20 जुलाई 2026
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सीजेपी के संसद मार्च पर दिल्ली पुलिस की एडवाइजरी: 'न अनुमति माँगी, न दी गई'

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सीजेपी के संसद मार्च पर दिल्ली पुलिस की एडवाइजरी: 'न अनुमति माँगी, न दी गई'

सारांश

सीजेपी के 20 जुलाई के संसद मार्च से एक दिन पहले दिल्ली पुलिस ने साफ कर दिया — न अनुमति माँगी गई, न दी जाएगी। धारा 163 बीएनएसएस के तहत नई दिल्ली में पाँच से अधिक लोगों के जुलूस पर रोक है। इस बीच सोनम वांगचुक अस्पताल में और सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके भूख हड़ताल पर हैं।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस ने 19 जुलाई 2025 को एडवाइजरी जारी कर कहा कि सीजेपी के 20 जुलाई के संसद मार्च के लिए न अनुमति माँगी गई, न दी गई।
नई दिल्ली जिले में धारा 163 बीएनएसएस के तहत 5 या अधिक व्यक्तियों के मार्च, जुलूस और सभाएँ प्रतिबंधित हैं।
उल्लंघन करने पर धारा 223 बीएनएसएस के तहत मुकदमे की चेतावनी दी गई है।
एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को भूख हड़ताल के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया; सीजेपी फाउंडर अभिजीत दीपके अब भूख हड़ताल पर हैं।
संसद का मानसून सत्र भी 20 जुलाई से शुरू हो रहा है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की गई है।

दिल्ली पुलिस ने 19 जुलाई 2025 को एक आधिकारिक एडवाइजरी जारी कर स्पष्ट किया कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च के लिए न तो कोई अनुमति माँगी गई है और न ही दी गई है। यह एडवाइजरी ऐसे समय आई है जब संसद का मानसून सत्र भी 20 जुलाई से शुरू हो रहा है, जिससे राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था पहले से ही कड़ी कर दी गई है।

एडवाइजरी में क्या कहा गया

दिल्ली पुलिस की एडवाइजरी के अनुसार, नई दिल्ली जिले में धारा 163 बीएनएसएस (पूर्ववर्ती धारा 144 सीआरपीसी) के तहत निषेधाज्ञा पहले से लागू है। इसके तहत पाँच या अधिक व्यक्तियों के विरोध मार्च, जुलूस, प्रदर्शन और सभाएँ सख्त रूप से प्रतिबंधित हैं। अपवाद केवल जंतर-मंतर स्थित निर्धारित विरोध स्थल पर पूर्व अनुमति के साथ आयोजित कार्यक्रमों के लिए है।

पुलिस ने यह भी चेतावनी दी कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर धारा 223 बीएनएसएस और कानून के अन्य लागू प्रावधानों के तहत मुकदमा चलाया जाएगा।

सुरक्षा के कारण

दिल्ली पुलिस ने बताया कि संसद सत्र 20 जुलाई से शुरू होने के कारण जन सुरक्षा, संरक्षित व्यक्तियों की सुरक्षा और महत्वपूर्ण सरकारी प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस ने सभी नागरिकों से अनधिकृत सभाओं या मार्च में भाग न लेने और सार्वजनिक शांति बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।

सीजेपी की पृष्ठभूमि और भूख हड़ताल

गौरतलब है कि सीजेपी ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च का ऐलान किया था। इससे पहले, जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को पुलिस ने अस्पताल में भर्ती करवाया। उनके बाद सीजेपी के फाउंडर अभिजीत दीपके भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।

आगे क्या होगा

दिल्ली पुलिस की स्पष्ट चेतावनी के बावजूद सीजेपी ने अपने मार्च की योजना से पीछे हटने के कोई संकेत नहीं दिए हैं। यह ऐसे समय में है जब संसद का मानसून सत्र शुरू होने वाला है और राजधानी में सुरक्षा बल पूरी तरह सतर्क हैं। किसी भी अनधिकृत मार्च की स्थिति में कानूनी कार्रवाई तय मानी जा रही है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सीजेपी का संसद मार्च क्या है?
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने 20 जुलाई 2025 को जंतर-मंतर से संसद तक मार्च का ऐलान किया है। यह मार्च उस समय प्रस्तावित है जब संसद का मानसून सत्र भी उसी दिन से शुरू हो रहा है।
दिल्ली पुलिस ने एडवाइजरी क्यों जारी की?
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट किया कि सीजेपी ने मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं माँगी है और नई दिल्ली जिले में धारा 163 बीएनएसएस के तहत पाँच या अधिक लोगों के मार्च पर पहले से रोक है। संसद सत्र के मद्देनजर सुरक्षा कारणों से यह एडवाइजरी जारी की गई।
धारा 163 बीएनएसएस क्या है?
धारा 163 बीएनएसएस पूर्ववर्ती धारा 144 सीआरपीसी की जगह आई है। यह जिला प्रशासन को पाँच या अधिक व्यक्तियों की सभा, जुलूस और प्रदर्शन पर रोक लगाने का अधिकार देती है। इसका उल्लंघन करने पर धारा 223 बीएनएसएस के तहत मुकदमा चलाया जा सकता है।
सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके कौन हैं?
सोनम वांगचुक एक एक्टिविस्ट हैं जो जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे थे और उन्हें पुलिस ने अस्पताल में भर्ती करवाया। अभिजीत दीपके सीजेपी के फाउंडर हैं, जो वांगचुक के अस्पताल जाने के बाद खुद भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं।
क्या सीजेपी को मार्च की अनुमति मिल सकती है?
दिल्ली पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि अनुमति न माँगी गई है और न दी जाएगी। नई दिल्ली में धारा 163 बीएनएसएस लागू होने और संसद सत्र शुरू होने के कारण फिलहाल ऐसी कोई अनुमति मिलने की संभावना नहीं दिखती।
राष्ट्र प्रेस
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