छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा को दी जमानत, राज्य से बाहर रहने की शर्त

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
छत्तीसगढ़ शराब घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा को दी जमानत, राज्य से बाहर रहने की शर्त

सारांश

छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में सुप्रीम कोर्ट ने रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा को जमानत दे दी — करीब 13 महीने की हिरासत के बाद। अदालत ने माना कि जब सह-आरोपी बाहर हों और 85 गवाह बाकी हों, तो लंबी हिरासत न्यायोचित नहीं। ₹2,883 करोड़ के इस घोटाले की जड़ें कांग्रेस शासनकाल तक जाती हैं।

मुख्य बातें

सर्वोच्च न्यायालय ने रिटायर्ड IAS अनिल टुटेजा को छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में जमानत दी।
टुटेजा 21 अप्रैल 2024 से न्यायिक हिरासत में थे; मामले के अन्य सह-आरोपी पहले ही जमानत पर बाहर हैं।
अभी करीब 85 गवाहों से पूछताछ बाकी है; ट्रायल लंबा चलने की संभावना।
जमानत शर्त: टुटेजा छत्तीसगढ़ से बाहर रहेंगे, सेवारत अधिकारियों से संपर्क नहीं करेंगे और गवाहों को प्रभावित नहीं करेंगे।
ईडी के अनुसार घोटाले से करीब ₹3,000 करोड़ की अवैध कमाई; EOW/ACB ने ₹2,883 करोड़ का अनुमान लगाया।
ईडी ने PMLA के तहत अब तक 9 लोगों को गिरफ्तार किया है।

छत्तीसगढ़ शराब घोटाला मामले में सर्वोच्च न्यायालय ने 19 मई 2025 को रिटायर्ड आईएएस अधिकारी अनिल टुटेजा को जमानत प्रदान कर दी। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने यह फैसला सुनाते हुए कहा कि टुटेजा 21 अप्रैल 2024 से न्यायिक हिरासत में हैं, जबकि इस मामले के अन्य सह-आरोपी पहले ही जमानत पर रिहा हो चुके हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि आरोपों की गंभीरता का निर्धारण ट्रायल के दौरान होगा।

मुख्य घटनाक्रम

पीठ ने अपनी टिप्पणी में कहा कि टुटेजा के खिलाफ अभी करीब 85 गवाहों से पूछताछ बाकी है और ट्रायल पूरा होने में लंबा वक्त लग सकता है। यह तथ्य जमानत देने का एक प्रमुख आधार बना। गौरतलब है कि इस मामले में अन्य सह-आरोपी — जिनमें तत्कालीन आबकारी मंत्री और मुख्यमंत्री के पुत्र शामिल हैं — पहले ही जमानत पाकर बाहर हैं।

जमानत की शर्तें

सर्वोच्च न्यायालय ने अनिल टुटेजा को जमानत देते हुए कड़ी शर्तें भी लगाई हैं। आदेश के अनुसार, वे रिहाई के बाद छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर रहेंगे और किसी भी सेवारत सरकारी अधिकारी से संपर्क नहीं करेंगे। इसके साथ ही उन पर यह पाबंदी भी है कि वे गवाहों को प्रभावित करने की किसी भी कोशिश से दूर रहेंगे।

घोटाले की पृष्ठभूमि

प्रवर्तन निदेशालय (ED) के अनुसार, यह घोटाला 2019 से 2022 के बीच हुआ, जब छत्तीसगढ़ में कांग्रेस की सरकार थी। ईडी का अनुमान है कि इस अवैध कारोबार से करीब ₹3,000 करोड़ की गैरकानूनी कमाई हुई, जिससे राज्य के खजाने को भारी नुकसान पहुँचा। वहीं, आर्थिक अपराध शाखा (EOW/ACB) के आरोप-पत्रों में अपराध से अर्जित कुल धनराशि लगभग ₹2,883 करोड़ आँकी गई है।

जाँच में एक संगठित सिंडिकेट का पर्दाफाश हुआ, जिसमें नौकरशाह, राजनीतिक नेता और निजी कारोबारी शामिल थे। ईडी के अनुसार, इस सिंडिकेट ने राज्य की शराब नीति को कमज़ोर कर अवैध तरीकों से मुनाफा कमाया।

अब तक की गिरफ्तारियाँ

ईडी ने अब तक धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 19 के तहत नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी, छत्तीसगढ़ राज्य विपणन निगम लिमिटेड (CSMCL) के तत्कालीन प्रबंध निदेशक, तत्कालीन आबकारी आयुक्त, तत्कालीन आबकारी मंत्री, तत्कालीन मुख्यमंत्री के पुत्र और मुख्यमंत्री के एक उप-सचिव सहित अन्य लोग शामिल हैं।

आगे क्या होगा

टुटेजा की रिहाई के साथ ही मामले की सुनवाई और जटिल हो सकती है, क्योंकि अभी दर्जनों गवाहों की जाँच बाकी है। ट्रायल कोर्ट में सुनवाई की गति और गवाहों की सुरक्षा अब इस मामले के केंद्र में होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो एक नौकरशाह को अकेले जेल में रखना न्यायिक असंगति को उजागर करता है। दूसरी ओर, ₹2,883 करोड़ के इस घोटाले में जब मुख्य आरोपी राज्य से बाहर रहने की शर्त पर छूटें, तो गवाहों की सुरक्षा और ट्रायल की निष्पक्षता पर निगरानी और कड़ी होनी चाहिए।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनिल टुटेजा कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
अनिल टुटेजा छत्तीसगढ़ के एक सेवानिवृत्त आईएएस अधिकारी हैं, जिन पर छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में संलिप्तता का आरोप है। ईडी के अनुसार, यह घोटाला 2019-2022 के बीच हुआ, जिसमें शराब नीति को कमज़ोर कर करीब ₹3,000 करोड़ की अवैध कमाई की गई।
सुप्रीम कोर्ट ने टुटेजा को जमानत क्यों दी?
अदालत ने माना कि टुटेजा 21 अप्रैल 2024 से हिरासत में हैं, जबकि उनके सह-आरोपी जमानत पर बाहर हैं और अभी 85 गवाहों की पूछताछ बाकी है। ट्रायल पूरा होने में लंबा समय लगने की संभावना को देखते हुए लंबी हिरासत उचित नहीं मानी गई।
जमानत पर रिहा होने के बाद टुटेजा पर क्या पाबंदियाँ हैं?
सर्वोच्च न्यायालय ने शर्त रखी है कि टुटेजा छत्तीसगढ़ राज्य से बाहर रहेंगे, किसी भी सेवारत सरकारी अधिकारी से संपर्क नहीं करेंगे और गवाहों को प्रभावित करने की कोई कोशिश नहीं करेंगे।
छत्तीसगढ़ शराब घोटाले में कितने लोग गिरफ्तार हुए हैं?
ईडी ने PMLA की धारा 19 के तहत अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक सेवानिवृत्त IAS अधिकारी, CSMCL के तत्कालीन MD, तत्कालीन आबकारी आयुक्त, तत्कालीन आबकारी मंत्री, तत्कालीन मुख्यमंत्री के पुत्र और एक उप-सचिव शामिल हैं।
इस घोटाले में कितनी रकम का अनुमान लगाया गया है?
ईडी के अनुसार इस घोटाले से करीब ₹3,000 करोड़ की गैरकानूनी कमाई हुई। वहीं EOW/ACB के आरोप-पत्रों में अपराध से अर्जित कुल धनराशि लगभग ₹2,883 करोड़ बताई गई है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 6 महीने पहले
  5. 7 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले