र प्रेस
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