जनजातीय क्षेत्रों में जैविक खेती को बढ़ावा देंगे CM मोहन यादव, दंतेवाड़ा मॉडल अपनाने के निर्देश

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जनजातीय क्षेत्रों में जैविक खेती को बढ़ावा देंगे CM मोहन यादव, दंतेवाड़ा मॉडल अपनाने के निर्देश

सारांश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जनजातीय क्षेत्रों में जैविक खेती अपनाने पर जोर देते हुए छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा मॉडल का अध्ययन करने के लिए विशेष दल भेजने के निर्देश दिए। बैठक में ₹673 करोड़ की छात्रवृत्ति और 2,671 आश्रम शालाओं के संचालन की जानकारी भी सामने आई।

मुख्य बातें

मोहन यादव ने 21 मई 2026 को भोपाल में जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा में जनजातीय जैविक खेती मॉडल के अध्ययन हेतु मध्य प्रदेश से विशेष दल भेजने के निर्देश।
दिसंबर 2023 से अब तक 4 लाख 28 हज़ार विद्यार्थियों को पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति में ₹673 करोड़ 64 लाख का भुगतान।
2 लाख 37 हज़ार 550 महिला मुखियाओं को आहार अनुदान योजना में कुल ₹432 करोड़ प्रदान।
परीक्षा परिणाम 2026 में प्रदेश के शीर्ष 10 जिलों में से 7 जनजातीय जिले शामिल।
विशेष पिछड़ी जनजातियों बैगा, भारिया और सहारिया के समग्र विकास के लिए सतत् कार्य के निर्देश।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 मई 2026 को भोपाल में जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिया कि मध्य प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में जनजातीय किसानों द्वारा अपनाए जा रहे जैविक कृषि मॉडल का अध्ययन करने के लिए मध्य प्रदेश से एक विशेष दल भेजने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख उपस्थिति

इस समीक्षा बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी और जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की व्यापक समीक्षा की गई।

शिक्षा और आवासीय सुविधाओं में सुधार के निर्देश

मुख्यमंत्री यादव ने जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों, आश्रम शालाओं और छात्रावासों में शिक्षा एवं रहन-सहन की गुणवत्ता बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया। बैठक में यह भी बताया गया कि हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी परीक्षा परिणाम 2026 में प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ 10 जिलों में से 7 जनजातीय जिले शामिल हैं — जो इन क्षेत्रों में शैक्षिक सुधार का संकेत है। विभाग द्वारा वर्तमान में 2,671 छात्रावास और आश्रम शालाओं का संचालन किया जा रहा है।

छात्रवृत्ति और आर्थिक सहायता के आँकड़े

दिसंबर 2023 से अब तक जनजातीय वर्ग के कक्षा 9 एवं 10 के 3 लाख 65 हज़ार विद्यार्थियों को ₹137 करोड़ 52 लाख की छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया है। इसी अवधि में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 4 लाख 28 हज़ार विद्यार्थियों को ₹673 करोड़ 64 लाख की राशि प्रदान की गई है। मंत्री विजय शाह ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों की महिला मुखियाओं के बैंक खाते में आहार अनुदान योजना के तहत प्रतिमाह ₹1,500 की राशि दी जा रही है, और दिसंबर 2023 से अब तक 2 लाख 37 हज़ार 550 महिलाओं को कुल ₹432 करोड़ प्रदान किए जा चुके हैं।

विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास पर फोकस

मुख्यमंत्री यादव ने प्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजातियों — बैगा, भारिया और सहारिया — के समग्र विकास के लिए सतत् प्रयास जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में परंपरागत सामाजिक मूल्यों के संरक्षण के साथ-साथ समाजसेवी संगठनों का सहयोग लेने और पशुपालनदुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी बल दिया।

कन्वर्जेंस से विकास का लक्ष्य

मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में शासन के विभिन्न विभाग मिलकर काम करें और कन्वर्जेंस के माध्यम से जन सुविधाओं का विकास सुनिश्चित किया जाए। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब केंद्र और राज्य सरकारें जनजातीय समुदायों की आर्थिक स्वावलंबिता को नीतिगत प्राथमिकता दे रही हैं। आगामी महीनों में दंतेवाड़ा अध्ययन दल की रिपोर्ट के आधार पर मध्य प्रदेश में जैविक कृषि की रूपरेखा तैयार किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की गति में होगी — मध्य प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में भूमि-स्वामित्व की जटिलताएँ और बाज़ार तक पहुँच की कमी जैविक खेती के विस्तार की राह में बड़ी बाधाएँ हैं। छात्रवृत्ति के आँकड़े प्रभावशाली हैं, परंतु यह जाँचना ज़रूरी है कि इन राशियों का वास्तविक उपयोग और ड्रॉपआउट दर पर असर कितना रहा है। बैगा, भारिया और सहारिया जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 'समग्र विकास' का नारा दशकों से चला आ रहा है — इस बार ठोस समयसीमा और मापने योग्य लक्ष्यों की घोषणा न होना एक उल्लेखनीय चूक है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

CM मोहन यादव ने जनजातीय क्षेत्रों में जैविक खेती को लेकर क्या निर्देश दिए?
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 मई 2026 को भोपाल में हुई समीक्षा बैठक में निर्देश दिया कि मध्य प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जाए और छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में चल रहे जनजातीय जैविक कृषि मॉडल का अध्ययन करने के लिए एक विशेष दल भेजा जाए।
मध्य प्रदेश में जनजातीय छात्रवृत्ति योजना में कितनी राशि दी गई है?
दिसंबर 2023 से अब तक कक्षा 9 व 10 के 3 लाख 65 हज़ार विद्यार्थियों को ₹137 करोड़ 52 लाख और पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 4 लाख 28 हज़ार विद्यार्थियों को ₹673 करोड़ 64 लाख की राशि प्रदान की गई है।
आहार अनुदान योजना में जनजातीय महिलाओं को क्या मिलता है?
विशेष पिछड़ी जनजातियों की महिला मुखियाओं के बैंक खाते में आहार अनुदान योजना के तहत प्रतिमाह ₹1,500 की राशि दी जाती है। दिसंबर 2023 से अब तक 2 लाख 37 हज़ार 550 महिलाओं को कुल ₹432 करोड़ प्रदान किए जा चुके हैं।
मध्य प्रदेश की कौन सी विशेष पिछड़ी जनजातियाँ इस समीक्षा में केंद्र में रहीं?
बैठक में बैगा, भारिया और सहारिया — इन तीन विशेष पिछड़ी जनजातियों के समग्र विकास के लिए सतत् कार्य करने के निर्देश मुख्यमंत्री यादव ने दिए।
जनजातीय जिलों का परीक्षा परिणाम 2026 में कैसा रहा?
हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी परीक्षा परिणाम 2026 में प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ 10 जिलों में से 7 जनजातीय जिले शामिल हैं, जो इन क्षेत्रों में शैक्षिक सुधार की दिशा में एक उल्लेखनीय उपलब्धि मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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