देश विभाजन के लिए कांग्रेस जिम्मेदार — सीएम योगी आदित्यनाथ का अयोध्या में तीखा हमला
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 14 अगस्त 2026 को अयोध्या के दिगंबर अखाड़े में आयोजित एक कार्यक्रम में कांग्रेस पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि यदि 1947 में कांग्रेस ने एक बार भी दृढ़ता दिखाई होती, तो देश का विभाजन नहीं होता। यह कार्यक्रम महंत परमहंस रामचंद्र दास जी महाराज की 23वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित किया गया था।
मुख्य घटनाक्रम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि उस समय सरदार वल्लभ भाई पटेल या नरेंद्र मोदी जैसा कोई दृढ़ नेतृत्व देश के शीर्ष पर होता, तो लाखों हिंदुओं का कत्लेआम नहीं होता। उन्होंने इतिहास को केवल परीक्षा का विषय नहीं, बल्कि 'प्रेरणा और सबक' बताया। उनके अनुसार, अतीत की अनदेखी उन्हीं गलतियों को दोहराने का मार्ग खोलती है।
सीएम ने 14 अगस्त 1947 को 'विभाजन की त्रासदी का दिन' बताते हुए कहा कि उस दिन केवल हिंदू और सिख ही नहीं, बल्कि भारत स्वयं कट गया था। उन्होंने यह भी कहा कि आज भी पाकिस्तान और बांग्लादेश में निर्दोष हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं, जबकि कुछ राजनेता इस पर मौन रहते हैं।
संभल और ऐतिहासिक संदर्भ
योगी आदित्यनाथ ने संभल का उल्लेख करते हुए कहा कि 1526 में वहाँ श्री हरिहर मंदिर को तोड़कर एक ढाँचा खड़ा किया गया था। उनके अनुसार, यदि उस समय एकजुट प्रतिकार होता, तो 1528 में अयोध्या में ऐसी घटना दोहराने का साहस कोई नहीं करता। उन्होंने बताया कि 1976 और 1978 में संभल में हुए भीषण दंगों में एक साथ 150 हिंदू मारे गए थे।
सीएम ने कहा कि 1996 में तत्कालीन समाजवादी पार्टी (सपा) सरकार ने सभी मुकदमे वापस ले लिए और एक भी दोषी को सजा नहीं मिली। उन्होंने इसे 'स्वतंत्र भारत में सामूहिक नरसंहार' की घटना बताया। 2024 में दंगाइयों की पहचान कर कार्रवाई की गई और 67 तीर्थ, 19 कूप तथा 10 हजार एकड़ अतिक्रमित भूमि को मुक्त कराया गया।
सपा और राम जन्मभूमि पर निशाना
मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में सपा के एक नेता ने कहा था कि सरकार आने पर 'कंस की मूर्ति' लगाई जाएगी। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने श्रीराम जन्मभूमि के विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में पैरवी की, वे आज खुद को 'राम भक्त' घोषित करने में जुटे हैं। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास की सिफारिश पर चढ़ावा चोरी मामले में एसआईटी गठित की गई और दोषियों पर कार्रवाई हुई।
परमहंस रामचंद्र दास जी को श्रद्धांजलि
सीएम योगी ने महंत परमहंस रामचंद्र दास जी महाराज के जीवन और योगदान को याद किया। उन्होंने बताया कि महाराज जी का जीवन 1949 से लेकर अपने अंतिम समय तक श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के लिए समर्पित रहा। 1990 में राम भक्तों पर गोलियाँ चलाए जाने के बाद परमहंस जी ने दिगंबर अखाड़े के बाहर शहीद राम भक्तों का स्मारक बनवाया था — तत्कालीन सरकार भी उन्हें रोक नहीं सकी थी।
सीएम ने बताया कि सांसद रहते हुए दिल्ली से लखनऊ आने पर गोरखपुर यात्रा के दौरान वे दिगंबर अखाड़े में परमहंस जी से मिलते थे। उनके गुरु ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ भी उन्हें परमहंस जी का आशीर्वाद लेने के लिए प्रेरित करते थे।
आगे की राह
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्पष्ट किया कि 'राम द्रोहियों' से 'अंतिम दम तक' और 'पूरी ताकत से' मुकाबला किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अयोध्या आज बदल चुकी है — घाट, सरयू का जल, और नगर का स्वरूप सब बदल गए हैं। संभल में भी जिला मुख्यालय का निर्माण हो रहा है और अतिक्रमण से मुक्त भूमि गरीब, दलित व कमजोर वर्ग को आवंटित की जा रही है।