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सतीश शाह: तीनों खानों के साथ काम करने वाले कॉमेडी के बेताज बादशाह, 74 साल में हुआ निधन

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सतीश शाह: तीनों खानों के साथ काम करने वाले कॉमेडी के बेताज बादशाह, 74 साल में हुआ निधन

सारांश

200 से अधिक फिल्मों और दशकों के टेलीविजन में सतीश शाह ने साबित किया कि असली 'शो-स्टॉपर' हमेशा मुख्य किरदार नहीं होता। 'जाने भी दो यारो' की अमर 'लाश' से लेकर 'साराभाई' के इंद्रवदन तक — उनकी कॉमिक टाइमिंग एक पीढ़ी की हँसी की परिभाषा थी।

मुख्य बातें

सतीश रविलाल शाह का जन्म 25 जून 1951 को मुंबई के एक गुजराती परिवार में हुआ था।
उन्होंने पुणे के FTII से अभिनय प्रशिक्षण लिया और 1970 के दशक में फिल्मी सफर शुरू किया।
1983 की कल्ट फिल्म ' जाने भी दो यारो ' में कमिश्नर डी'मेलो की भूमिका उनके करियर का टर्निंग पॉइंट बनी।
2004 के शो ' साराभाई वर्सेस साराभाई ' में इंद्रवदन साराभाई का किरदार भारतीय टीवी का सबसे लोकप्रिय हास्य किरदारों में से एक माना जाता है।
उन्होंने शाहरुख खान, सलमान खान और आमिर खान — तीनों के साथ काम किया और 200 से अधिक फिल्मों में अभिनय किया।
25 अक्टूबर 2025 को 74 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।

बॉलीवुड और भारतीय टेलीविजन के जाने-माने हास्य अभिनेता सतीश रविलाल शाह ने अपनी बेजोड़ कॉमिक टाइमिंग से दशकों तक दर्शकों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी। 25 जून 1951 को मुंबई के एक गुजराती परिवार में जन्मे सतीश शाह ने 200 से अधिक फिल्मों और अनेक टीवी शोज़ में अपनी अमिट छाप छोड़ी। 25 अक्टूबर 2025 को 74 वर्ष की आयु में उनके निधन के साथ भारतीय मनोरंजन जगत ने एक अपूरणीय प्रतिभा खो दी।

प्रारंभिक जीवन और प्रशिक्षण

सतीश शाह को बचपन से ही अभिनय का जुनून था। उन्होंने पुणे के प्रतिष्ठित फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (FTII) से अभिनय की विधिवत् ट्रेनिंग ली, जहाँ उन्होंने थिएटर की बारीकियाँ आत्मसात कीं। 1970 के दशक में उनका फिल्मी सफर शुरू हुआ। शुरुआती दौर में छोटे किरदार मिले, लेकिन उन्होंने हर भूमिका को पूरी निष्ठा से जीया।

'अरविंद देसाई की अजीब दास्तान' और 'गमन' जैसी फिल्मों ने उन्हें पहली पहचान दिलाई। यह वह दौर था जब समानांतर सिनेमा अपनी पहचान बना रहा था, और सतीश शाह ने इस धारा में भी खुद को सहजता से ढाल लिया।

करियर का टर्निंग पॉइंट: 'जाने भी दो यारो'

1983 में आई कल्ट क्लासिक फिल्म 'जाने भी दो यारो' उनके करियर का निर्णायक मोड़ साबित हुई। इस फिल्म में उन्होंने कमिश्नर डी'मेलो का किरदार निभाया — एक ऐसा किरदार जो कहानी में मर जाता है, लेकिन उसकी 'लाश' ही फिल्म के सबसे यादगार कॉमिक दृश्यों का केंद्र बन जाती है। बिना अधिक संवाद के भी उन्होंने दर्शकों को लोटपोट कर दिया — यही उनकी विशिष्टता थी।

टेलीविजन पर राज: 'साराभाई वर्सेस साराभाई' से अमर पहचान

टीवी की दुनिया में सतीश शाह ने और भी बड़ी ऊँचाइयाँ छुईं। 1984 के शो 'ये जो है जिंदगी' में उन्होंने एक ही सीज़न में दर्जनों अलग-अलग किरदार निभाकर अपनी बहुमुखी प्रतिभा का लोहा मनवाया। 'फिल्मी चक्कर', 'घर जमाई' और 'देख भाई देख' जैसे शोज़ में भी उनकी कॉमिक टाइमिंग दर्शकों की पसंदीदा बनी रही।

