बिहार विद्या साथी ऐप से एक माह में जुड़े 3 लाख+ विद्यार्थी, 73% ग्रामीण: शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने 23 सितंबर 2026 को जानकारी दी कि राज्य सरकार के बिहार विद्या साथी ऐप से लॉन्च के महज एक माह के भीतर 3 लाख से अधिक विद्यार्थी जुड़ चुके हैं, जिनमें करीब 73 प्रतिशत ग्रामीण क्षेत्रों से हैं। यह आँकड़ा राज्य की डिजिटल शिक्षा पहुँच की दृष्टि से उत्साहजनक माना जा रहा है।
समीक्षा बैठक में हुई प्रमुख चर्चा
तिवारी की अध्यक्षता में बुधवार, 23 सितंबर 2026 को बिहार विद्यालय परीक्षा समिति सभागार, पटना में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में शिक्षा विभाग के सचिव राजीव रौशन और बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष एस. त्यागराजन सहित सभी वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। समिति की कार्यप्रणाली, परीक्षा व्यवस्था, व्यावसायिक शिक्षा और विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
परीक्षा प्रणाली को तकनीक से जोड़ने की तैयारी
बैठक में परीक्षा प्रक्रिया को अधिक तकनीक-आधारित, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने पर विशेष जोर दिया गया। विद्यार्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अपार आईडी को फेस आईडी से जोड़ने और परीक्षा केंद्रों पर इसके प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। साथ ही कम्प्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) आधारित परीक्षाओं के परिणाम समयबद्ध तरीके से जारी करने की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
रोजगारोन्मुख पाठ्यक्रमों पर बल
शिक्षा मंत्री ने व्यावसायिक शिक्षा को रोज़गार और बदलती तकनीकी जरूरतों के अनुरूप ढालने का निर्देश दिया। उन्होंने पुराने एवं कम उपयोगी ट्रेड व पाठ्यक्रमों को हटाकर आधुनिक पाठ्यक्रम शामिल करने पर ज़ोर दिया। इनमें एनिमेशन डिजाइनिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मोबाइल रिपेयरिंग, रोबोटिक्स, इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे कौशल-आधारित विषय प्रमुख रूप से शामिल हैं। गौरतलब है कि व्यावसायिक शिक्षा के प्रति विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार का निर्देश भी दिया गया।
ड्रॉपआउट कम करने और मेधावी विद्यार्थियों को प्रोत्साहन
बैठक में स्कूल ड्रॉपआउट की समस्या पर भी विशेष ध्यान दिया गया। 10वीं के बाद 12वीं तक नहीं पहुँच पाने वाले विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई या कौशल प्रशिक्षण से जोड़ने की प्रभावी रणनीति बनाने पर जोर दिया गया। इसके अलावा प्रोत्साहन राशि देने की दिशा में भी तैयारी करने पर चर्चा हुई। मैट्रिक और इंटर में प्रथम श्रेणी से उत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए परीक्षा समिति की ओर से विशेष प्रशंसा-पत्र प्रदान करने तथा सिमुलतला आवासीय विद्यालय में प्रतिभाशाली छात्रों के प्रवेश को और सुगम बनाने पर भी विचार किया गया।
ग्रामीण और दूरस्थ विद्यार्थियों तक डिजिटल पहुँच
यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में डिजिटल शिक्षा अवसंरचना के विस्तार की माँग लगातार बढ़ रही है। ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक सहायता की डिजिटल पहुँच को और व्यापक बनाने पर बैठक में विशेष बल दिया गया। ITI और औद्योगिक प्रशिक्षण को बेहतर करियर विकल्प के रूप में प्रोत्साहित करने की जरूरत पर भी शिक्षा मंत्री ने बल दिया। आने वाले दिनों में इन निर्णयों के क्रियान्वयन की दिशा में ठोस कदम उठाए जाने की उम्मीद है।