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चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर AAP नेता अनुराग ढांडा: '140 करोड़ लोगों का मुद्दा, विपक्ष बनाम BJP नहीं'

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चुनाव आयोग की स्वतंत्रता पर AAP नेता अनुराग ढांडा: '140 करोड़ लोगों का मुद्दा, विपक्ष बनाम BJP नहीं'

सारांश

AAP नेता अनुराग ढांडा ने इंडी गठबंधन की बैठक में साफ़ कहा — चुनाव आयोग पर सवाल किसी एक दल का मुद्दा नहीं, यह 140 करोड़ नागरिकों के मताधिकार की लड़ाई है। उनकी अपील: सभी विपक्षी दल एकजुट हों, वरना यह आंदोलन कमज़ोर पड़ेगा।

मुख्य बातें

AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने 30 सितंबर 2026 को कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता 140 करोड़ नागरिकों का मुद्दा है, किसी एक दल का नहीं।
ढांडा ने सभी विपक्षी दलों से एकजुट होकर आंदोलन करने की अपील की; कहा — अलग-अलग मंचों से लड़ाई कमज़ोर पड़ेगी।
कांग्रेस के चुनाव आयोग सुधार अभियान को युवाओं का समर्थन मिल रहा है — ढांडा ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे में युवाओं की भूमिका का उल्लेख किया।
ढांडा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर आरोप लगाया कि उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर व्यक्तिगत टिप्पणियाँ कीं।
2007-2017 की अकाली दल-BJP सरकार पर पंजाब में नशे की समस्या बढ़ाने का आरोप; गुजरात और हरियाणा में भी ड्रग्स का मुद्दा उठाया।

आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में इंडी गठबंधन की बैठक के दौरान कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर उठे सवाल किसी एक राजनीतिक दल या गठबंधन की चिंता नहीं, बल्कि देश के करीब 140 करोड़ नागरिकों से जुड़ा बुनियादी लोकतांत्रिक सवाल है। ढांडा ने स्पष्ट किया कि मतदान के अधिकार के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ को पार्टी की राजनीति से ऊपर उठकर देखा जाना चाहिए।

ढांडा का केंद्रीय तर्क

ढांडा ने कहा, 'यह विपक्ष बनाम भारतीय जनता पार्टी (BJP) का मुद्दा नहीं है — यह देश से जुड़ा मुद्दा है।' उनका कहना था कि यदि राजनीतिक दल अलग-अलग मंचों से आंदोलन करते रहे, तो यह लड़ाई कमज़ोर पड़ सकती है। इसीलिए सभी दलों को एकजुट होकर नागरिकों के मताधिकार की रक्षा के लिए काम करना चाहिए।

उन्होंने यह भी जोड़ा कि लोकतंत्र की नींव स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों पर टिकी है, और चुनाव आयोग की भूमिका में किसी भी तरह के समझौते का असर हर मतदाता पर पड़ता है।

कांग्रेस के अभियान और युवाओं की भूमिका

ढांडा ने कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग में सुधार को लेकर चलाए जा रहे अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि देश के युवा इस मुद्दे पर कांग्रेस के प्रयासों का समर्थन कर रहे हैं। उन्होंने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का भी संदर्भ दिया और कहा कि उस प्रकरण में भी युवाओं ने निर्णायक भूमिका निभाई थी।

AAP नेता ने अपील की कि युवाओं के नेतृत्व में चल रहे आंदोलनों को सभी राजनीतिक दलों का सक्रिय समर्थन मिलना चाहिए, ताकि एकजुट आवाज़ बनाई जा सके।

अमित शाह के बयान और BJP पर निशाना

ढांडा ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब से जुड़े हालिया बयानों पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उनका आरोप था कि शाह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर व्यक्तिगत टिप्पणियाँ कीं, जो राजनीतिक मर्यादा का उल्लंघन है। ढांडा ने कहा कि BJP का चुनावी अभियान पंजाब में अपेक्षित समर्थन जुटाने में विफल रहा है, और यही कारण है कि पार्टी के नेता इस तरह के बयान दे रहे हैं।

