'क्या बोलती जनता?' अभियान: सीजेपी संस्थापक अभिजीत दिपके ने सितंबर से राष्ट्रव्यापी जनसंवाद यात्रा का ऐलान किया
सारांश
मुख्य बातें
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के संस्थापक अभिजीत दिपके ने 6 अगस्त को छत्रपति संभाजीनगर में पत्रकारों को संबोधित करते हुए 'क्या बोलती जनता?' नामक राष्ट्रव्यापी अभियान की घोषणा की, जो सितंबर 2026 से शुरू होगा। इस अभियान का उद्देश्य महाराष्ट्र सहित पूरे भारत में छात्रों, युवाओं और आम नागरिकों की शिकायतों को सीधे प्रशासन तक पहुँचाना है।
बैठक का संदर्भ और पृष्ठभूमि
दिपके ने यह घोषणा पार्टी की दो दिवसीय राष्ट्रीय कोर कमेटी की बैठक के समापन के बाद की। उल्लेखनीय है कि सीजेपी ने इससे पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक होने के विरोध में प्रदर्शन कर राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया था। यह अभियान उसी सक्रियता की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।
शिक्षा व्यवसायीकरण पर तीखा प्रहार
अभियान के केंद्र में देश की शिक्षा व्यवस्था में बढ़ता व्यावसायीकरण और आसमान छूती फीस का मुद्दा है। दिपके ने आरोप लगाया कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मध्यम वर्ग और श्रमिक वर्ग के परिवारों के लिए एक असंभव सपना बन चुकी है।
उन्होंने कहा, 'शिक्षा क्षेत्र में सुधार हमारे अभियान का प्राथमिक और सबसे महत्वपूर्ण लक्ष्य होगा। आज देश में शिक्षा एक अत्यधिक लाभदायक व्यवसाय बन गई है। प्रथम कक्षा में प्रवेश के लिए वार्षिक शुल्क ₹1 लाख से ₹2 लाख तक है, साथ ही अलग से अत्यधिक चंदा भी लिया जाता है। सीमित मासिक आय वाले परिवार अपने बच्चों की शिक्षा के लिए इतना भारी खर्च कैसे वहन कर सकते हैं?'
उन्होंने उच्च शिक्षा और कोचिंग संस्थानों के नाम पर अभिभावकों के वित्तीय शोषण को रोकने की तत्काल आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया। उनके अनुसार, महंगे बैंक ऋण लेने की मजबूरी के कारण कई परिवार भारी कर्ज में डूब जाते हैं।
अभियान की कार्यनीति
'क्या बोलती जनता?' अभियान के तहत सीजेपी देश भर का दौरा कर नागरिकों, छात्रों और अभिभावकों से सीधा संवाद स्थापित करेगी। दिपके ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य व्यापक जनमत तैयार करना और सरकार पर व्यावसायिक शिक्षा पद्धतियों तथा प्रशासनिक विफलताओं के विरुद्ध कार्रवाई करने का दबाव बनाना है। उन्होंने सरकारी शिक्षण संस्थानों में सुधार पर अधिक ध्यान देने का भी आग्रह किया।
वैचारिक आधार और व्यापक दृष्टिकोण
दिपके ने स्पष्ट किया कि सीजेपी की विचारधारा डॉ. बी.आर. अंबेडकर, महात्मा गांधी और भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के सिद्धांतों पर आधारित है। उन्होंने कहा, 'हम संवैधानिक मूल्यों के लिए लड़ रहे हैं। हमारे लिए किसी आंदोलन की सफलता केवल किसी का इस्तीफा हासिल करना नहीं है; सच्ची सफलता आम नागरिकों के मन से सरकार का भय पूरी तरह मिटाने में निहित है।'
यह अभियान ऐसे समय में आया है जब देश भर में शिक्षा की गुणवत्ता और पहुँच को लेकर बहस तेज़ है, और नीट विवाद ने परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सितंबर से शुरू होने वाले इस अभियान की दिशा और व्यापकता आने वाले हफ्तों में स्पष्ट होगी।