हालाँकि, 2004 में प्रसारित शो 'साराभाई वर्सेस साराभाई' उनके करियर का सबसे यादगार अध्याय बना। इस शो में उनके किरदार इंद्रवदन साराभाई को आज भी भारतीय टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय हास्य किरदारों में गिना जाता है। उन्होंने इस भूमिका के लिए कई टेलीविजन पुरस्कार भी जीते।

तीनों खानों के साथ सिल्वर स्क्रीन पर

सतीश शाह उन गिने-चुने अभिनेताओं में शामिल हैं जिन्होंने हिंदी सिनेमा के तीनों शीर्ष सितारों के साथ काम किया। शाहरुख खान के साथ उन्होंने 'दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे', 'कल हो ना हो', 'मैं हूँ ना', 'भूतनाथ', 'चलते चलते' और 'ओम शांति ओम' जैसी फिल्मों में काम किया। सलमान खान के साथ 'हम आपके हैं कौन' और 'मुझसे शादी करोगी' में नज़र आए, जबकि आमिर खान के साथ 'अकेले हम अकेले तुम' और 'फना' में अपने अभिनय की छाप छोड़ी।

इसके अलावा 'कहो ना प्यार है', 'राजा बाबू', 'बड़े मियाँ छोटे मियाँ', 'मोहब्बतें', 'तुमसे अच्छा कौन है' और 'रमैया वस्तावैया' सहित अनेक सफल फिल्मों में उन्होंने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कुल मिलाकर उन्होंने 200 से अधिक फिल्मों में काम किया — एक ऐसा रिकॉर्ड जो उनकी अथक मेहनत और बहुमुखी प्रतिभा का प्रमाण है।

विरासत और अंतिम विदाई

25 अक्टूबर 2025 को 74 वर्ष की आयु में सतीश शाह के निधन से भारतीय मनोरंजन जगत शोक में डूब गया। गौरतलब है कि उनका जन्मदिन 25 जून को पड़ता है — यानी वह अपने जन्मदिन की पूर्व संध्या पर याद किए जा रहे हैं। उनके जाने से जो खालीपन आया है, वह किसी एक किरदार से नहीं भरा जा सकता। उनकी हास्य विरासत — 'जाने भी दो यारो' से 'साराभाई वर्सेस साराभाई' तक — आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि उसकी परिधि में खड़ा वह अभिनेता होता है जो हर फ्रेम को जीवंत कर दे। 'इंद्रवदन साराभाई' जैसे किरदार का सांस्कृतिक प्रभाव किसी भी बॉक्स-ऑफिस नंबर से नहीं मापा जा सकता। उनका जाना इस बात की याद दिलाता है कि भारतीय मनोरंजन उद्योग को अपने सहायक स्तंभों को पहचानने और संजोने की ज़रूरत है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सतीश शाह कौन थे और वे किस लिए जाने जाते थे?
सतीश शाह एक वरिष्ठ हिंदी फिल्म और टेलीविजन अभिनेता थे, जो अपनी बेजोड़ कॉमिक टाइमिंग के लिए प्रसिद्ध थे। उन्होंने 200 से अधिक फिल्मों और 'साराभाई वर्सेस साराभाई' जैसे लोकप्रिय टीवी शोज़ में काम किया।
सतीश शाह का निधन कब और कितनी उम्र में हुआ?
सतीश शाह का निधन 25 अक्टूबर 2025 को 74 वर्ष की आयु में हुआ। उनका जन्म 25 जून 1951 को मुंबई में हुआ था।
'साराभाई वर्सेस साराभाई' में सतीश शाह का किरदार क्या था?
2004 में प्रसारित इस शो में सतीश शाह ने 'इंद्रवदन साराभाई' का किरदार निभाया, जिसे भारतीय टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय हास्य किरदारों में गिना जाता है। यह भूमिका उनके करियर की सबसे यादगार पहचान बनी।
सतीश शाह ने किन तीन खानों के साथ काम किया?
सतीश शाह ने शाहरुख खान ('दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे', 'मैं हूँ ना' सहित कई फिल्मों में), सलमान खान ('हम आपके हैं कौन', 'मुझसे शादी करोगी') और आमिर खान ('अकेले हम अकेले तुम', 'फना') के साथ काम किया।
'जाने भी दो यारो' में सतीश शाह का किरदार क्यों इतना यादगार है?
1983 की इस कल्ट क्लासिक फिल्म में उन्होंने कमिश्नर डी'मेलो का किरदार निभाया। उनका किरदार कहानी में मर जाता है, लेकिन उनकी 'लाश' ही फिल्म के सबसे मज़ेदार दृश्यों का केंद्र बनती है — यह बिना अधिक संवाद के भी दर्शकों को हँसाने की उनकी अद्भुत क्षमता का प्रमाण है।
राष्ट्र प्रेस
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