कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ICAR की EFC बैठक में दिए राज्यवार कृषि रोडमैप के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 17 मई 2025 को नई दिल्ली स्थित 12, सफदरजंग रोड के कैंप कार्यालय में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (ICAR) की एक्सपेंडिचर फाइनेंस कमेटी (EFC) से संबंधित उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में ICAR के कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा के साथ-साथ भविष्य की कार्ययोजना पर गहन चर्चा हुई।
बैठक का मुख्य एजेंडा
ICAR के महानिदेशक एवं DARE सचिव डॉ. एम.एल. जाट ने केंद्रीय मंत्री को देशभर में संचालित विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परिषद किस प्रकार भारतीय किसानों को अधिकतम लाभ पहुँचाने की दिशा में काम कर रही है और आगामी कार्ययोजना क्या है।
मंत्री के प्रमुख निर्देश
चौहान ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि कृषि देश की बड़ी आबादी की जीविका का मुख्य आधार है और भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़ है। उन्होंने कहा, 'हमारी संपूर्ण कोशिश और ऊर्जा इस दिशा में केंद्रित होनी चाहिए कि भारतीय कृषि को अधिक उत्पादक, कम लागत वाली तथा लाभकारी व्यवसाय बनाया जा सके।'
मंत्री ने इंटीग्रेटेड फार्मिंग के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया और कहा कि किसानों को इसे व्यावहारिक रूप से अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए। उनके अनुसार, इससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और सस्टेनेबल फार्मिंग को मजबूती मिलेगी।
जलवायु परिवर्तन और वैज्ञानिक कृषि
चौहान ने जोर देकर कहा कि वैज्ञानिक कृषि आज समय की अनिवार्य जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत सहित दुनियाभर में जलवायु परिवर्तन की समस्या अब प्रत्यक्ष रूप से महसूस की जा रही है। इन परिस्थितियों को देखते हुए उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्यों की एग्रो-क्लाइमेटिक परिस्थितियों के अनुरूप राज्यवार कृषि रोडमैप तैयार करने की दिशा में राज्यों की सहमति से तेज़ी से काम किया जाए।
किन राज्यों में काम प्रगति पर
अधिकारियों ने बताया कि आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश, असम एवं राजस्थान के अनुरोध पर इस दिशा में काम पहले से शुरू हो चुका है और शीघ्र ही इन राज्यों का स्वतंत्र कृषि रोडमैप तैयार कर लिया जाएगा। यह पहल राज्य-विशिष्ट फसल पैटर्न और जलवायु चुनौतियों को ध्यान में रखकर की जा रही है।
आगे की राह
ICAR की कार्ययोजना पर संतोष व्यक्त करते हुए चौहान ने अधिकारियों को और अधिक ऊर्जा और उत्साह के साथ काम करने के निर्देश दिए, ताकि निर्धारित लक्ष्य समय से पहले हासिल किए जा सकें। बैठक में ICAR के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब केंद्र सरकार कृषि क्षेत्र में अनुसंधान और नवाचार को नई गति देने पर जोर दे रही है।