19 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अहमदाबाद: ChatGPT से बने 686 फर्जी गरबा पास, दो आरोपियों ने ₹8 लाख की ठगी की

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अहमदाबाद: ChatGPT से बने 686 फर्जी गरबा पास, दो आरोपियों ने ₹8 लाख की ठगी की

सारांश

AI युग का नया साइबर अपराध — ChatGPT से तैयार किए गए फर्जी गरबा पास, Instagram पर सशुल्क विज्ञापन, और ₹8 लाख की ठगी। अहमदाबाद के इस मामले ने त्योहारी सीज़न में ऑनलाइन टिकट खरीदने वालों को आगाह किया है।

मुख्य बातें

अहमदाबाद में 686 फर्जी गरबा पास बेचकर ₹8 लाख की ठगी का मामला सामने आया।
मुख्य आरोपी वीरेंद्र सिंह राठौड़ (21) ने ChatGPT और AI से नकली पास बनाए, जिनमें QR कोड व बुकिंग आईडी तक शामिल थी।
दोनों आरोपी राजस्थान के निवासी; दूसरे आरोपी किशन सिंह राठौड़ (22) को सीकर ज़िले से गिरफ्तार किया गया।
Instagram पर सशुल्क विज्ञापन के ज़रिए पोस्ट लगभग 40,000 लोगों तक पहुँची।
अनंत एक्सपीरियंस के पास ₹5,000 की जगह ₹1,500 में, मंडपम के पास ₹500–600 में बेचे गए।
पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) डॉ.
लवीना सिन्हा ने नागरिकों को केवल आधिकारिक स्रोतों से टिकट खरीदने की सलाह दी।

अहमदाबाद की साइबर क्राइम शाखा ने 19 अक्टूबर 2026 को खुलासा किया कि नवरात्रि गरबा उत्सव के दौरान कथित तौर पर 686 फर्जी पास बेचकर भोले-भाले खरीदारों से ₹8 लाख की ठगी के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि मुख्य आरोपी ने ChatGPT और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस उपकरणों का उपयोग करके पेशेवर दिखने वाले नकली प्रवेश पास तैयार किए और Instagram पर सशुल्क विज्ञापनों के ज़रिए हज़ारों संभावित खरीदारों तक अपनी पहुँच बनाई।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्य आरोपी वीरेंद्र सिंह राठौड़ (21) ने 'वीर राजपूत' नाम से एक Instagram प्रोफ़ाइल बनाई थी। पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) डॉ. लवीना सिन्हा के अनुसार, उसने अहमदाबाद के प्रमुख गरबा आयोजकों की आधिकारिक वेबसाइटों और सोशल मीडिया पेजों से जानकारी व तस्वीरें इकट्ठी कीं और फिर ChatGPT की मदद से आधिकारिक पासों जैसे दिखने वाले दस्तावेज़ तैयार किए। इन फर्जी पासों में बुकिंग आईडी, संदर्भ संख्या और QR कोड तक शामिल थे, जिससे इनकी नकलीपन का पता अक्सर तभी चल पाता था जब खरीदार आयोजन स्थल पर पहुँचते थे।

दूसरा आरोपी किशन सिंह राठौड़ (22) — जो वीरेंद्र का साथी बताया जा रहा है — को तकनीकी जाँच के बाद राजस्थान के सीकर ज़िले से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों राजस्थान के निवासी हैं और पहले भी इस तरह के कार्यक्रमों में काम कर चुके हैं।

ठगी का तरीका

आरोपियों ने Meta की सशुल्क विज्ञापन सुविधा का उपयोग कर अहमदाबाद में नवरात्रि पास खरीदने के इच्छुक लक्षित दर्शकों तक अपनी पोस्ट को बूस्ट किया। साइबर क्राइम शाखा के अनुसार, उस Instagram अकाउंट की पोस्ट लगभग 40,000 लोगों तक पहुँची थी। आरोपियों ने कथित तौर पर आयोजकों के ईमेल पतों से मिलते-जुलते फर्जी ईमेल आईडी बनाए और उनके ज़रिए खरीदारों को पास भेजे। खरीदारों का भरोसा जीतने के लिए WhatsApp के माध्यम से भी संपर्क किया जाता था।

कीमतों की बात करें तो अनंत एक्सपीरियंस के पास — जिनकी घोषित कीमत ₹5,000 थी — कथित तौर पर महज़ ₹1,500 में विज्ञापित किए गए, जबकि मंडपम के पास ₹500–600 में बेचे गए। भारी छूट का यह लालच ही खरीदारों को फँसाने का मुख्य हथियार था।

