कांग्रेस दरबारी संस्कृति में डूबी, कार्यकर्ताओं की उपेक्षा: भाजपा नेता रोहन गुप्ता का हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता रोहन गुप्ता ने 6 नवंबर 2026 को अहमदाबाद में कांग्रेस पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि पार्टी में जमीनी कार्यकर्ताओं की कोई अहमियत नहीं रह गई है और वह पूरी तरह दरबारी संस्कृति के सहारे चल रही है। गुप्ता ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) नेता इरफान अंसारी के विवादित बयान, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल, संजय सिंह की टिप्पणी और दिग्विजय सिंह के हिंदुत्व-संबंधी बयान पर एक साथ कई मोर्चों पर प्रतिक्रिया दी।
कार्यकर्ताओं की उपेक्षा: गुप्ता के निशाने पर 'दरबारी कांग्रेस'
गुप्ता ने कहा कि आज की कांग्रेस दरबारी संस्कृति से घिरी हुई है और मेहनती कार्यकर्ताओं के दर्द को समझने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने युवा कार्यकर्ता नेहा बोरा का उदाहरण देते हुए बताया कि जो कार्यकर्ता पूरे साल पार्टी के लिए पसीना बहाते हैं, उन्हें रैली में न जाने जैसे मामूली कारणों पर निष्कासित कर दिया जाता है।
गुप्ता ने सवाल किया, 'जब कार्यकर्ताओं को सम्मान और अपनी बात रखने का अवसर नहीं मिलेगा, तो वे पार्टी के लिए काम क्यों करेंगे?' उनका तर्क था कि जिस पार्टी में मेहनतकश कार्यकर्ताओं का सम्मान नहीं होता, उसका राजनीतिक भविष्य सुरक्षित नहीं हो सकता।
प्रधानमंत्री मोदी के 12 वर्षों पर गुप्ता का रुख
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल की चर्चा करते हुए गुप्ता ने कहा कि वैश्विक राजनीति में किसी भी पद पर लगातार अपनी पहचान बनाए रखना बड़ी उपलब्धि है। उनके अनुसार, मोदी का 12 वर्षों में चार बार वैश्विक नेताओं की 'टॉप फोर' सूची में शामिल होना उनकी वैश्विक लोकप्रियता और कामकाज का प्रमाण है।
गुप्ता ने इस उपलब्धि का श्रेय देश की जनता को देते हुए कहा कि मोदी की लोकप्रियता का आधार उनके काम के प्रति लोगों का विश्वास और प्रेम है। उन्होंने कहा कि आँकड़े भी इस बात को प्रदर्शित करते हैं कि जनता का समर्थन उनके साथ है।
कांग्रेस-AAP रिश्तों पर तंज: 'बिछड़े हुए भाई'
कांग्रेस की हार को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) नेता संजय सिंह की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए गुप्ता ने कांग्रेस और AAP के उतार-चढ़ाव भरे रिश्तों पर तंज कसा। उन्होंने दोनों दलों को 'बिछड़े हुए भाई' बताते हुए कहा कि चुनाव के समय ये साथ नजर आते हैं और विवाद होने पर एक-दूसरे के खिलाफ खड़े हो जाते हैं।
गुप्ता ने याद दिलाया कि लोकसभा चुनाव के दौरान दोनों दलों के नेता कंधे से कंधा मिलाकर चल रहे थे, जबकि अब वे परस्पर आरोप-प्रत्यारोप में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में दोनों पार्टियाँ अलग-अलग चुनाव लड़ रही हैं और इस तरह के बदलते राजनीतिक रुख से जनता का भरोसा कमजोर होता है।
इरफान अंसारी के बयान पर गुप्ता की प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता इरफान अंसारी के विवादित बयान पर गुप्ता ने कांग्रेस की कार्यशैली को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता डराने-धमकाने और सत्ता परिवर्तन की मंशा से जुड़ी हुई है, लेकिन देश की जनता ने ऐसे सभी मंसूबों को नाकाम कर दिया है।
गुप्ता के अनुसार, कांग्रेस को लगा था कि कुछ तत्वों के साथ मिलकर दूसरे देशों की तरह भारत में भी सत्ता परिवर्तन किया जा सकता है, लेकिन 140 करोड़ भारतीय लोकतंत्र का महत्व समझते हैं। उन्होंने कहा कि संसद में जो नहीं हो सका, उसे सड़क पर करने की कोशिश की गई, परंतु जनता ने उसे विफल कर दिया।
हिंदुत्व पर दिग्विजय सिंह के बयान पर पलटवार
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के हिंदुत्व-संबंधी बयान पर गुप्ता ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दिग्विजय सिंह के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि हिंदू धर्म, आतंकवाद और 'भगवा आतंकवाद' जैसे मुद्दों पर उनके बयानों से देश की जनता भली-भाँति परिचित है।
गुप्ता ने सवाल उठाया कि जिस पार्टी ने भगवान राम को काल्पनिक बताया और सनातन से जुड़े मुद्दों पर चुप्पी साधी, उसके नेताओं को हिंदुत्व और सनातन धर्म पर बोलने का अधिकार नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी कि सनातन का अपमान करने या उसे राजनीतिक निशाना बनाने पर जनता की प्रतिक्रिया और विरोध बढ़ता जाएगा। यह बयानबाजी ऐसे समय में आई है जब विभिन्न राज्यों में चुनावी सरगर्मियाँ तेज हैं और हिंदुत्व एक बार फिर राजनीतिक विमर्श के केंद्र में है।