केसीआर हत्या साजिश आरोप पर BJP का पलटवार: 'कांग्रेस ऐसा सपने में भी नहीं सोच सकती'
सारांश
मुख्य बातें
तेलंगाना में भारत राष्ट्र समिति (BRS) द्वारा मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी और कांग्रेस सरकार पर पूर्व मुख्यमंत्री के. चंद्रशेखर राव (KCR) की हत्या की साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाने के बाद राज्य की राजनीति में उफान आ गई है। 16 सितंबर 2026 को हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भी इस विवाद पर अपनी आधिकारिक प्रतिक्रिया दर्ज कराई।
BJP का स्पष्ट रुख
BJP नेता टी. आर. श्रीनिवास ने BRS के इन आरोपों को हास्यास्पद और बेबुनियाद करार देते हुए सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, 'मैं BJP से हूं, लेकिन राजनीतिक शिष्टाचार के नाते यह कहना चाहूंगा कि KCR वहाँ के सबसे बड़े विपक्षी नेताओं में से एक हैं।'
श्रीनिवास ने आगे कहा, 'यह बयान कि कोई KCR की हत्या करने की कोशिश कर रहा है, बेहद हास्यास्पद है — न कोई ऐसा कर सकता है और न ही कोई ऐसा सोच सकता है। कांग्रेस तो सपने में भी ऐसा नहीं कर सकती, क्योंकि ऐसा करके वे अपनी राजनीतिक बर्बादी का रास्ता खुद चुन लेंगे।'
KCR की राजनीतिक अहमियत
श्रीनिवास ने KCR की तेलंगाना में राजनीतिक हैसियत को रेखांकित करते हुए कहा कि वे प्रदेश के सबसे बड़े नेताओं में शामिल हैं। उनके अनुसार, यदि राज्य की वर्तमान कांग्रेस सरकार ऐसी किसी साजिश के बारे में सोचती भी, तो यह उसके अपने अस्तित्व के अंत को न्योता देने के समान होता।
यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में 2028 विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक गोलबंदी तेज़ हो रही है और सभी दलों में रणनीतिक हलचल देखी जा रही है।
BJP-BRS गठबंधन की अटकलों पर विराम
भविष्य में BJP और BRS के संभावित गठबंधन को लेकर उठ रहे सवालों पर टी. आर. श्रीनिवास ने स्थिति बिल्कुल स्पष्ट कर दी। उन्होंने कहा, 'BRS के साथ जाने का सवाल ही नहीं उठता। हम अकेले चुनाव लड़ेंगे, अधिक से अधिक सीटें जीतेंगे और 2028 में सरकार बनाएंगे।'
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि BJP का दरवाज़ा उन सभी लोगों के लिए खुला है जो पार्टी की विचारधारा से प्रभावित हों, चाहे वे किसी भी दल से क्यों न आते हों।
आगे क्या
BRS के हत्या-साजिश के आरोपों और BJP की इस प्रतिक्रिया के बाद तेलंगाना में सियासी माहौल और गरमाने के आसार हैं। कांग्रेस सरकार ने अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, जिससे राजनीतिक बहस और तेज होने की उम्मीद है। 2028 के चुनाव नज़दीक आते-आते तीनों प्रमुख दलों — BJP, BRS और कांग्रेस — के बीच यह वाकयुद्ध और भी तीखा होने की संभावना है।