बिहार CM सम्राट चौधरी का दानापुर स्कूल दौरा, अगले वर्ष से कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य करने के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 26 सितंबर 2026 को दानापुर स्थित राजकीय मध्य विद्यालय में आयोजित अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी-2026 में भाग लिया। उन्होंने कक्षा में विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों के साथ सीधा संवाद किया — यह दौरा राज्य में सरकारी शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के प्रयासों की कड़ी में एक अहम कदम माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री के निर्देश और दौरे का उद्देश्य
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि अगले वर्ष से सभी सरकारी विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य की जाए। इस बाबत एक ठोस योजना तैयार करने को कहा गया है। साथ ही, 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत आयोजित सेवा चित्र प्रतियोगिता का भी अवलोकन किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी और मंत्री रामकृपाल यादव भी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री ने बच्चों और अभिभावकों से सीधे जानने की कोशिश की कि पढ़ाई के दौरान किन कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है और शिक्षण व्यवस्था को और बेहतर कैसे किया जा सकता है।
मंत्री रामकृपाल यादव की प्रतिक्रिया
मीडिया से बातचीत में मंत्री रामकृपाल यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री की पहली प्राथमिकता बिहार के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मुहैया कराना है, ताकि वे हर क्षेत्र में सक्षम बनें और 90 प्रतिशत तक अंक प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा, 'प्रतियोगिता बढ़ गई है, और मुख्यमंत्री व्यक्तिगत रूप से स्कूलों का दौरा कर यह जानने का प्रयास कर रहे हैं कि गुणवत्ता को कैसे बेहतर बनाया जाए।' यादव ने आश्वासन दिया कि जो भी कमियाँ सामने आई हैं, उन्हें दूर करने का काम किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री का बयान और पुरस्कार की घोषणा
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने सेवा चित्र प्रतियोगिता में बच्चों की कल्पनाशीलता और रचनात्मकता की सराहना की। उन्होंने कहा कि बच्चों की कृतियों में शिक्षा, प्रगति और विकसित बिहार की सुंदर परिकल्पना उभरकर सामने आई। उन्होंने घोषणा की कि सर्वश्रेष्ठ पेंटिंग बनाने वाले विद्यार्थी को बापू सभागार में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में पुरस्कृत किया जाएगा।
शिक्षा मंत्री ने यह भी बताया कि बच्चों से लिए गए फीडबैक के आधार पर जो भी सुझाव और कमियाँ सामने आई हैं, उन्हें एक सप्ताह के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
छात्राओं की आवाज़
चित्र प्रतियोगिता में हिस्सा ले रही छात्रा ज्योति कुमारी ने बताया कि उन्हें पेंटिंग करना बहुत पसंद है और वे अपनी कृति को सबके सामने प्रस्तुत करना चाहती हैं। एक अन्य छात्रा गायत्री कुमारी ने कहा कि इस प्रतियोगिता में हिस्सा लेकर उन्हें बहुत अच्छा अनुभव हुआ।
आगे की राह
यह दौरा बिहार सरकार की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है, जिसके तहत सरकारी स्कूलों में शिक्षा का स्तर निजी विद्यालयों के बराबर लाने का प्रयास किया जा रहा है। कंप्यूटर शिक्षा को अनिवार्य करने का निर्देश इस दिशा में एक महत्वपूर्ण नीतिगत कदम है। आने वाले महीनों में इस योजना के क्रियान्वयन का ब्यौरा सामने आने की उम्मीद है।