बीजिंग में चौथा CISCE उद्घाटित: 85 देशों की 676 कंपनियाँ, AI बना मुख्य आकर्षण
सारांश
मुख्य बातें
चौथे चीन अंतर्राष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला संवर्धन एक्सपो (CISCE) का 22 जून 2025 को बीजिंग में विधिवत उद्घाटन हुआ, जिसमें 85 देशों, क्षेत्रों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रतिनिधि शामिल हुए। इस वर्ष के आयोजन में 676 प्रमुख घरेलू और अंतरराष्ट्रीय कंपनियाँ, विशेष एवं नवोन्मेषी उद्यम और उद्योग संगठन भाग ले रहे हैं, जिनमें फॉर्च्यून ग्लोबल 500 की कंपनियाँ और उद्योग-अग्रणी उद्यम 65 प्रतिशत से अधिक हैं।
एक्सपो की संरचना और प्रदर्शनी क्षेत्र
इस वर्ष के CISCE में आपूर्ति श्रृंखला सेवाओं से जुड़े छह प्रमुख प्रदर्शनी क्षेत्र निर्धारित किए गए हैं — डिजिटल प्रौद्योगिकी, उन्नत विनिर्माण, हरित कृषि, स्वस्थ जीवन, स्मार्ट कारें और स्वच्छ ऊर्जा। बूथ निर्माण सहित सभी तैयारियाँ समय से पूर्ण हो चुकी हैं।
प्रदर्शकों द्वारा आमंत्रित अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम आपूर्ति श्रृंखला भागीदारों को जोड़ने पर कुल प्रतिभागी संख्या 1,200 से अधिक होने का अनुमान है।
AI बना इस संस्करण का केंद्रबिंदु
इस वर्ष के CISCE का सबसे उल्लेखनीय पहलू कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को दिया गया विशेष स्थान है। डिजिटल इंटेलिजेंस टेक्नोलॉजी चेन के अंतर्गत पहली बार एक समर्पित AI क्षेत्र स्थापित किया गया है, जिसमें चीन और विदेशों की AI-अग्रणी कंपनियाँ एक मंच पर आई हैं।
गौरतलब है कि AI की उपस्थिति केवल इस एकल क्षेत्र तक सीमित नहीं है — एक्सपो के सभी प्रदर्शनी खंडों में इसका समावेश देखने को मिलता है। उन्नत विनिर्माण श्रृंखला में AI नए औद्योगीकरण को गति देते हुए दिखाया गया है, जबकि हरित कृषि श्रृंखला में खेत से लेकर उपभोक्ता की मेज तक AI के गहन अनुप्रयोग को प्रदर्शित किया गया है।
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में चीन की भूमिका
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाएँ भू-राजनीतिक तनाव और व्यापार पुनर्संरचना के दबाव में हैं। CISCE का यह चौथा संस्करण चीन की उस रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसके तहत वह खुद को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला नेटवर्क के अपरिहार्य केंद्र के रूप में स्थापित करना चाहता है।
आगे क्या
एक्सपो के दौरान विभिन्न उद्योग मंचों, बी2बी बैठकों और प्रौद्योगिकी प्रदर्शनियों का आयोजन अपेक्षित है। अंतरराष्ट्रीय भागीदारी की व्यापकता — 85 देश और क्षेत्र — इसे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला संवाद का एक महत्त्वपूर्ण मंच बनाती है।