चंडीगढ़ में बम धमकी ईमेल पर पुलिस सतर्क, एसएसपी कंवरदीप कौर की अध्यक्षता में बड़ी बैठक
सारांश
मुख्य बातें
चंडीगढ़ पुलिस ने 23 सितंबर 2026 को शहर में ईमेल के जरिए मिल रही बम की धमकियों के मद्देनजर स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी विभागों के प्रतिनिधियों के साथ एक अहम समन्वय बैठक आयोजित की। बैठक का मुख्य उद्देश्य ऐसी धमकियों से निपटने के लिए एक ठोस और व्यावहारिक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) तैयार करना था, जिसमें सभी हितधारकों की भूमिका स्पष्ट रूप से परिभाषित हो।
बैठक का स्वरूप और प्रमुख उपस्थिति
बैठक की अध्यक्षता एसएसपी कंवरदीप कौर ने की। एसएसपी ऑपरेशन्स राजेश शर्मा और एसपी सिटी विजय कुमार भी इस बैठक में उपस्थित रहे। शहर के प्राइवेट और सरकारी स्कूलों, बड़े अस्पतालों, फायर और इमरजेंसी सर्विसेज तथा इंजीनियरिंग विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने इसमें भाग लिया।
यह बैठक ऐसे समय में बुलाई गई है जब पिछले कुछ महीनों में देश के कई शहरों में स्कूलों, अस्पतालों और सरकारी इमारतों को ईमेल के जरिए बम से उड़ाने की धमकियाँ मिली हैं। चंडीगढ़ में भी इस तरह के मामले सामने आने के बाद पुलिस ने एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
सुरक्षा उपायों पर निर्देश
एसएसपी कंवरदीप कौर ने बैठक के दौरान सभी संस्थानों को अपने परिसरों में सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत करने के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी स्कूलों, अस्पतालों और अन्य संस्थानों को डीएफएम सुरक्षा उपाय अनिवार्य रूप से लागू करने होंगे।
इसके तहत सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाना, डीएफएमडी (डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर) लगाना और अन्य जरूरी सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था करना शामिल है। गौरतलब है कि यह निर्देश ऐसे समय में आए हैं जब शहर के कई संस्थान अभी तक पर्याप्त भौतिक सुरक्षा ढाँचे से वंचित हैं।
मॉक ड्रिल और आपातकालीन तैयारी
पुलिस ने सभी संस्थानों को हर महीने कम से कम एक बार मॉक ड्रिल आयोजित करने की सलाह दी है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी आपात स्थिति में छात्र, स्टाफ, मरीज और आम लोग घबराएँ नहीं और सुरक्षित ढंग से परिसर से बाहर निकाला जा सके।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नियमित अभ्यास से न केवल संस्थागत तैयारी बढ़ती है, बल्कि धमकी की स्थिति में समन्वित प्रतिक्रिया भी त्वरित और प्रभावी हो जाती है।
एसओपी में हितधारकों का सुझाव शामिल होगा
चंडीगढ़ पुलिस ने स्पष्ट किया कि ईमेल-आधारित बम धमकियों के लिए जो एसओपी तैयार की जा रही है, उसमें इस बैठक में शामिल हितधारकों के सुझाव और फीडबैक को भी समाहित किया जाएगा। पुलिस का लक्ष्य एक ऐसा व्यावहारिक और समन्वित रिस्पॉन्स सिस्टम खड़ा करना है, जो किसी भी धमकी की स्थिति में तुरंत सक्रिय हो सके और आम जनता, छात्रों तथा मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सके।
आम जनता से अपील
चंडीगढ़ पुलिस ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें। किसी संदिग्ध ईमेल या असामान्य गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दी जाए। पुलिस ने भरोसा दिलाया है कि हर सूचना पर त्वरित कार्रवाई की जाएगी और शहरवासियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।