अखिल गोगोई का सीजेपी 'सेव डेमोक्रेसी' आंदोलन को समर्थन, विपक्षी एकजुटता की अपील
सारांश
मुख्य बातें
असम के रायजोर दल के विधायक अखिल गोगोई ने 11 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी में घोषणा की कि आपदा प्रभावित परिवारों को प्रभावी राहत दिलाने की मांग को लेकर उनका सत्याग्रह नौ दिन पूरे कर दसवें दिन में प्रवेश कर गया है। इसके साथ ही उन्होंने सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) के 'सेव डेमोक्रेसी' आंदोलन का समर्थन करते हुए सभी विपक्षी दलों से एकजुटता की अपील की।
सत्याग्रह और जिला स्तरीय आंदोलन की घोषणा
गोगोई ने कहा कि सोमवार से पूरे असम के जिला मुख्यालयों में बड़े पैमाने पर जुलूस और प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। उनका लक्ष्य राज्य सरकार पर राहत उपायों को लागू करने के लिए दबाव बनाना है। गोगोई ने आरोप लगाया कि नौ दिन के सत्याग्रह के बावजूद न तो मुख्यमंत्री और न ही मुख्य सचिव ने आंदोलनकारियों से मुलाकात की है।
सीजेपी आंदोलन को लेकर दावे
गोगोई के अनुसार, सीजेपी का 'सेव डेमोक्रेसी' आंदोलन देश में लोकतंत्र की रक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण पहल बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि 1975 के आपातकाल के खिलाफ हुए आंदोलन के बाद यह लोकतंत्र की रक्षा के लिए सबसे बड़ा जन आंदोलन है। उनका कहना था कि जैसा जन आंदोलन खड़ा हुआ है, वैसा पिछले कई वर्षों में कोई राजनीतिक दल व्यक्तिगत या सामूहिक रूप से नहीं कर पाया।
गोगोई ने यह भी आरोप लगाया कि यह आंदोलन भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आरएसएस की निरंकुश नीतियों के खिलाफ खड़ा हुआ है, इसलिए सभी लोकतांत्रिक संगठनों तथा राजनीतिक दलों को इसका समर्थन करना चाहिए।
विपक्षी नेताओं से एकजुटता की अपील
गोगोई ने विपक्षी दलों से आह्वान किया कि वे समानांतर आंदोलन खड़े करने की बजाय सीजेपी के आंदोलन को मजबूत करें। उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता अरविंद केजरीवाल, योगेंद्र यादव और अन्य विपक्षी नेताओं से एकजुट होकर लोकतंत्र की रक्षा की लड़ाई लड़ने का आह्वान किया। गौरतलब है कि यह अपील ऐसे समय में आई है जब देशभर में कई विपक्षी दल अलग-अलग मंचों से सरकार के खिलाफ आवाज़ उठा रहे हैं।
सीजेपी नेताओं की गिरफ्तारी और रिहाई
गोगोई ने बताया कि सीजेपी के तीन नेताओं को गिरफ्तार करने की कोशिश की गई थी, लेकिन अदालत ने उन्हें रिहा कर दिया। उन्होंने इसके लिए न्यायपालिका का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने यूट्यूबर एवं सोशल इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी की रिहाई का भी स्वागत किया।
आपदा राहत और सरकार पर आरोप
19 जुलाई को आई आपदा के संदर्भ में गोगोई ने राज्य सरकार को जिम्मेदार ठहराया। उनका आरोप है कि जल संसाधन विभाग से जुड़े मामलों और कथित अवैध कोयला खनन गतिविधियों के कारण तीन जिलों में गंभीर स्थिति पैदा हुई, और उन्होंने इस मामले में सीबीआई जांच की मांग दोहराई।
रायजोर दल के विधायक के अनुसार, आपदा से करीब दो लाख लोग प्रभावित हुए थे, लेकिन सरकारी सर्वेक्षण में केवल 55,000 परिवारों को ही शामिल किया गया। मुख्यमंत्री द्वारा घोषित एकमुश्त आर्थिक सहायता और अतिरिक्त राहत राशि अब तक प्रभावित लोगों तक नहीं पहुंची है। यह ऐसे समय में आया है जब असम में आपदा राहत की प्रक्रिया को लेकर सवाल पहले से उठ रहे हैं।
आने वाले दिनों में जिला मुख्यालय स्तर पर होने वाले प्रदर्शनों से राज्य में राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है।