शिवराज सिंह चौहान का ऐलान: विदिशा क्षेत्र में छात्रों के लिए कैरियर काउंसलिंग हेल्प डेस्क शुरू होगी
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 21 अगस्त 2026 को घोषणा की कि विदिशा संसदीय क्षेत्र में छात्रों के लिए कैरियर काउंसलिंग हेल्प डेस्क स्थापित की जाएगी, ताकि 12वीं के बाद कोर्स और करियर चुनने में विद्यार्थियों को सटीक मार्गदर्शन मिल सके। यह घोषणा बुधनी विधानसभा क्षेत्र के शाहगंज में प्रेम-सुंदर फाउंडेशन द्वारा आयोजित मेधावी विद्यार्थी सम्मान समारोह में की गई।
समारोह में 30 मेधावी छात्रों को लैपटॉप से सम्मान
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री चौहान ने 10वीं और 12वीं के टॉपर्स सहित कुल 30 मेधावी छात्र-छात्राओं को लैपटॉप प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाले विद्यार्थियों में मध्य प्रदेश बोर्ड और सीबीएसई बोर्ड दोनों के छात्र शामिल थे। चौहान ने कहा कि पढ़ाई के रास्ते में आने वाली छोटी-बड़ी बाधाओं को दूर करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।
छात्राओं के लिए छात्रवृत्ति हेल्प डेस्क की घोषणा
केंद्रीय मंत्री ने कॉलेज में प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं के लिए एक अलग स्कॉलरशिप हेल्प डेस्क की भी घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी स्कूलों से 10वीं और 12वीं उत्तीर्ण कर पहली बार कॉलेज के प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाली छात्राओं की सहायता के लिए यह हेल्प डेस्क काम करेगी। हेल्प डेस्क पर कंप्यूटर और लैपटॉप की व्यवस्था होगी, जहाँ छात्राओं को छात्रवृत्ति आवेदन भरने में सहायता दी जाएगी।
AI और नई तकनीकों की शिक्षा पर जोर
चौहान ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग और रोबोटिक्स जैसे विषयों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनकी कोशिश है कि ये विषय स्थानीय स्तर पर ही पढ़ाए जाएं, ताकि क्षेत्र के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े। उन्होंने कहा, 'मेरी कोशिश है कि इन नए विषयों की पढ़ाई हमारे अपने क्षेत्र में शुरू हो, ताकि हमारे बच्चों को बाहर भटकना न पड़े।'
आम जनता पर असर
चौहान ने यह भी कहा कि फीस, किताबों, आवागमन और अन्य आवश्यकताओं के कारण किसी भी प्रतिभाशाली बच्चे की शिक्षा बाधित न हो, इसके लिए हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि चौहान को मध्य प्रदेश में लोग 'मामा' कहकर संबोधित करते हैं — एक ऐसा संबोधन जिसे उन्होंने बच्चों के प्रति जिम्मेदारी और स्नेह का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा, 'मामा मतलब माँ का आँचल और पिता का कंधा।'
क्या होगा आगे
कैरियर काउंसलिंग हेल्प डेस्क और छात्रवृत्ति सहायता केंद्र की स्थापना की समयसीमा और विस्तृत ढाँचे की घोषणा अभी बाकी है। यह पहल विदिशा संसदीय क्षेत्र के विद्यार्थियों, विशेषकर ग्रामीण और सरकारी स्कूलों से आने वाली छात्राओं के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।