कांग्रेस पार्टी की दरबारी संस्कृति से नेता हो रहे हैं असंतुष्ट: रोहन गुप्ता
सारांश
Key Takeaways
- कांग्रेस की दरबारी संस्कृति नेताओं को पार्टी छोड़ने पर मजबूर कर रही है।
- गुप्ता ने बोरदोलोई के इस्तीफे को कांग्रेस की गिरती साख का संकेत बताया।
- आलाकमान से संवाद की कमी से नेता उपेक्षित महसूस कर रहे हैं।
- सरकार ने एलपीजी संकट को संभालने में सक्रियता दिखाई है।
- भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर आत्मविश्वास से भरा हुआ है।
अहमदाबाद, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने कांग्रेस के पूर्व सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे पर टिप्पणी करते हुए कहा कि दरबारी संस्कृति के चलते नेता पार्टी को छोड़ रहे हैं।
अहमदाबाद में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि इससे पहले भी कई प्रमुख नेताओं ने पार्टी से इस्तीफा दिया है। जब-जब किसी ने कांग्रेस पार्टी से अपना इस्तीफा दिया है, तब उनकी बातों को सुनने के बजाए उन पर आरोप लगाए गए हैं। कांग्रेस कितने लोगों को कटघरे में खड़ा करेगी? यह एक दरबारी कांग्रेस है, जहां दरबारियों के खिलाफ आवाज उठाने पर उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाता है।
गुप्ता ने कहा कि प्रद्युत बोरदोलोई का कांग्रेस से इस्तीफा देना केवल एक घटना नहीं है, बल्कि यह कांग्रेस की गिरती साख का एक और संकेत है। पार्टी के अनुभवी नेता एक-एक कर कांग्रेस छोड़ते जा रहे हैं। पहले भी कई नेताओं ने कहा है कि आलाकमान से संवाद की कमी और दरबारी संस्कृति के कारण उन्हें उपेक्षित महसूस होता है। आज स्थिति यह है कि फैसले जमीनी नेताओं की बजाय बंद कमरों में लिए जाते हैं और समर्पित कार्यकर्ताओं की आवाज को दबा दिया जाता है। नतीजा, कांग्रेस अंदर से खोखली होती जा रही है और बिखरती नजर आ रही है। जब पार्टी के अपने नेता भरोसा नहीं कर रहे, तो जनता क्या करेगी?
एलपीजी संकट पर विपक्ष के दावों पर उन्होंने कहा कि देश की सरकार इस मामले को पूरी संवेदनशीलता से संभाल रही है। मिडिल ईस्ट के संघर्ष के बावजूद भारत एकमात्र देश है, जहां पेट्रोल के दाम नहीं बढ़े हैं। दूसरे देशों में दाम बढ़े हैं। विपक्ष ने जो पैनिक बटन दबाया है, उसी का परिणाम है कि एलपीजी की बुकिंग 50 लाख से 88 लाख तक पहुंच गई। सरकार ने बिना जवाब दिए काम किया है। देश की जनता की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है, लेकिन विपक्ष राजनीति करने में व्यस्त है।
उन्होंने कहा कि जब पूरी दुनिया अनिश्चितताओं और संकटों का सामना कर रही है, तब भारत अपने संकल्प और नेतृत्व के बल पर आगे बढ़ रहा है। गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पर भारतीय ध्वज लहराते हुए ‘जग लाडकी’ केवल 80,886 एमटी क्रूड लेकर नहीं आया, बल्कि यह भी संदेश लेकर आया है कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर आत्मविश्वास से भरा है। यह टैंकर उस नए भारत की कहानी कहता है, जो हर चुनौती के बीच अपने 140 करोड़ नागरिकों की जरूरतों को प्राथमिकता देता है और हर परिस्थिति में आगे बढ़ने का रास्ता खुद बनाता है।