बिहार में 2027 से कक्षा 6-12 तक कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य, 3,818 ICT लैब और 10,531 विज्ञान प्रयोगशालाएँ होंगी हाईटेक
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार ने शैक्षणिक वर्ष 2027 से राज्य के सभी सरकारी विद्यालयों में कक्षा 6 से 12 तक कंप्यूटर शिक्षा अनिवार्य करने का प्रस्ताव रखा है। पटना में 10 अक्टूबर को आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने यह जानकारी दी। बैठक में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी भी उपस्थित थे, जिनके सामने राज्य की शिक्षा संबंधी कई महत्वाकांक्षी योजनाएँ रखी गईं।
मुख्य घटनाक्रम
पटना में हुई इस समीक्षा बैठक में बिहार की स्कूली और उच्च शिक्षा से जुड़ी चल रही परियोजनाओं की प्रगति और केंद्र सरकार से अपेक्षित सहायता पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। शिक्षा मंत्री तिवारी ने बताया कि राज्य में 3,818 आईसीटी (ICT) लैब की स्थापना की प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही 9,000 से अधिक माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों में मॉडल स्कूल जैसी आधुनिक सुविधाएँ विकसित करने पर भी चर्चा हुई।
राज्य में पहले से खोले जा चुके 700 मॉडल स्कूलों की प्रगति की जानकारी भी बैठक में साझा की गई। इसके अलावा 10,531 विज्ञान प्रयोगशालाओं — जिनमें भौतिकी, रसायन विज्ञान और जीव विज्ञान की लैब शामिल हैं — को व्यवस्थित और हाईटेक बनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया।
विद्यालय भवन निर्माण और केंद्रीय सहायता
बैठक में 1,520 विद्यालयों के भवन निर्माण का प्रस्ताव रखा गया, जिनके लिए भूमि उपलब्ध हो चुकी है। इस निर्माण कार्य के लिए राज्य सरकार ने केंद्र से लगभग ₹2,000 करोड़ की माँग की है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने इस प्रस्ताव पर दिल्ली लौटकर विचार करने और धन आवंटन की दिशा में प्रयास करने का आश्वासन दिया।
बैठक में बिहार के 836 पीएम श्री विद्यालयों को पूर्णतः सुसज्जित करने का निर्णय भी लिया गया। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों को सुदृढ़ बनाने, 'उल्लास' कार्यक्रम और संस्कृत विद्यालयों को केंद्रीय अनुदान दिए जाने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
संस्कृत विद्यापीठ और AI शिक्षा की माँग
शिक्षा मंत्री तिवारी ने बताया कि राज्य सरकार प्रत्येक प्रमंडल में संस्कृत विद्यापीठ स्थापित करना चाहती है, जहाँ कक्षा 6 से शोध स्तर तक की पढ़ाई एक ही परिसर में होगी। इन विद्यापीठों में वेद, उपनिषद और विज्ञान की शिक्षा को भी समाहित करने का प्रस्ताव है।
बैठक में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स की शिक्षा के लिए केंद्रीय सहायता की माँग भी रखी गई। इसके अलावा, बिहार के मुख्यमंत्री की ओर से काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) की एक शाखा बिहार में खोलने का प्रस्ताव भी केंद्रीय शिक्षा मंत्री के सामने प्रस्तुत किया गया।
पोषण और रसोई सुधार
बैठक में पीएम पोषण योजना के तहत विद्यार्थियों के भोजन में चिक्की और मिलेट शामिल करने तथा स्कूलों की रसोई को बेहतर बनाने पर भी विचार हुआ। यह कदम बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
क्या होगा आगे
यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के क्रियान्वयन को लेकर राज्यों पर डिजिटल अवसंरचना तैयार करने का दबाव बढ़ रहा है। गौरतलब है कि बिहार जैसे राज्य में जहाँ ग्रामीण स्कूलों में बुनियादी सुविधाओं की कमी अभी भी एक चुनौती है, 2027 की समयसीमा में कंप्यूटर शिक्षा को सार्वभौमिक बनाने के लिए ICT लैब की स्थापना और प्रशिक्षित शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना अहम होगा। शिक्षा विभाग को तय कार्यों को तेज़ी से ज़मीन पर उतारने का निर्देश दिया गया है।