असम बाढ़ राहत: अखिल गोगोई का दिसपुर में एक दिवसीय अनशन, ₹10 लाख मुआवजे और CBI जांच की मांग
सारांश
मुख्य बातें
राइजर दल के अध्यक्ष और शिवसागर से विधायक अखिल गोगोई ने 17 सितंबर 2026 को दिसपुर स्थित लोक सेवा भवन के बाहर एक दिवसीय भूख हड़ताल शुरू की। यह अनशन ऊपरी असम में हालिया बाढ़ से तबाह हुए परिवारों के लिए राहत और मुआवजे की राशि बढ़ाने की माँग को लेकर किया गया। सुबह 8 बजे से शाम 4 बजे तक चले इस विरोध प्रदर्शन के ज़रिए गोगोई ने असम सरकार और केंद्र सरकार दोनों पर बाढ़ पीड़ितों के प्रति उदासीनता का आरोप लगाया।
मुख्य माँगें
राइजर दल ने माँग की है कि प्रत्येक बाढ़ प्रभावित परिवार को तत्काल ₹15,000 से ₹25,000 की आर्थिक सहायता दी जाए। जिन परिवारों के घर या संपत्ति पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, उन्हें ₹10 लाख का मुआवजा दिया जाए।
पार्टी ने बाढ़ से प्रभावित व्यापारिक प्रतिष्ठानों के लिए भी समान मुआवजे की माँग की है। इसके अलावा गोगोई ने ऊपरी असम में बाढ़ के कारणों की जाँच के लिए केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) से जाँच कराने की माँग रखी — उनका आरोप है कि कथित तौर पर अवैध खनन और अन्य गतिविधियों ने तबाही को और गहरा किया हो सकता है।
सरकार पर गंभीर आरोप
गोगोई ने कहा कि राज्य और केंद्र दोनों सरकारें बाढ़ की इस भारी तबाही का प्रभावी ढंग से जवाब देने में विफल रही हैं। उनके अनुसार, चुनाव प्रचार के दौरान बड़े-बड़े वादे करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बाढ़ प्रभावित ऊपरी असम के इलाकों का दौरा करने या दूरदराज के क्षेत्रों की स्थिति का जायजा लेने नहीं पहुँचे।
उन्होंने यह भी दावा किया कि केंद्र सरकार ने बाढ़ प्रभावित समुदायों के लिए कोई विशेष सहायता पैकेज घोषित नहीं किया। गौरतलब है कि यह आरोप ऐसे समय में आया है जब नगांव लोकसभा उपचुनाव की तैयारियाँ जोर पर हैं।
सत्तारूढ़ नेताओं पर निशाना
राइजर दल प्रमुख ने सत्तारूढ़ दल के नेताओं, मंत्रियों और विधायकों पर आरोप लगाया कि उनका पूरा ध्यान नगांव उपचुनाव पर केंद्रित है, जबकि बाढ़ प्रभावित परिवार अब भी सरकारी मदद का इंतजार कर रहे हैं।
राइजर दल ने असम के जल संसाधन मंत्री सुशांत बोर्गोहेन को मंत्रिमंडल से हटाने, सोनारी के विधायक धर्मेश्वर कोनवार और नजीरा के विधायक मयूर बोर्गोहेन की गिरफ्तारी की माँग भी की है।
आंदोलन का अगला चरण
गोगोई ने चेतावनी दी कि यदि सरकार उनकी माँगों पर कार्रवाई नहीं करती है, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। राइजर दल ने 23 सितंबर को गुवाहाटी में एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित करने की घोषणा भी की है।
यह अनशन ऊपरी असम में बाढ़ राहत, पुनर्वास और आपदा के कारणों की स्वतंत्र जाँच की माँग को लेकर राइजर दल के जारी अभियान का हिस्सा है। यह ऐसे समय में आया है जब असम हर वर्ष मानसूनी बाढ़ का सामना करता है और राहत पैकेजों की पर्याप्तता पर सवाल उठते रहे हैं।