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शिवराज सिंह चौहान का किसानों को तोहफा: 14 जून को विदिशा में मॉडल कृषि विज्ञान केंद्र का शिलान्यास

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शिवराज सिंह चौहान का किसानों को तोहफा: 14 जून को विदिशा में मॉडल कृषि विज्ञान केंद्र का शिलान्यास

सारांश

14 जून को विदिशा के बेरखेड़ी जट्टू में शिवराज सिंह चौहान देश के एक मॉडल कृषि विज्ञान केंद्र का शिलान्यास करेंगे। इसके साथ 'वैज्ञानिक कृषि रोडमैप' और 'खेत बचाओ अभियान' की भी शुरुआत होगी — जो विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास के किसानों के लिए आधुनिक खेती का नया द्वार खोलेगा।

मुख्य बातें

शिवराज सिंह चौहान ने 14 जून 2025 को विदिशा के बेरखेड़ी जट्टू में मॉडल कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) के शिलान्यास की घोषणा की।
कार्यक्रम सुबह 10 बजे आयोजित होगा; किसानों से बड़ी संख्या में शामिल होने की अपील।
विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास जिलों के लिए 'वैज्ञानिक कृषि रोडमैप' लागू होगा।
'खेत बचाओ अभियान' के तहत किसानों को नकली खाद-बीज की पहचान, जैविक खेती और आधुनिक यंत्रों की जानकारी दी जाएगी।
केंद्र को देश के लिए एक मॉडल KVK के रूप में विकसित किए जाने की योजना है।

केंद्रीय कृषि मंत्री एवं विदिशा से सांसद शिवराज सिंह चौहान ने घोषणा की है कि 14 जून 2025 को विदिशा के बेरखेड़ी जट्टू में देश के एक मॉडल कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) का शिलान्यास किया जाएगा। यह कार्यक्रम सुबह 10 बजे आयोजित होगा और इसे मध्य प्रदेश में कृषि आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है। चौहान ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर वीडियो संदेश जारी कर किसान भाइयों और बहनों से बड़ी संख्या में उपस्थित होने की अपील की है।

कार्यक्रम में क्या होगा खास

शिलान्यास समारोह केवल एक भवन-निर्माण की शुरुआत नहीं है — इस अवसर पर विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास जिलों के लिए तैयार किए गए 'वैज्ञानिक कृषि रोडमैप' को भी लागू करने की शुरुआत होगी। इसके साथ ही 'खेत बचाओ अभियान' का भी शुभारंभ किया जाएगा।

कार्यक्रम में आधुनिक कृषि मशीनों का लाइव प्रदर्शन, विभिन्न स्टॉल और विशेषज्ञों द्वारा डेमो सत्र आयोजित किए जाएंगे। किसानों को नकली खाद व बीज की पहचान, जैविक खेती, फसल प्रबंधन और मौसम-आधारित सलाह जैसी व्यावहारिक जानकारियाँ दी जाएंगी।

किसानों को मिलेगी वैज्ञानिक प्रशिक्षण सुविधा

चौहान ने कहा, "14 जून विदिशा संसदीय क्षेत्र के किसानों के लिए एक ऐतिहासिक दिन होगा।" उन्होंने आगे कहा, "मेरा आप सबसे आग्रह है कि अपनी खेती को समयानुकूल और लाभकारी बनाने के लिए आप इस कार्यक्रम में जरूर पधारें।"

प्रस्तावित कृषि विज्ञान केंद्र में किसानों को नई फसल बुआई की विधियाँ, आधुनिक कृषि यंत्रों का उपयोग, उन्नत बीज तकनीक और विशेषज्ञ परामर्श एक ही छत के नीचे उपलब्ध होगा। यह केंद्र न केवल विदिशा, बल्कि आसपास के जिलों के किसानों के लिए भी एक संसाधन केंद्र के रूप में काम करेगा।

आम किसानों पर असर

यह पहल ऐसे समय में आई है जब मध्य प्रदेश के किसान नकली खाद और बीज की समस्या से जूझ रहे हैं। 'खेत बचाओ अभियान' के तहत किसानों को इन समस्याओं से बचाव के व्यावहारिक उपाय सिखाए जाएंगे। गौरतलब है कि विदिशा संसदीय क्षेत्र मुख्यतः कृषि-प्रधान है और यहाँ के किसानों की आय बढ़ाना दीर्घकालिक प्राथमिकता रही है।

आगे की राह

कृषि विज्ञान केंद्र के शिलान्यास के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा और यह केंद्र देश के लिए एक मॉडल के रूप में विकसित किए जाने की योजना है। विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास के किसान इस केंद्र की सुविधाओं का सीधा लाभ उठा सकेंगे। यह कदम मध्य प्रदेश में कृषि को वैज्ञानिक आधार देने और किसानों की आय दोगुनी करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की गति और पहुँच होगी। मध्य प्रदेश में पहले भी किसान-केंद्रित योजनाओं की घोषणाएँ हुई हैं जो ज़मीन पर धीमी रहीं। 'वैज्ञानिक कृषि रोडमैप' और 'खेत बचाओ अभियान' जैसी पहलें तभी प्रभावी होंगी जब इनके लिए स्थायी बजट, प्रशिक्षित कर्मचारी और नियमित निगरानी सुनिश्चित हो। चार जिलों के किसानों को एक ही केंद्र से जोड़ने की महत्वाकांक्षा तभी पूरी होगी जब केंद्र समय पर बनकर तैयार हो और उसमें विशेषज्ञों की नियमित उपलब्धता हो।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विदिशा में कृषि विज्ञान केंद्र का शिलान्यास कब और कहाँ होगा?
शिलान्यास 14 जून 2025 को सुबह 10 बजे विदिशा के बेरखेड़ी जट्टू में होगा। यह कार्यक्रम शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में आयोजित किया जाएगा।
इस कृषि विज्ञान केंद्र से किन जिलों के किसानों को फायदा होगा?
यह केंद्र विदिशा, रायसेन, सीहोर और देवास जिलों के किसानों के लिए एक संसाधन केंद्र के रूप में काम करेगा। यहाँ नई तकनीक, उन्नत बीज और विशेषज्ञ सलाह एक ही स्थान पर उपलब्ध होगी।
'खेत बचाओ अभियान' क्या है?
'खेत बचाओ अभियान' इस कार्यक्रम के तहत शुरू की जाने वाली एक पहल है जिसमें किसानों को नकली खाद और बीज की पहचान करने और उनसे बचाव के तरीके सिखाए जाएंगे। इसके अलावा जैविक खेती, फसल प्रबंधन और मौसम-आधारित सलाह भी दी जाएगी।
कार्यक्रम में किसानों को क्या-क्या सीखने को मिलेगा?
कार्यक्रम में आधुनिक कृषि यंत्रों का लाइव प्रदर्शन, नई फसल बुआई की विधियाँ, जैविक खेती के तरीके, और विशेषज्ञ परामर्श सत्र आयोजित किए जाएंगे। विभिन्न स्टॉल और डेमो के ज़रिए किसानों को व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।
यह KVK देश के अन्य कृषि विज्ञान केंद्रों से कैसे अलग होगा?
शिवराज सिंह चौहान के अनुसार इसे देश के लिए एक मॉडल कृषि विज्ञान केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इसके साथ एक 'वैज्ञानिक कृषि रोडमैप' भी लागू होगा जो चार जिलों की कृषि ज़रूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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