चीन-जर्मनी संबंध: दूरी के बावजूद सहयोग की नई संभावनाएं
सारांश
Key Takeaways
- चीन और जर्मनी के बीच व्यापारिक संबंध मजबूत हैं।
- जर्मन चांसलर की यात्रा से सहयोग में नई संभावनाएं खुली हैं।
- 83.6 प्रतिशत लोग मानते हैं कि स्थिर संबंधों का चीन-यूरोप सहयोग पर सकारात्मक प्रभाव है।
बीजिंग, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज अपनी आधिकारिक यात्रा के तहत चीन पहुंचे हैं। पिछले तीन महीनों में वे चीन का दौरा करने वाले नवीनतम यूरोपीय नेता हैं, जिनमें फ्रांस, आयरलैंड, फिनलैंड और ब्रिटेन के नेता शामिल हैं।
इस पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है कि चीन और यूरोप अनिश्चितताओं का सामना कैसे करेंगे। सीजीटीएन द्वारा किए गए एक सर्वे के अनुसार, 83.9 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि चीन के साथ सहयोग करने वाले यूरोपीय देश अंतरराष्ट्रीय स्थिति में सुधार के लिए सहायक हैं।
हाल के वर्षों में, चीन और जर्मनी के बीच वार्षिक व्यापार 200 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक बना हुआ है, जिसमें द्विपक्षीय निवेश 65 अरब डॉलर से अधिक है। यह दोनों ही यूरोपीय संघ के साथ चीन की कुल भागीदारी का लगभग एक चौथाई हिस्सा बनाते हैं। पिछले वर्ष, इन दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 251.8 अरब यूरो तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की तुलना में 2.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। चीन, जर्मनी का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन चुका है। सर्वेक्षण में, 90.2 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि चीन का बड़ा बाजार जर्मन कंपनियों के लिए एक महत्वपूर्ण अवसर है।
विश्व की दूसरी और तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के रूप में, चीन और जर्मनी न केवल व्यापार में गहराई से जुड़े हुए हैं, बल्कि जलवायु परिवर्तन, हरित ऊर्जा और डिजिटल अर्थव्यवस्था जैसे वैश्विक मुद्दों पर भी उनके साझा हित हैं। इस संदर्भ में, 83.6 प्रतिशत उत्तरदाताओं का मानना है कि एक स्थिर और स्वस्थ चीन-जर्मनी संबंध न केवल दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह चीन-यूरोप सहयोग पर भी महत्वपूर्ण प्रभाव डालता है।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)