पंजाब में नशे की समस्या पर आरोप-प्रत्यारोप

नशे के मुद्दे पर ढांडा ने 2007 से 2017 के बीच पंजाब में रही शिरोमणि अकाली दल-BJP गठबंधन सरकार पर आरोप लगाया कि उस दौर में राज्य में ड्रग्स की समस्या गहराई। उन्होंने कहा कि पंजाब आज भी उस विरासत से जूझ रहा है। इसके अलावा उन्होंने गुजरात में नशीले पदार्थों की बरामदगी और हरियाणा में नशे की बढ़ती समस्या का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि BJP-शासित राज्यों में नशे का कारोबार बढ़ रहा है।

गौरतलब है कि ये आरोप AAP की ओर से लगाए गए हैं और इन पर BJP की आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

आगे क्या

इंडी गठबंधन की बैठक में चुनाव आयोग सुधार और प्रस्तावित मार्च को लेकर रणनीति पर विचार-विमर्श जारी है। ढांडा के बयानों से स्पष्ट है कि AAP इस मुद्दे पर अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर एकीकृत आंदोलन की दिशा में आगे बढ़ना चाहती है। आने वाले दिनों में गठबंधन की साझा रणनीति और संभावित मार्च की तारीख पर निर्णय अपेक्षित है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ INDIA गठबंधन अब तक एकजुट रणनीति बनाने में अक्सर नाकाम रहा है। असली सवाल यह है कि क्या AAP और कांग्रेस — जो दिल्ली में परंपरागत प्रतिद्वंद्वी हैं — इस मुद्दे पर सच में साझा मंच बना पाएंगे, या यह एकता महज़ बयानबाज़ी तक सीमित रहेगी। पंजाब में नशे पर BJP को घेरने की कोशिश जायज़ राजनीतिक बहस है, लेकिन मुख्य मुद्दे — चुनाव आयोग की स्वायत्तता — से ध्यान न हटे, यह सुनिश्चित करना भी उतना ही ज़रूरी है।
RashtraPress
1 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अनुराग ढांडा ने चुनाव आयोग पर क्या कहा?
AAP के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने 30 सितंबर 2026 को कहा कि चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदान के अधिकार से छेड़छाड़ का मामला देश के 140 करोड़ नागरिकों से जुड़ा है। यह विपक्ष बनाम BJP का मुद्दा नहीं, बल्कि समूचे राष्ट्र की लोकतांत्रिक चिंता है।
इंडी गठबंधन की बैठक में क्या एजेंडा था?
30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में हुई इंडी गठबंधन की बैठक में चुनाव आयोग सुधार और प्रस्तावित मार्च की रणनीति पर चर्चा हुई। ढांडा ने सभी विपक्षी दलों से एकजुट होकर एक मंच पर आंदोलन करने की अपील की।
AAP ने अमित शाह पर क्या आरोप लगाए?
AAP के अनुराग ढांडा ने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर व्यक्तिगत टिप्पणियाँ कीं। ढांडा ने इसे BJP की पंजाब में चुनावी विफलता से उपजी बेचैनी का नतीजा बताया।
पंजाब में नशे की समस्या पर AAP का क्या रुख है?
AAP के ढांडा ने 2007 से 2017 के बीच की अकाली दल-BJP गठबंधन सरकार को पंजाब में नशे की समस्या के लिए ज़िम्मेदार ठहराया। उन्होंने गुजरात में नशीले पदार्थों की बरामदगी और हरियाणा में ड्रग्स की समस्या का भी उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि BJP-शासित राज्यों में यह समस्या बढ़ रही है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का इस मुद्दे से क्या संबंध है?
ढांडा ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का उदाहरण देते हुए कहा कि उस प्रकरण में युवाओं की सक्रिय भूमिका थी। उनका तर्क था कि युवा-नेतृत्व वाले आंदोलनों को सभी राजनीतिक दलों का समर्थन मिलने से लोकतांत्रिक माँगें ज़्यादा प्रभावशाली बनती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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