चुनाव आयोग पर AAP का बड़ा बयान: अनुराग ढांडा बोले — यह 140 करोड़ भारतीयों का मुद्दा
सारांश
मुख्य बातें
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने 30 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में इंडी गठबंधन की बैठक के दौरान कहा कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और मतदान के अधिकार से किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ का मामला किसी एक दल या गठबंधन तक सीमित नहीं, बल्कि यह देश के करीब 140 करोड़ नागरिकों को प्रभावित करने वाला सवाल है। ढांडा ने सभी राजनीतिक दलों से पार्टी-हित से ऊपर उठकर लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा के लिए एकजुट होने की अपील की।
चुनाव आयोग पर AAP का रुख
ढांडा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'यह विपक्ष बनाम भारतीय जनता पार्टी (BJP) का मुद्दा नहीं है। यह देश से जुड़ा मुद्दा है।' उनके अनुसार, जब चुनाव आयोग के प्रभावित होने की आशंका उठती है तो यह लोकतंत्र की बुनियाद को कमज़ोर करता है, और इस पर राजनीतिक दलों को गठबंधन की सीमाओं से परे जाकर सोचना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यदि अलग-अलग राजनीतिक दल अलग-अलग मंचों से आंदोलन करते हैं, तो यह लड़ाई कमज़ोर पड़ सकती है। इसलिए सभी दलों को एक साझे मंच पर आकर युवाओं का समर्थन करना चाहिए।
कांग्रेस के अभियान और युवाओं की भूमिका
ढांडा ने कांग्रेस की ओर से चुनाव आयोग में सुधार को लेकर चलाए जा रहे अभियान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि देश के युवा इस अभियान का समर्थन कर रहे हैं, जो इस मुद्दे की व्यापक सामाजिक स्वीकार्यता को दर्शाता है।
ढांडा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे का भी संदर्भ देते हुए कहा कि उस प्रकरण में युवाओं की सक्रिय भूमिका रही थी, और युवा नेतृत्व में चल रहे आंदोलनों को सभी दलों का साथ मिलना चाहिए।
अमित शाह के बयानों पर AAP का पलटवार
AAP नेता ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब संबंधी बयानों पर तीखी प्रतिक्रिया जताई। ढांडा ने आरोप लगाया कि शाह ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर व्यक्तिगत टिप्पणियाँ कीं। उन्होंने कहा कि BJP का चुनावी अभियान अपेक्षित समर्थन नहीं जुटा सका, और इसी कारण पार्टी नेताओं में बेचैनी है।
पंजाब में नशे की समस्या पर आरोप-प्रत्यारोप
ढांडा ने 2007 से 2017 के बीच पंजाब में रही अकाली दल-BJP गठबंधन सरकार पर आरोप लगाया कि उस दौर में राज्य में नशे की समस्या गंभीर रूप से बढ़ी। उन्होंने दावा किया कि पंजाब आज भी उसी विरासत से जूझ रहा है।
इस संदर्भ में उन्होंने गुजरात में नशीले पदार्थों की बरामदगी और हरियाणा में नशे की बढ़ती समस्या का भी उल्लेख किया। ढांडा ने आरोप लगाया कि BJP शासित राज्यों में नशे का कारोबार बढ़ रहा है — हालाँकि उन्होंने इन दावों के समर्थन में कोई आधिकारिक आँकड़ा प्रस्तुत नहीं किया।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब इंडी गठबंधन चुनाव आयोग और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को लेकर अपना साझा मोर्चा मज़बूत करने की कोशिश में है। गठबंधन की आगामी रणनीति और प्रस्तावित मार्च को लेकर अंतिम निर्णय बैठक के बाद स्पष्ट होने की उम्मीद है।