13 अगस्त 2026
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कपिलेश्वर शिव मंदिर: CM धामी ने अल्मोड़ा के प्राचीन शिवधाम का वीडियो एक्स पर साझा किया

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कपिलेश्वर शिव मंदिर: CM धामी ने अल्मोड़ा के प्राचीन शिवधाम का वीडियो एक्स पर साझा किया

सारांश

सावन मास में CM धामी ने तीन दिनों में अल्मोड़ा के कपिलेश्वर और पौड़ी गढ़वाल के नीलकंठ महादेव मंदिर के वीडियो एक्स पर साझा किए — देवभूमि उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की स्पष्ट रणनीति।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 13 अगस्त को एक्स पर कपिलेश्वर शिव मंदिर, अल्मोड़ा का वीडियो साझा कर श्रद्धालुओं से दर्शन का आग्रह किया।
यह मंदिर अल्मोड़ा से लगभग 12 किलोमीटर दूर सिमल्टी गांव के पास स्थित है और कत्यूरी शासनकाल में निर्मित माना जाता है।
12 अगस्त को सीएम ने नीलकंठ महादेव मंदिर, पौड़ी गढ़वाल का वीडियो भी साझा किया था।
11 अगस्त को धामी ने कांवड़ मेला-2026 के सफल आयोजन पर प्रशासन, पुलिस और स्वयंसेवी संगठनों का आभार व्यक्त किया।
सावन माह में उत्तराखंड के मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 13 अगस्त को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अल्मोड़ा के कपिलेश्वर शिव मंदिर का वीडियो साझा कर श्रद्धालुओं को सावन मास में इस प्राचीन शिवधाम के दर्शन का आग्रह किया। कत्यूरी शासनकाल में निर्मित यह मंदिर अपनी विशिष्ट स्थापत्य कला और आध्यात्मिक महत्व के लिए जाना जाता है।

कपिलेश्वर मंदिर की विशेषता

मुख्यमंत्री धामी ने अपनी एक्स पोस्ट में लिखा, 'अल्मोड़ा शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर सिमल्टी गांव के पास स्थित कपिलेश्वर शिव मंदिर उत्तराखंड के प्राचीन मंदिरों में से एक माना जाता है। कत्यूरी शासनकाल में निर्मित यह मंदिर अपनी विशिष्ट स्थापत्य कला और आध्यात्मिक आभा के लिए विशेष पहचान रखता है।' उन्होंने यह भी बताया कि पवित्र सावन मास में यहाँ विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन होता है, जिससे मंदिर का वातावरण और भी भक्तिमय हो उठता है।

नीलकंठ महादेव मंदिर का भी किया प्रचार

इससे एक दिन पूर्व, 12 अगस्त को, मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश के निकट पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित नीलकंठ महादेव मंदिर का वीडियो भी एक्स पर साझा किया था। उन्होंने लिखा था कि यह धाम पौराणिक मान्यताओं और आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण है और सावन मास में विशेष आस्था का केंद्र बन जाता है। देशभर से लाखों शिवभक्त कांवड़ में गंगाजल लेकर नीलकंठ महादेव पहुँचते हैं और भोलेनाथ का जलाभिषेक करते हैं।

कांवड़ मेला-2026 की सफलता पर आभार

11 अगस्त को मुख्यमंत्री धामी ने एक्स पर कांवड़ मेला-2026 के सफल आयोजन पर देशभर से आए शिवभक्तों का आभार व्यक्त किया था। उन्होंने कहा था कि इस वर्ष देवभूमि उत्तराखंड ने करोड़ों शिवभक्तों की आस्था के साथ सेवा, अनुशासन और व्यवस्था का अद्भुत समन्वय देखा। इस विशाल आयोजन को सुरक्षित बनाने में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन दल, स्वच्छता कर्मियों और स्वयंसेवी संगठनों के योगदान की उन्होंने सराहना की।

सावन में उत्तराखंड के मंदिरों का धार्मिक पर्यटन

यह ऐसे समय में आया है जब सावन माह में उत्तराखंड के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। मुख्यमंत्री द्वारा लगातार कई दिनों तक विभिन्न मंदिरों के वीडियो साझा करना राज्य के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की व्यापक रणनीति का हिस्सा प्रतीत होता है। गौरतलब है कि उत्तराखंड सरकार 'देवभूमि' की छवि को मजबूत कर धार्मिक पर्यटन से राज्य की आय बढ़ाने पर जोर दे रही है। आने वाले दिनों में सावन के शेष सोमवारों पर मंदिरों में और अधिक भीड़ की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन को डिजिटल माध्यम से बढ़ावा देने की सुनियोजित रणनीति है। राज्य सरकार 'देवभूमि' ब्रांड को मज़बूत करने में जुटी है, लेकिन यह भी ध्यान देने योग्य है कि बुनियादी ढाँचे — सड़क, पार्किंग, स्वच्छता — की स्थिति मंदिरों तक पहुँचने वाले तीर्थयात्रियों के अनुभव को सीधे प्रभावित करती है। सोशल मीडिया प्रचार और ज़मीनी तैयारी के बीच का अंतर ही असली कसौटी होगी।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कपिलेश्वर शिव मंदिर कहाँ स्थित है?
कपिलेश्वर शिव मंदिर उत्तराखंड के अल्मोड़ा शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर सिमल्टी गांव के पास स्थित है। यह कत्यूरी शासनकाल में निर्मित प्राचीन मंदिरों में से एक माना जाता है।
CM धामी ने कपिलेश्वर मंदिर का वीडियो क्यों साझा किया?
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सावन माह के अवसर पर श्रद्धालुओं को इस प्राचीन शिवधाम के दर्शन के लिए प्रेरित करने हेतु यह वीडियो 13 अगस्त को एक्स पर साझा किया। यह उत्तराखंड के धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की उनकी व्यापक पहल का हिस्सा है।
नीलकंठ महादेव मंदिर कहाँ है और इसका क्या महत्व है?
नीलकंठ महादेव मंदिर ऋषिकेश के निकट पौड़ी गढ़वाल जिले में स्थित है। यह सावन मास में विशेष आस्था का केंद्र बनता है, जहाँ देशभर से लाखों शिवभक्त कांवड़ में गंगाजल लेकर भोलेनाथ का जलाभिषेक करने पहुँचते हैं।
कांवड़ मेला-2026 के बारे में CM धामी ने क्या कहा?
11 अगस्त को मुख्यमंत्री धामी ने कांवड़ मेला-2026 के सफल आयोजन पर सभी शिवभक्तों और व्यवस्था में सहयोग देने वाले प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और स्वयंसेवी संगठनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष करोड़ों शिवभक्तों की आस्था के साथ सेवा और अनुशासन का अद्भुत समन्वय देखने को मिला।
सावन में उत्तराखंड के किन मंदिरों में विशेष आयोजन होते हैं?
सावन मास में उत्तराखंड के कपिलेश्वर शिव मंदिर (अल्मोड़ा) और नीलकंठ महादेव मंदिर (पौड़ी गढ़वाल) सहित अनेक शिव मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान आयोजित होते हैं। इन स्थलों पर देशभर से श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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