दिव्यांग क्रिकेट को बीसीसीआई का मजबूत समर्थन, रविकांत चौहान ने जय शाह का जताया आभार
सारांश
मुख्य बातें
बीसीसीआई की दिव्यांग क्रिकेट समिति के सदस्य एवं पूर्व शारीरिक दिव्यांग क्रिकेटर रविकांत चौहान ने 20 सितंबर 2026 को आईसीसी चेयरमैन जय शाह और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) का आभार व्यक्त किया। यह आभार दिव्यांग खिलाड़ियों के लिए क्रिकेट को बढ़ावा देने में बोर्ड की प्रतिबद्धता और समर्थन के लिए जताया गया है।
रविकांत चौहान ने क्या कहा
रविवार को जारी एक बयान में रविकांत चौहान ने कहा, 'जय शाह जी के समर्थन, समझ और दिव्यांग क्रिकेट के प्रति प्रतिबद्धता के लिए हम उनका हृदय से धन्यवाद करते हैं। हमारी बात सुनने, खिलाड़ियों की यात्रा को समझने और बीसीसीआई स्तर पर इस खेल को अधिक महत्व देने की उनकी पहल ने खिलाड़ियों में नई उम्मीद और आत्मविश्वास जगाया है।' चौहान ने यह भी कहा कि राज्य क्रिकेट संघों को इस पहल का हिस्सा बनने के लिए प्रोत्साहित किए जाने से देशभर के दिव्यांग क्रिकेटरों के लिए एक मजबूत रास्ता तैयार हुआ है।
बीसीसीआई की 95वीं एजीएम में महत्वपूर्ण निर्णय
शुक्रवार को मुंबई स्थित बीसीसीआई मुख्यालय में बोर्ड की 95वीं वार्षिक आम बैठक (एजीएम) आयोजित हुई। इसमें राज्य क्रिकेट संघों को दिव्यांग क्रिकेटरों के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया और खिलाड़ियों के लिए आवश्यक सुविधाएँ व संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
गौरतलब है कि इस वर्ष की शुरुआत में दिव्यांग क्रिकेट परिषद (डीसीसीआई) ने क्रिकेट एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड इन इंडिया (कैबीआई) के लिए बीसीसीआई द्वारा संरचित सहायता ढाँचा लागू करने के फैसले का स्वागत किया था। डीसीसीआई ने इसे क्रिकेट में समावेशी विकास की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया था। उल्लेखनीय है कि कैबीआई, डीसीसीआई का संस्थापक सदस्य भी है।
एजीएम के अन्य प्रमुख फैसले
बैठक में 2028 में बोर्ड के शताब्दी समारोह की तैयारियाँ शुरू करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। यह समारोह दिसंबर 2027 से आरंभ होकर पूरे वर्ष विभिन्न कार्यक्रमों के साथ मनाया जाएगा। साथ ही 2027 में आईपीएल के 20वें संस्करण को भव्य रूप से आयोजित करने का भी निर्णय लिया गया।
इसके अतिरिक्त, एजीएम में अंपायरों और मैच रेफरियों के भुगतान ढाँचे में बढ़ोतरी और उनकी ग्रेडिंग प्रणाली में व्यापक बदलाव को भी स्वीकृति दी गई। बीसीसीआई की यौन उत्पीड़न रोकथाम नीति के तहत नई आंतरिक समिति के गठन और आयु सत्यापन नीति के अद्यतन प्रावधानों को भी मंजूरी मिली।
दिव्यांग क्रिकेट के लिए व्यापक महत्व
यह ऐसे समय में आया है जब भारत में दिव्यांग खेलों को मुख्यधारा में लाने की माँग लंबे समय से की जा रही थी। बीसीसीआई जैसे शक्तिशाली बोर्ड की सक्रिय भागीदारी से न केवल दिव्यांग क्रिकेटरों को संसाधन मिलेंगे, बल्कि राज्य स्तर पर भी इस खेल को संस्थागत पहचान मिलने की उम्मीद है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य संघ इस दिशा में कितनी तेज़ी से ठोस कदम उठाते हैं।