भाजपा संविधान बदलने के लिए सांसद खरीद रही है: AAP नेता अनुराग ढांडा का रोहतक में बड़ा आरोप
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अनुराग ढांडा ने 23 जून को रोहतक में यह आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) पूरे देश में सांसदों और विधायकों को तोड़ने का काम कर रही है, ताकि दो-तिहाई बहुमत हासिल कर डॉ. बी. आर. अंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान में बदलाव किया जा सके। उनका यह बयान उस समय आया जब महाराष्ट्र में शिवसेना (UBT) के बागी सांसद उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की उपस्थिति में शिवसेना में विधिवत शामिल हुए।
मुख्य आरोप: लोकतंत्र पर हमला
ढांडा ने कहा कि भाजपा का लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास नहीं रहा। उनके अनुसार, भाजपा को यह समझ आ गया है कि जनता में उनके प्रति गहरी नाराज़गी है और उनकी सरकार जाने वाली है। इसीलिए, उनका आरोप है, पार्टी अलोकतांत्रिक तरीके से सांसदों और विधायकों की खरीद-फरोख्त कर दो-तिहाई बहुमत बनाने की कोशिश में है। उन्होंने कहा, 'हम ऐसा नहीं होने देंगे।'
टीएमसी बागी सांसदों पर निशाना
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी सांसदों के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) को समर्थन देने के मुद्दे पर ढांडा ने कहा कि TMC के 20 सांसद जिस नई पार्टी में गए हैं, उसके बैंक खाते में कथित तौर पर केवल ₹75 हैं। उन्होंने व्यंग्य करते हुए कहा कि उस पार्टी के पास सांसदों की बैठक में चाय पिलाने तक के पैसे नहीं हैं। उनका दावा है कि यह पूरी तोड़फोड़ प्रवर्तन निदेशालय (ED) और केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) के दबाव तथा काले धन के सहारे की जा रही है।
पंजाब की शिक्षा नीति: निजी स्कूल फीस पर लगाम
ढांडा ने पंजाब सरकार के उस फैसले की सराहना की जिसमें निजी स्कूलों की फीस वृद्धि को 5 प्रतिशत तक सीमित करने का प्रस्ताव कैबिनेट में पास किया गया है। उन्होंने कहा कि मध्यमवर्गीय परिवारों के सामने बच्चों की निजी स्कूल फीस सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है। उनके अनुसार, दिल्ली में AAP सरकार के कार्यकाल में भी निजी स्कूलों की मनमानी फीस पर नियंत्रण रहा था।
हरियाणा बनाम पंजाब: शिक्षा व्यवस्था की तुलना
ढांडा ने दावा किया कि सरकारी स्कूल शिक्षा के मामले में पंजाब पूरे देश में पहले स्थान पर है, जबकि हरियाणा 14वें स्थान पर है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा में निजी स्कूल हर साल 20 से 40 प्रतिशत तक फीस बढ़ा रहे हैं और कुछ स्कूलों में तो फीस डेढ़ गुना तक कर दी गई है। उनका कहना है कि भाजपा नेताओं के इन्हीं स्कूलों में शेयर होने के कारण राज्य सरकार इस 'निजी स्कूल माफिया' के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं करती।
आगे क्या
ढांडा के ये बयान ऐसे समय में आए हैं जब देशभर में राजनीतिक दलबदल की घटनाएँ तेज़ हो रही हैं और विपक्षी दल एकजुट होकर भाजपा पर संविधान-विरोधी रवैये का आरोप लगा रहे हैं। AAP ने स्पष्ट किया है कि वह किसी भी दबाव में आकर अपना रुख नहीं बदलेगी। पंजाब में निजी स्कूल फीस नियंत्रण कानून के क्रियान्वयन पर सबकी नज़रें टिकी हैं।