13 सितंबर 2026
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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: इमरान मसूद बोले — चीन से व्यापार बढ़ाने से पहले सीमा विवाद सुलझाना ज़रूरी

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ब्रिक्स शिखर सम्मेलन: इमरान मसूद बोले — चीन से व्यापार बढ़ाने से पहले सीमा विवाद सुलझाना ज़रूरी

सारांश

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का संदेश साफ़ है — ब्रिक्स की मज़बूती भारत के हित में है, लेकिन चीन के साथ व्यापार बढ़ाने से पहले सीमा विवाद सुलझाना पहली शर्त है। नई दिल्ली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के बाद यह बयान भारत-चीन संबंधों की जटिलता को रेखांकित करता है।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने नई दिल्ली ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के साझा घोषणापत्र को सकारात्मक कदम बताया।
मसूद ने कहा — चीन के साथ व्यापारिक संबंध बढ़ाने से पहले सीमा विवाद का समाधान ज़रूरी है।
ब्रिक्स देशों के पास विश्व की 40% अर्थव्यवस्था और 60% से अधिक आबादी होने का हवाला दिया।
ब्रिक्स की एकजुटता पर बोले — ट्रंप की एकपक्षीय टैरिफ नीतियों के सामने ब्रिक्स को अपने रुख पर दृढ़ रहना होगा।
पश्चिम बंगाल में मदरसों को मिले नोटिस पर BJP की आलोचना की।

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 13 सितंबर 2026 को सहारनपुर में कहा कि नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में रूस, चीन, ईरान और संयुक्त अरब अमीरात समेत सदस्य देशों का साझा घोषणापत्र पर सहमत होना एक सकारात्मक कदम है। उन्होंने साफ़ कहा कि चीन के साथ व्यापारिक संबंध बढ़ाने से पहले भारत की ज़मीन से जुड़े सीमा विवादों का समाधान होना अनिवार्य है।

ब्रिक्स पर भारत की भूमिका

मसूद ने कहा कि उभरते नए विश्व व्यवस्था में भारत की भूमिका बेहद अहम होगी। उनके अनुसार विश्व की 40 प्रतिशत से अधिक अर्थव्यवस्था और 60 प्रतिशत से ज़्यादा आबादी ब्रिक्स देशों के पास है, जो इस गठबंधन को वैश्विक राजनीति में निर्णायक शक्ति बनाती है। उन्होंने कहा, 'ब्रिक्स जितना मज़बूत होगा, भारत और पूरे महाद्वीप के लिए उतना ही बेहतर होगा।'

मसूद ने यह भी रेखांकित किया कि ब्रिक्स देशों के पास कार्यबल भी बड़ी मात्रा में है और सदस्य देशों को एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करना होगा — ख़ासकर भारत-चीन संबंधों के संदर्भ में।

चीन विवाद और व्यापार पर कड़ा रुख

कांग्रेस सांसद ने चीन के साथ बढ़ते व्यापारिक रिश्तों पर सशर्त समर्थन जताया। उनका कहना था कि सीमा विवाद पर गंभीरता से काम किए बिना आर्थिक संबंधों का विस्तार करना उचित नहीं होगा। यह ऐसे समय में आया है जब ब्रिक्स मंच पर भारत और चीन के बीच व्यापार और निवेश को लेकर नई बातचीत की संभावनाएँ बन रही हैं।

ट्रंप और एकपक्षीय नीतियों पर प्रहार

ब्रिक्स देशों द्वारा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एकपक्षीय टैरिफ नीतियों और आर्थिक प्रतिबंधों की आलोचना किए जाने पर मसूद ने कहा कि यदि ब्रिक्स देश अपने साझा रुख पर दृढ़ रहते हैं तो ट्रंप को झुकना पड़ेगा। उन्होंने एकपक्षीय युद्धों और व्यापार प्रतिबंधों को वैश्विक स्थिरता के लिए हानिकारक बताया।

गौरतलब है कि इस शिखर सम्मेलन में ब्रिक्स देशों ने सामूहिक रूप से एकतरफा आर्थिक उपायों के विरुद्ध एकजुटता का संदेश दिया।

रूस-यूक्रेन संघर्ष पर टिप्पणी

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के यूक्रेन संबंधी बयान पर मसूद ने कहा कि जब किसी देश की संप्रभुता पर हमला होगा तो ऐसी प्रतिक्रियाएँ स्वाभाविक हैं। उन्होंने आतंकवाद को लेकर कहा कि इसका कोई समर्थन नहीं करता।

पश्चिम बंगाल मदरसा विवाद पर BJP पर निशाना

पश्चिम बंगाल में मदरसों को मिले नोटिस पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए मसूद ने आरोप लगाया कि सत्ताधारी पक्ष के पास 'हिंदू-मुसलमान करने के अलावा दूसरा काम नहीं है।' उन्होंने इस मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीति को सांप्रदायिक रूप से प्रेरित बताया। भाजपा की ओर से इस पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

ब्रिक्स की इस बैठक के बाद आने वाले दिनों में भारत-चीन द्विपक्षीय संवाद की दिशा और भारत की ब्रिक्स रणनीति और स्पष्ट होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या सीमा विवाद सुलझाए बिना ब्रिक्स के ढाँचे में भारत-चीन आर्थिक सहयोग व्यावहारिक रूप से संभव है। ट्रंप की टैरिफ नीतियों के विरुद्ध ब्रिक्स की एकजुटता की बात तो सुनने में प्रभावशाली लगती है, पर भारत और चीन के बीच की खाई को नज़रअंदाज़ करके यह एकता कितनी टिकाऊ होगी — यह सवाल मसूद के बयान में भी अनुत्तरित रहता है।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान मसूद ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन पर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में सदस्य देशों के साझा घोषणापत्र पर सहमति को सकारात्मक बताया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स की मज़बूती भारत और पूरे क्षेत्र के हित में है।
इमरान मसूद ने भारत-चीन व्यापार पर क्या शर्त रखी?
मसूद ने स्पष्ट कहा कि चीन के साथ व्यापारिक संबंध बढ़ाने से पहले भारत की ज़मीन से जुड़े सीमा विवादों का समाधान होना ज़रूरी है। उनके अनुसार सीमा से संबंधित मुद्दों पर गंभीरता से काम किया जाना चाहिए।
ब्रिक्स देशों की ट्रंप की टैरिफ नीतियों पर क्या स्थिति है?
ब्रिक्स देशों ने शिखर सम्मेलन में एकपक्षीय युद्धों, आर्थिक प्रतिबंधों और एकतरफा टैरिफ की आलोचना की। इमरान मसूद ने कहा कि यदि ब्रिक्स देश अपने रुख पर दृढ़ रहते हैं तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को झुकना पड़ेगा।
ब्रिक्स की आर्थिक ताकत कितनी बड़ी है?
इमरान मसूद के अनुसार ब्रिक्स देशों के पास विश्व की 40 प्रतिशत से अधिक अर्थव्यवस्था और 60 प्रतिशत से ज़्यादा आबादी है। इसके अलावा कार्यबल के मामले में भी ब्रिक्स देश अग्रणी हैं।
पश्चिम बंगाल के मदरसा विवाद पर इमरान मसूद ने क्या कहा?
मसूद ने पश्चिम बंगाल में मदरसों को मिले नोटिस पर BJP सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि सत्ताधारी पक्ष के पास हिंदू-मुसलमान करने के अलावा दूसरा काम नहीं है। भाजपा की ओर से इस पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई।
राष्ट्र प्रेस
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