चिराग पासवान पर विवादित टिप्पणी: मांझी ने एक्स पर की कड़ी निंदा, बिहार CM से कार्रवाई की मांग
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान को लेकर बिहार राज्य ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड के सदस्य डॉ. राजन सिंह का एक विवादित वीडियो सामने आने के बाद पटना में सियासी पारा चढ़ गया है। 21 सितंबर 2026 को इस विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री जीतन राम मांझी ने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म एक्स पर पोस्ट कर मामले में तत्काल कानूनी कार्रवाई की माँग की।
विवाद की जड़
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में डॉ. राजन सिंह कथित तौर पर चिराग पासवान की पहचान को लेकर आपत्तिजनक दावा करते सुने जा सकते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, उन्होंने यहाँ तक कहा कि यदि पासवान इस पहचान को सार्वजनिक रूप से स्वीकार कर लेते हैं, तो उनका समुदाय उन्हें बिहार का मुख्यमंत्री बनाने के लिए सड़कों पर उतर आएगा। गौरतलब है कि डॉ. राजन सिंह बिहार सरकार द्वारा गठित ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड के सदस्य हैं, जो इस विवाद को और संवेदनशील बनाता है।
मांझी की तीखी प्रतिक्रिया
हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (HAM) के संरक्षक जीतन राम मांझी ने एक्स पर लिखा, 'किसी केंद्रीय मंत्री पर अभद्र टिप्पणी कर उन्हें ट्रांसजेंडर बताना कहीं से ठीक नहीं। मैं बिहार से केंद्रीय कैबिनेट में हमारे साथी चिराग पासवान पर अभद्र टिप्पणी करने वाले पर कार्रवाई करने की माँग करता हूँ।' मांझी ने इस पोस्ट में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को भी टैग किया और सरकार से मामले को गंभीरता से लेने का आग्रह किया।
पृष्ठभूमि और राजनीतिक संदर्भ
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब हाल ही में मुंबई में गणपति विसर्जन के दौरान चिराग पासवान और विशाल सिंह को एक साथ भावुक मुद्रा में देखा गया था, जिसके बाद से सोशल मीडिया पर दोनों को लेकर तरह-तरह की चर्चाएँ चल रही हैं। डॉ. राजन सिंह का कथित वीडियो इसी पृष्ठभूमि में आया है।
यह पहला मौका नहीं है जब किसी सरकारी निकाय के सदस्य की टिप्पणी ने राजनीतिक तूफ़ान खड़ा किया हो। सरकारी बोर्ड के सदस्य द्वारा किसी केंद्रीय मंत्री पर ऐसी टिप्पणी करना प्रशासनिक नैतिकता के सवाल भी उठाता है।
सरकार से कार्रवाई की माँग
मांझी ने स्पष्ट किया कि किसी भी केंद्रीय मंत्री के विरुद्ध इस प्रकार की अपमानजनक टिप्पणियाँ पूरी तरह अस्वीकार्य हैं। उन्होंने बिहार सरकार से अपेक्षा जताई कि मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की ओर से अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
आगे क्या
विपक्षी दलों की प्रतिक्रिया और बिहार सरकार के अगले कदम पर सबकी नज़रें टिकी हैं। यदि डॉ. राजन सिंह के विरुद्ध कार्रवाई होती है, तो यह ट्रांसजेंडर कल्याण बोर्ड की स्वायत्तता और अभिव्यक्ति की सीमाओं पर भी बहस छेड़ सकता है।