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मिशन साइबर रक्षिका: अहमदाबाद में एक महीने में 9 एफआईआर, 11 गिरफ्तार; गरबा वीडियो मॉर्फिंग से ब्लैकमेल तक

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मिशन साइबर रक्षिका: अहमदाबाद में एक महीने में 9 एफआईआर, 11 गिरफ्तार; गरबा वीडियो मॉर्फिंग से ब्लैकमेल तक

सारांश

नवरात्रि के दौरान गरबा वीडियो से छेड़छाड़ से लेकर ब्लैकमेल तक — अहमदाबाद की साइबर क्राइम ब्रांच ने 'मिशन साइबर रक्षिका' के तहत एक महीने में 9 एफआईआर दर्ज कर 11 आरोपियों को पकड़ा। तीन नाबालिग भी शामिल, आरोपी गुजरात, राजस्थान और मुंबई से।

मुख्य बातें

अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने मिशन साइबर रक्षिका के तहत एक महीने में 9 एफआईआर दर्ज कीं।
कुल 11 आरोपी हिरासत में — 8 बालिग (एक महिला सहित) गिरफ्तार और 3 नाबालिग हिरासत में।
नवरात्रि के दौरान एक महिला के गरबा वीडियो को 18 वर्ष से कम आयु के तीन स्कूली छात्रों ने मॉर्फ करके फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट पर अपलोड किया।
आरोपियों का पता गुजरात , राजस्थान और मुंबई से लगाया गया।
अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को ऑनलाइन अपराधों से बचाना और शिकायतकर्ताओं की गोपनीयता सुनिश्चित करना है।

अहमदाबाद की साइबर क्राइम ब्रांच ने मिशन साइबर रक्षिका अभियान के तहत एक महीने में 9 एफआईआर दर्ज कर 11 आरोपियों — जिनमें 8 बालिग (एक महिला सहित) और 3 नाबालिग शामिल हैं — के विरुद्ध कार्रवाई की है। मामलों में मॉर्फ्ड तस्वीरें, फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल, साइबरस्टॉकिंग, प्रतिरूपण और जबरन वसूली जैसे गंभीर ऑनलाइन अपराध शामिल हैं।

मिशन साइबर रक्षिका क्या है

अहमदाबाद शहर साइबर क्राइम ब्रांच द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों की देखरेख में शुरू किए गए इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को ऑनलाइन अपराधों से बचाना है। अभियान के अंतर्गत मामलों का शीघ्र पंजीकरण सुनिश्चित किया जाता है और शिकायतकर्ताओं की पहचान गोपनीय रखी जाती है।

पुलिस उपायुक्त (साइबर अपराध) डॉ. लवीना सिन्हा ने कहा, 'इस अभियान के तहत हमने पिछले महीने नौ एफआईआर दर्ज की हैं और एक महिला सहित आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, साथ ही तीन नाबालिगों को भी हिरासत में लिया है।'

मुख्य मामले और आरोप

शिकायतों में साइबरस्टॉकिंग, प्रतिरूपण, साइबरबुलिंग, अश्लील सामग्री का प्रसार और जबरन वसूली के आरोप शामिल हैं। डॉ. सिन्हा के अनुसार, इन मामलों में सोशल मीडिया के दुरुपयोग के विभिन्न रूप सामने आए हैं — तस्वीरों और वीडियो को संपादित करना, मॉर्फ करना और फर्जी अकाउंट के माध्यम से प्रसारित करना — जिसका उद्देश्य लाइक्स, व्यूज और फॉलोअर्स बढ़ाना या महिलाओं को परेशान करना था।

अधिकांश पीड़ित अहमदाबाद से हैं, जबकि आरोपियों का पता गुजरात, राजस्थान और मुंबई के विभिन्न हिस्सों से लगाया गया है।

नाबालिगों द्वारा गरबा वीडियो से छेड़छाड़

एक विशेष मामला नवरात्रि के दौरान सामने आया। पुलिस के अनुसार, 18 वर्ष से कम आयु के तीन स्कूली छात्रों ने एक महिला का गरबा वीडियो प्राप्त किया, उसे संपादित कर उसमें अश्लील सामग्री जोड़ी और अपने फॉलोअर्स व लाइक्स बढ़ाने के लिए एक फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर अपलोड कर दिया। पुलिस के अनुसार, नाबालिगों ने कथित तौर पर अपने माता-पिता के मोबाइल नंबरों का इस्तेमाल करके ये अकाउंट बनाए थे।

पीड़ित महिला को कथित तौर पर बदनाम किया गया और मानसिक उत्पीड़न का शिकार बनाया गया।

