जनजातीय क्षेत्रों में जैविक खेती को बढ़ावा देंगे CM मोहन यादव, दंतेवाड़ा मॉडल अपनाने के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 21 मई 2026 को भोपाल में जनजातीय कार्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए निर्देश दिया कि मध्य प्रदेश के जनजातीय क्षेत्रों में जैविक खेती को प्रोत्साहित किया जाए। उन्होंने छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले में जनजातीय किसानों द्वारा अपनाए जा रहे जैविक कृषि मॉडल का अध्ययन करने के लिए मध्य प्रदेश से एक विशेष दल भेजने के निर्देश दिए।
बैठक में प्रमुख उपस्थिति
इस समीक्षा बैठक में जनजातीय कार्य मंत्री विजय शाह, मुख्य सचिव अनुराग जैन, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव नीरज मंडलोई, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त मनीष रस्तोगी और जनजातीय कार्य विभाग के प्रमुख सचिव गुलशन बामरा सहित वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की व्यापक समीक्षा की गई।
शिक्षा और आवासीय सुविधाओं में सुधार के निर्देश
मुख्यमंत्री यादव ने जनजातीय कार्य विभाग द्वारा संचालित विद्यालयों, आश्रम शालाओं और छात्रावासों में शिक्षा एवं रहन-सहन की गुणवत्ता बेहतर बनाने पर विशेष जोर दिया। बैठक में यह भी बताया गया कि हाई स्कूल एवं हायर सेकंडरी परीक्षा परिणाम 2026 में प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ 10 जिलों में से 7 जनजातीय जिले शामिल हैं — जो इन क्षेत्रों में शैक्षिक सुधार का संकेत है। विभाग द्वारा वर्तमान में 2,671 छात्रावास और आश्रम शालाओं का संचालन किया जा रहा है।
छात्रवृत्ति और आर्थिक सहायता के आँकड़े
दिसंबर 2023 से अब तक जनजातीय वर्ग के कक्षा 9 एवं 10 के 3 लाख 65 हज़ार विद्यार्थियों को ₹137 करोड़ 52 लाख की छात्रवृत्ति का भुगतान किया गया है। इसी अवधि में पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 4 लाख 28 हज़ार विद्यार्थियों को ₹673 करोड़ 64 लाख की राशि प्रदान की गई है। मंत्री विजय शाह ने बताया कि विशेष पिछड़ी जनजातियों की महिला मुखियाओं के बैंक खाते में आहार अनुदान योजना के तहत प्रतिमाह ₹1,500 की राशि दी जा रही है, और दिसंबर 2023 से अब तक 2 लाख 37 हज़ार 550 महिलाओं को कुल ₹432 करोड़ प्रदान किए जा चुके हैं।
विशेष पिछड़ी जनजातियों के विकास पर फोकस
मुख्यमंत्री यादव ने प्रदेश की विशेष पिछड़ी जनजातियों — बैगा, भारिया और सहारिया — के समग्र विकास के लिए सतत् प्रयास जारी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने जनजातीय क्षेत्रों में परंपरागत सामाजिक मूल्यों के संरक्षण के साथ-साथ समाजसेवी संगठनों का सहयोग लेने और पशुपालन व दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी बल दिया।
कन्वर्जेंस से विकास का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय क्षेत्रों में शासन के विभिन्न विभाग मिलकर काम करें और कन्वर्जेंस के माध्यम से जन सुविधाओं का विकास सुनिश्चित किया जाए। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब केंद्र और राज्य सरकारें जनजातीय समुदायों की आर्थिक स्वावलंबिता को नीतिगत प्राथमिकता दे रही हैं। आगामी महीनों में दंतेवाड़ा अध्ययन दल की रिपोर्ट के आधार पर मध्य प्रदेश में जैविक कृषि की रूपरेखा तैयार किए जाने की संभावना है।