दरभंगा हवाई अड्डा: सीआईएसएफ ने संभाली सुरक्षा, डीजी प्रवीर रंजन ने किया निरीक्षण — देश का 72वाँ सुरक्षित हवाई अड्डा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के महानिदेशक प्रवीर रंजन ने दरभंगा हवाई अड्डे पर औपचारिक रूप से सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद हवाई अड्डे का दौरा किया और तैनात कर्मियों की परिचालन तैयारियों तथा कल्याणकारी व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। इस कदम के साथ दरभंगा देश का 72वाँ हवाई अड्डा बन गया है जो सीआईएसएफ की छत्रछाया में आ गया है, और पटना व गया के बाद बिहार का तीसरा ऐसा हवाई अड्डा है।
सुरक्षा हस्तांतरण का समारोह
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गुरुवार को आयोजित एक आधिकारिक समारोह में दरभंगा हवाई अड्डे की सुरक्षा का कार्यभार औपचारिक रूप से सीआईएसएफ को सौंपा। इससे पहले यह जिम्मेदारी बिहार पुलिस के पास थी। यह हस्तांतरण विमानन सुरक्षा के केंद्रीयकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
डीजी का निरीक्षण दौरा
महानिदेशक प्रवीर रंजन के साथ वरिष्ठ अधिकारी बिनिता ठाकुर और सेंथिल अवूदई कृष्णा राज एस भी दौरे पर उपस्थित रहे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने बैरक आवास, भोजन व्यवस्था, सुरक्षा क्षेत्र और अन्य महत्वपूर्ण बुनियादी ढाँचे का मुआयना किया। उनका विशेष ध्यान नागरिक उड्डयन सुरक्षा ब्यूरो (बीसीएएस) द्वारा निर्धारित विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुपालन पर रहा।
रणनीतिक महत्व और सीमावर्ती चुनौतियाँ
दरभंगा हवाई अड्डे की तैनाती को रणनीतिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह भारत-नेपाल सीमा के निकट स्थित है। यह सीमा लगभग 729 किलोमीटर लंबी है, और तस्करी, सीमापार गतिविधियों तथा ड्रोन से जुड़े उभरते खतरों के कारण यहाँ कड़ी निगरानी को अनिवार्य माना जाता है। गौरतलब है कि दरभंगा हवाई अड्डा भारतीय वायु सेना स्टेशन के भीतर एक सिविल एन्क्लेव के रूप में संचालित होता है, जो इसकी सुरक्षा संवेदनशीलता को और बढ़ाता है।
तैनाती का ढाँचा और सुरक्षा व्यवस्था
पहले चरण में लगभग 145 सीआईएसएफ कर्मी तैनात किए गए हैं। इनकी जिम्मेदारियों में यात्री सुरक्षा, सामान की जाँच, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और आपातकालीन प्रतिक्रिया शामिल है। बहुस्तरीय सुरक्षा प्रणाली के अंतर्गत उच्च तकनीक वाली स्क्रीनिंग प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी, प्रवेश नियंत्रण तंत्र और तोड़फोड़-रोधी जाँच की व्यवस्था की गई है।
आपात स्थितियों से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए क्विक रिस्पॉन्स टीम (क्यूआरटी), बम निरोधक दस्ता और विस्फोटक पहचान में प्रशिक्षित के-9 इकाइयाँ भी तैनात की गई हैं।
आगे की राह
सीआईएसएफ की इस तैनाती से दरभंगा हवाई अड्डे पर विमानन सुरक्षा के मानक राष्ट्रीय स्तर के अनुरूप हो जाएँगे। विशेषज्ञों के अनुसार, सीमावर्ती क्षेत्र में इस स्तर की केंद्रीय सुरक्षा न केवल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी, बल्कि क्षेत्रीय हवाई संपर्क को और विस्तार देने में भी सहायक होगी।