कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR की EFC बैठक में दिए राज्यवार कृषि रोडमैप के निर्देश

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कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR की EFC बैठक में दिए राज्यवार कृषि रोडमैप के निर्देश

सारांश

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR की उच्चस्तरीय EFC बैठक में वैज्ञानिक और टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, असम और राजस्थान के लिए राज्यवार कृषि रोडमैप जल्द तैयार होगा।

मुख्य बातें

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नई दिल्ली में ICAR की EFC बैठक की अध्यक्षता की।
जाट ने देशभर के कार्यक्रमों और भविष्य की योजनाओं की जानकारी दी।
मंत्री ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग और सस्टेनेबल फार्मिंग को व्यापक रूप से अपनाने पर जोर दिया।
आंध्र प्रदेश , उत्तर प्रदेश , असम और राजस्थान के लिए राज्यवार कृषि रोडमैप तैयार करने का काम प्रगति पर है।
जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों को देखते हुए एग्रो-क्लाइमेटिक परिस्थितियों के अनुरूप नीति बनाने के निर्देश दिए गए।

केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 17 मई 2025 को नई दिल्ली स्थित 12, सफदरजंग रोड के कैंप कार्यालय में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमेटी (EFC) से संबंधित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में ICAR के कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की कार्ययोजना पर गहन चर्चा हुई।

बैठक का मुख्य एजेंडा

ICAR के महानिदेशक एवं DARE सचिव डॉ. एम.एल. जाट ने केंद्रीय मंत्री को देशभर में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परिषद किस प्रकार भारतीय किसानों को अधिकतम लाभ पहुँचाने की दिशा में काम कर रही है और आगामी कार्ययोजना क्या है।

मंत्री के प्रमुख निर्देश

चौहान ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कृषि देश की बड़ी आबादी की जीविका का मुख्य आधार है और भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने कहा, 'हमारी संपूर्ण कोशिश और ऊर्जा इस दिशा में केंद्रित होनी चाहिए कि भारतीय कृषि को अधिक उत्पादक, कम लागत वाली तथा लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सके।'

मंत्री ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया और कहा कि किसानों को इसे व्यावहारिक रूप से अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। उनके अनुसार, इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और सस्टेनेबल फार्मिंग को मजबूती मिलेगी।

जलवायु परिवर्तन और वैज्ञानिक कृषि

चौहान ने जोर देकर कहा कि वैज्ञानिक कृषि आज समय की अनिवार्य जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत सहित दुनियाभर में जलवायु परिवर्तन की समस्या अब प्रत्यक्ष रूप से महसूस की जा रही है। इन परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्यों की एग्रो-क्लाइमेटिक परिस्थितियों के अनुरूप राज्यवार कृषि रोडमैप तैयार करने की दिशा में राज्यों की सहमति से तेज़ी से काम किया जाए।

किन राज्यों में काम प्रगति पर

अधिकारियों ने बताया कि आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, असम एवं राजस्थान के अनुरोध पर इस दिशा में काम पहले से शुरू हो चुका है और शीघ्र ही इन राज्यों का स्वतंत्र कृषि रोडमैप तैयार कर लिया जाएगा। यह पहल राज्य-विशिष्ट फसल पैटर्न और जलवायु चुनौतियों को ध्यान में रखकर की जा रही है।

आगे की राह

ICAR की कार्ययोजना पर संतोष व्यक्त करते हुए चौहान ने अधिकारियों को और अधिक ऊर्जा और उत्साह के साथ काम करने के निर्देश दिए, ताकि निर्धारित लक्ष्य समय से पहले हासिल किए जा सकें। बैठक में ICAR के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को नई गति देने पर जोर दे रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी क्रियान्वयन की गति हमेशा नीतिगत महत्वाकांक्षा से पीछे रही है। असली सवाल यह है कि क्या इस बार राज्यों के साथ 'सहमति' से तैयार होने वाले रोडमैप में बाध्यकारी लक्ष्य और जवाबदेही तंत्र होगा। जलवायु परिवर्तन की चुनौती वास्तविक और तत्काल है, लेकिन समीक्षा बैठकें तब तक पर्याप्त नहीं होतीं जब तक उनके नतीजे मापे न जाएँ।
RashtraPress
16 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ICAR की EFC बैठक में क्या हुआ?
कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में ICAR के देशभर के कार्यक्रमों की समीक्षा की गई और भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा हुई। मंत्री ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग और राज्यवार कृषि रोडमैप तैयार करने के निर्देश दिए।
किन राज्यों के लिए कृषि रोडमैप तैयार हो रहा है?
आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, असम और राजस्थान के अनुरोध पर इन राज्यों के लिए स्वतंत्र कृषि रोडमैप तैयार करने का काम प्रगति पर है। अधिकारियों के अनुसार यह रोडमैप शीघ्र ही पूरा कर लिया जाएगा।
इंटीग्रेटेड फार्मिंग से किसानों को क्या फायदा होगा?
इंटीग्रेटेड फार्मिंग में खेती के साथ पशुपालन, मछलीपालन और बागवानी को एक साथ जोड़ा जाता है, जिससे किसानों की आय कई स्रोतों से आती है। मंत्री चौहान के अनुसार, इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और सतत कृषि को मजबूती मिलेगी।
ICAR के महानिदेशक कौन हैं और उन्होंने बैठक में क्या बताया?
ICAR के महानिदेशक और DARE सचिव डॉ. एम.एल. जाट हैं। उन्होंने बैठक में केंद्रीय मंत्री को देशभर में ICAR के अंतर्गत चल रहे कार्यक्रमों, गतिविधियों और भविष्य की कार्ययोजना की विस्तृत जानकारी दी।
जलवायु परिवर्तन के संदर्भ में ICAR क्या कदम उठा रहा है?
मंत्री चौहान के निर्देश पर ICAR राज्यों की एग्रो-क्लाइमेटिक परिस्थितियों के अनुरूप राज्यवार कृषि रोडमैप तैयार कर रहा है। यह पहल जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए वैज्ञानिक कृषि को बढ़ावा देने की दिशा में उठाया गया कदम है।
राष्ट्र प्रेस
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