अन्य उल्लेखनीय मामले

एक अन्य मामले में, एक महिला की निजी सोशल मीडिया प्रोफाइल से तस्वीरें और वीडियो कथित तौर पर अन्य लोगों के साथ साझा किए गए। आरोपी ने उस सामग्री को संपादित कर एक फर्जी प्रोफाइल पर लाइक्स और फॉलोअर्स बढ़ाने के लिए अपलोड किया।

एक अन्य शिकायत में एक फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए एक महिला का रूप धारण करके उसके पति के दोस्तों को संदेश भेजे जाने का मामला दर्ज है। इस अकाउंट का उपयोग कथित तौर पर महिला की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए किया गया।

एक और मामले में, एक व्यक्ति ने कथित तौर पर एक महिला की तस्वीर से फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट बनाया और प्रेम संबंध टूटने के बाद विवाद की स्थिति में उसका अश्लील वीडियो उसकी बहन के अकाउंट पर भेज दिया।

आगे क्या होगा

यह अभियान दर्शाता है कि ऑनलाइन उत्पीड़न के मामलों में साइबर पुलिस की सक्रियता बढ़ रही है। गौरतलब है कि त्योहारी सीजन में ऐसे मामलों में वृद्धि देखी जाती है — नवरात्रि से जुड़ा मामला इसी पैटर्न की पुष्टि करता है। मिशन साइबर रक्षिका के जारी रहने से आने वाले हफ्तों में और शिकायतकर्ता सामने आ सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या ये गिरफ्तारियाँ महज आँकड़े हैं या वास्तविक निवारक प्रभाव डाल रही हैं। तीन नाबालिगों का इस तरह के अपराध में शामिल होना और अपने माता-पिता के नंबरों से फर्जी अकाउंट बनाना, डिजिटल साक्षरता और पैरेंटल निगरानी की गंभीर कमी को उजागर करता है। मिशन का दायरा अभी तक मुख्य रूप से पंजीकरण और गिरफ्तारी पर है — पीड़ितों के लिए त्वरित न्याय और आरोपियों को सज़ा दिलाने का रिकॉर्ड अभी सामने आना बाकी है। जब तक दोष-सिद्धि दर नहीं बढ़ती, ऐसे अभियान चाहे जितने महीनों तक चलें, अपराधियों को असली रोकथाम का संदेश नहीं मिलेगा।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मिशन साइबर रक्षिका क्या है?
मिशन साइबर रक्षिका अहमदाबाद शहर साइबर क्राइम ब्रांच का एक विशेष अभियान है, जिसका उद्देश्य महिलाओं और बच्चों को ऑनलाइन अपराधों से बचाना है। इसके तहत मामलों का शीघ्र पंजीकरण और शिकायतकर्ताओं की गोपनीयता सुनिश्चित की जाती है।
एक महीने में कितनी एफआईआर दर्ज की गईं और कितने गिरफ्तार हुए?
एक महीने में कुल 9 एफआईआर दर्ज की गईं और 11 आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हुई — 8 बालिग गिरफ्तार (एक महिला सहित) और 3 नाबालिग हिरासत में लिए गए।
गरबा वीडियो मामले में क्या हुआ था?
नवरात्रि के दौरान 18 वर्ष से कम आयु के तीन स्कूली नाबालिगों ने एक महिला का गरबा वीडियो प्राप्त कर उसे अश्लील सामग्री जोड़कर संपादित किया और फर्जी इंस्टाग्राम प्रोफाइल पर अपलोड किया। पुलिस के अनुसार, उन्होंने कथित तौर पर यह काम फॉलोअर्स और लाइक्स बढ़ाने के लिए किया तथा अपने माता-पिता के मोबाइल नंबरों का उपयोग करके अकाउंट बनाए।
इन मामलों में आरोपी कहाँ से हैं?
अधिकांश पीड़ित अहमदाबाद से हैं, जबकि आरोपियों का पता गुजरात, राजस्थान और मुंबई के विभिन्न हिस्सों से लगाया गया है।
इन मामलों में किस तरह के अपराधों के आरोप हैं?
शिकायतों में साइबरस्टॉकिंग, प्रतिरूपण, साइबरबुलिंग, अश्लील सामग्री का प्रसार और जबरन वसूली जैसे आरोप शामिल हैं। कुछ मामलों में फर्जी अकाउंट के जरिए पहचान चुराकर पति के दोस्तों को संदेश भेजने और प्रेम विवाद के बाद अश्लील वीडियो भेजने के आरोप भी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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