छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा को दी जमानत, राज्य से बाहर रहने की शर्त
सारांश
मुख्य बातें
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने 19 मई 2025 को रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को जमानत प्रदान कर दी। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि टुटेजा 21 अप्रैल 2024 से न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि इस मामले के अन्य सह-आरोपी पहले ही जमानत पर रिहा हो चुके हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपों की गंभीरता का निर्धारण ट्रायल के दौरान होगा।
मुख्य घटनाक्रम
पीठ ने अपनी टिप्पणी में कहा कि टुटेजा के खिलाफ अभी करीब 85 गवाहों से पूछताछ बाकी है और ट्रायल पूरा होने में लंबा वक्त लग सकता है। यह तथ्य जमानत देने का एक प्रमुख आधार बना। गौरतलब है कि इस मामले में अन्य सह-आरोपी — जिनमें तत्कालीन आबकारी मंत्री और मुख्यमंत्री के पुत्र शामिल हैं — पहले ही जमानत पाकर बाहर हैं।
जमानत की शर्तें
सर्वोच्च न्यायालय ने अनिल टुटेजा को जमानत देते हुए कड़ी शर्तें भी लगाई हैं। आदेश के अनुसार, वे रिहाई के बाद छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर रहेंगे और किसी भी सेवारत सरकारी अधिकारी से संपर्क नहीं करेंगे। इसके साथ ही उन पर यह पाबंदी भी है कि वे गवाहों को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश से दूर रहेंगे।
घोटाले की पृष्ठभूमि
प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी। ईडी का अनुमान है कि इस अवैध कारोबार से करीब ₹3,000 करोड़ की गैरकानूनी कमाई हुई, जिससे राज्य के खजाने को भारी नुकसान पहुँचा। वहीं, आर्थिक अपराध शाखा (EOW/ACB) के आरोप-पत्रों में अपराध से अर्जित कुल धनराशि लगभग ₹2,883 करोड़ आँकी गई है।
जाँच में एक संगठित सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ, जिसमें नौकरशाह, राजनीतिक नेता और निजी कारोबारी शामिल थे। ईडी के अनुसार, इस सिंडिकेट ने राज्य की शराब नीति को कमज़ोर कर अवैध तरीकों से मुनाफा कमाया।
अब तक की गिरफ्तारियाँ
ईडी ने अब तक धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 19 के तहत नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (CSMCL) के तत्कालीन प्रबंध निदेशक, तत्कालीन आबकारी आयुक्त, तत्कालीन आबकारी मंत्री, तत्कालीन मुख्यमंत्री के पुत्र और मुख्यमंत्री के एक उप-सचिव सहित अन्य लोग शामिल हैं।
आगे क्या होगा
टुटेजा की रिहाई के साथ ही मामले की सुनवाई और जटिल हो सकती है, क्योंकि अभी दर्जनों गवाहों की जाँच बाकी है। ट्रायल कोर्ट में सुनवाई की गति और गवाहों की सुरक्षा अब इस मामले के केंद्र में होगी।