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कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का दमदार प्रदर्शन: नेताओं ने एथलीटों को दी बधाई, एक दिन में आठ पदक

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कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत का दमदार प्रदर्शन: नेताओं ने एथलीटों को दी बधाई, एक दिन में आठ पदक

सारांश

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने एक ही दिन में आठ पदक जीतकर इतिहास रचा। जदयू और भाजपा नेताओं ने इसे खेल जगत का गौरवपूर्ण क्षण बताया और ओलंपिक की तैयारी को और मजबूत करने का आह्वान किया।

मुख्य बातें

भारतीय एथलीटों ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में एक ही दिन में आठ पदक जीते।
जदयू सांसद संजय झा ने इसे भारत के खेल जगत की नई ऊँचाई बताया और नीरज चोपड़ा को युवाओं की प्रेरणा कहा।
भाजपा सांसद करण भूषण सिंह (गोंडा) ने कहा कि यह प्रदर्शन पिछले संस्करणों से कहीं बेहतर है।
राजीव रंजन प्रसाद (जदयू) के अनुसार, एक दिन में इतने गोल्ड मेडल जीतना कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पहली बार हुआ है।
बिहार में खेल प्रदर्शन के आधार पर युवाओं को सरकारी सेवाओं में अवसर दिए जा रहे हैं।
टियर-2 और टियर-3 शहरों के खिलाड़ी अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं।

भारतीय एथलीटों ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन में आठ पदक जीते, जिस पर देशभर के नेताओं ने खिलाड़ियों की सराहना की। जनता दल (यूनाइटेड) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने इस उपलब्धि को भारत के खेल जगत के लिए ऐतिहासिक बताया।

नेताओं की प्रतिक्रिया

जदयू सांसद संजय झा ने कहा कि भारतीय खिलाड़ियों की यह सफलता पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि खेल एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें भारत लगातार नई ऊँचाइयाँ छू रहा है और अब देश की नज़र आने वाले ओलंपिक पर है। झा ने नीरज चोपड़ा का उदाहरण देते हुए कहा कि ऐसे खिलाड़ियों ने देश के युवाओं को नई प्रेरणा दी है।

उत्तर प्रदेश के गोंडा से भाजपा सांसद करण भूषण सिंह ने कहा, 'इस बार भारत का प्रदर्शन पिछले संस्करणों की तुलना में कहीं बेहतर रहा है। एक ही दिन में आठ मेडल जीतना यह दिखाता है कि हमारे एथलीटों को बेहतर सुविधाएं और सहयोग मिल रहा है।'

मुंबई में भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा ने कहा कि इस सफलता का सबसे बड़ा श्रेय खिलाड़ियों की कड़ी मेहनत और समर्पण को जाता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि खेल बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने और आधुनिक सुविधाएँ उपलब्ध कराने में सरकार के निवेश ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने कहा, 'कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में यह पहली बार है जब भारतीय एथलीटों ने एक ही दिन में इतने सारे गोल्ड मेडल जीते हैं। मैं इस असाधारण उपलब्धि के लिए सभी विजेताओं और रनर-अप को बधाई देता हूँ।'

बदलती तस्वीर: छोटे शहरों से उभरते चैंपियन

संजय झा ने इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण बात रेखांकित की — पहले जहाँ बड़े शहरों और महानगरों के खिलाड़ियों का दबदबा माना जाता था, वहीं अब ग्रामीण क्षेत्रों, छोटे शहरों और टियर-2 तथा टियर-3 शहरों के एथलीट भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी प्रतिभा साबित कर रहे हैं। यह बदलाव भारतीय खेलों की जड़ों के गहरे होने का संकेत है।

बिहार में खिलाड़ियों को सरकारी प्रोत्साहन

झा ने बताया कि बिहार में अच्छा प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को पुलिस समेत विभिन्न सरकारी सेवाओं में अवसर दिए जा रहे हैं। इससे युवाओं को खेलों में करियर बनाने का प्रोत्साहन मिल रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार का खेलों पर फोकस और बजट दोनों बढ़ रहे हैं।

ओलंपिक की ओर नज़र

नेताओं ने एकमत से कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स की यह सफलता आने वाले ओलंपिक के लिए भारत की तैयारी का सकारात्मक संकेत है। केंद्र सरकार के बढ़ते निवेश और बेहतर खेल सुविधाओं के साथ, आलोचकों का भी मानना है कि भारत अंतरराष्ट्रीय खेलों में अपनी स्थिति और मजबूत करने की राह पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह उत्साह ठोस नीतिगत निरंतरता में बदलेगा। भारत का खेल बजट और बुनियादी ढाँचा पिछले एक दशक में बेहतर हुआ है, फिर भी ओलंपिक पदक तालिका में हमारी स्थिति जनसंख्या के अनुपात में अभी भी कमज़ोर है। टियर-2 और टियर-3 शहरों से प्रतिभाओं का उभरना एक सकारात्मक संकेत है, लेकिन इन खिलाड़ियों को दीर्घकालिक कोचिंग, पोषण और मानसिक स्वास्थ्य सहायता मिले — यह सुनिश्चित करना राजनीतिक भाषणों से कहीं अधिक ज़रूरी है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत ने एक दिन में कितने पदक जीते?
भारतीय एथलीटों ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में एक ही दिन में आठ पदक जीते। जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद के अनुसार, एक दिन में इतने गोल्ड मेडल जीतना कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पहली बार हुआ है।
किन नेताओं ने भारतीय एथलीटों को बधाई दी?
जदयू सांसद संजय झा, भाजपा सांसद करण भूषण सिंह (गोंडा), भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता तुहिन सिन्हा (मुंबई) और जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन प्रसाद ने एथलीटों को बधाई दी। सभी ने इसे भारत के खेल जगत के लिए गौरवपूर्ण क्षण बताया।
नीरज चोपड़ा का इस संदर्भ में क्या उल्लेख किया गया?
जदयू सांसद संजय झा ने नीरज चोपड़ा को उदाहरण के रूप में पेश किया और कहा कि उन्होंने देश के युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने की नई प्रेरणा दी है। उन्होंने इसे भारत के ओलंपिक लक्ष्यों से जोड़ा।
बिहार में खिलाड़ियों को क्या सरकारी सुविधाएँ मिल रही हैं?
संजय झा के अनुसार, बिहार में अच्छा खेल प्रदर्शन करने वाले युवाओं को पुलिस समेत विभिन्न सरकारी सेवाओं में नौकरी के अवसर दिए जा रहे हैं। इस कदम का उद्देश्य युवाओं को खेलों में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
कॉमनवेल्थ गेम्स की सफलता का भारत के ओलंपिक लक्ष्यों से क्या संबंध है?
नेताओं ने कहा कि यह प्रदर्शन आने वाले ओलंपिक की तैयारी का सकारात्मक संकेत है। संजय झा ने कहा कि भारत का सबसे बड़ा लक्ष्य भविष्य में अधिक से अधिक ओलंपिक पदक जीतना होना चाहिए और देश उस दिशा में आगे बढ़ रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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