AI का दुरुपयोग — नया साइबर खतरा

यह मामला इस बात का उदाहरण है कि कैसे Generative AI उपकरणों का इस्तेमाल अब साइबर अपराध में तेज़ी से हो रहा है। आयोजकों के लोगो, रंग-संयोजन और डिज़ाइन की नकल करते हुए इतने विश्वसनीय पास तैयार करना अब तकनीकी ज्ञान के बिना भी संभव हो गया है। डॉ. लवीना सिन्हा ने बताया कि पासों की असली-नकली जाँच केवल आयोजन स्थल पर ही होती थी, जिससे पीड़ितों को बेहद कम समय में धोखे का एहसास होता था।

गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब बड़े शहरों में नवरात्रि गरबा आयोजनों के लिए ऑनलाइन टिकट बुकिंग का चलन तेज़ी से बढ़ा है और साइबर ठग इसी का फायदा उठा रहे हैं।

पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच

साइबर क्राइम शाखा ने मामले की जाँच के बाद दोनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत गिरफ्तार किया है। पुलिस अभी यह जाँच कर रही है कि कुल कितने पीड़ित हैं और क्या इस ठगी का दायरा अहमदाबाद से बाहर भी है। डॉ. सिन्हा ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी आयोजन के पास केवल आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदें।

आम जनता पर असर और सावधानी

इस घटना ने ऑनलाइन टिकट खरीदने वाले उपभोक्ताओं के बीच सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि सशुल्क सोशल मीडिया विज्ञापन देकर की जाने वाली ठगी को पहचानना अधिक कठिन हो गया है, क्योंकि ये विज्ञापन वैध दिखते हैं। खरीदारों को हमेशा आयोजक की आधिकारिक साइट से टिकट की पुष्टि करनी चाहिए और असामान्य रूप से कम कीमत वाले ऑफर से सतर्क रहना चाहिए। आने वाले त्योहारी सीज़न को देखते हुए पुलिस इस तरह के साइबर फ्रॉड पर कड़ी नज़र रखने की बात कह रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 लोगों तक पहुँचना यह भी बताता है कि सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म की विज्ञापन-सत्यापन प्रणाली में बड़ी खामियाँ हैं। जब तक प्लेटफ़ॉर्म कंपनियाँ इवेंट-टिकट विज्ञापनों की पड़ताल नहीं करतीं, हर त्योहार पर ऐसे मामले दोहराते रहेंगे।
RashtraPress
19 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद गरबा पास ठगी में क्या हुआ?
अहमदाबाद में नवरात्रि गरबा कार्यक्रमों के लिए कथित तौर पर 686 फर्जी पास बेचकर लगभग ₹8 लाख की ठगी की गई। साइबर क्राइम शाखा ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने ChatGPT से नकली पास बनाए और Instagram पर सशुल्क विज्ञापन देकर खरीदारों को फँसाया।
आरोपियों ने ChatGPT का इस्तेमाल कैसे किया?
मुख्य आरोपी वीरेंद्र सिंह राठौड़ ने आयोजकों की आधिकारिक वेबसाइटों और सोशल मीडिया से जानकारी और तस्वीरें इकट्ठी कीं और ChatGPT तथा AI उपकरणों की मदद से बुकिंग आईडी, संदर्भ संख्या व QR कोड सहित पेशेवर दिखने वाले फर्जी पास तैयार किए। इन पासों की नकलीपन का पता अक्सर तभी चलता था जब पीड़ित आयोजन स्थल पर पहुँचते थे।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं और उन्हें कहाँ से पकड़ा गया?
दोनों आरोपी राजस्थान के निवासी हैं। मुख्य आरोपी वीरेंद्र सिंह राठौड़ (21) अहमदाबाद से और उसका साथी किशन सिंह राठौड़ (22) तकनीकी जाँच के बाद राजस्थान के सीकर ज़िले से गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, दोनों पहले भी इस तरह के आयोजनों में काम कर चुके हैं।
फर्जी पास कितनी कम कीमत पर बेचे गए?
अनंत एक्सपीरियंस के पास — जिनकी घोषित कीमत ₹5,000 थी — कथित तौर पर ₹1,500 में विज्ञापित किए गए, जबकि मंडपम के पास ₹500–600 में बेचे गए। भारी छूट ही खरीदारों को लुभाने का मुख्य तरीका था।
ऐसी ठगी से कैसे बचें?
पुलिस उपायुक्त (साइबर क्राइम) डॉ. लवीना सिन्हा ने नागरिकों को सलाह दी है कि किसी भी आयोजन के पास केवल आधिकारिक वेबसाइट या अधिकृत विक्रेताओं से ही खरीदें। असामान्य रूप से कम कीमत वाले ऑफर, अनजान Instagram अकाउंट से खरीदारी और WhatsApp पर पास भेजने के प्रस्तावों से सावधान रहें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 3 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 2 महीने पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले