कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई का इस्तीफा: एनडीए सांसदों का कहना- नेता डूबती नाव से कूद रहे हैं
सारांश
Key Takeaways
- प्रद्युत बोरदोलोई का इस्तीफा कांग्रेस की जमीनी स्थिति को दर्शाता है।
- एनडीए सांसदों ने कांग्रेस को डूबती नाव बताया है।
- कांग्रेस में नेतृत्व की कमी महसूस की जा रही है।
- कई कार्यकर्ता असंतुष्ट हैं और नेतृत्व के खिलाफ धारणा बना रहे हैं।
नई दिल्ली, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। असम के नागांव से कांग्रेस के सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के पार्टी से इस्तीफे के बाद से राजनीतिक बयानबाजी में तेजी आ गई है। विभिन्न दलों के नेताओं ने इस घटनाक्रम को लेकर कांग्रेस की स्थिति पर सवाल उठाए हैं।
जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय कुमार झा ने पत्रकारों से कहा कि कांग्रेस जमीनी मुद्दों से कट चुकी है। बिहार में जब हम देख रहे थे, हमें लगता था कि जो मुद्दा जनता के बीच में है ही नहीं, उस मुद्दे को लेकर कांग्रेस यात्रा निकाल रही है। कांग्रेस अब जमीन से कट चुकी है। बिहार के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के केवल 6 विधायक रह गए हैं, उनमें से भी कई पार्टी से नाराज हैं। राष्ट्रीय स्तर पर भी कांग्रेस नेतृत्वविहीन लग रही है।
असम से कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, "क्या कांग्रेस पार्टी में कुछ बचा है? कांग्रेस अब खत्म होने की ओर है। अगर गौरव गोगोई कल पार्टी से इस्तीफा दें, तो यह कोई चौंकाने वाली बात नहीं होगी।"
भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने कहा, "कांग्रेस पूरी तरह से टूटने के कगार पर है। कांग्रेस के शीर्ष नेता का कोई नियंत्रण उनके सांसदों-विधायकों पर नहीं रह गया है। कांग्रेस कमजोर हो गई है और पूरी तरह टूटने वाली है। असम का प्रकरण इस बात का संकेत है कि कांग्रेस अब पूरी तरह से टूटने की स्थिति में है।"
वहीं, भाजपा सांसद दामोदर अग्रवाल ने कहा, "कोई भी डूबती हुई नाव में नहीं रहना चाहता और जिस पार्टी का नेतृत्व कमजोर और बेअसर हो, उसमें भला कौन रहेगा।"
भाजपा सांसद दीपक प्रकाश ने कहा, "कांग्रेस का हर गढ़ ढह रहा है और पार्टी कार्यकर्ताओं को अब अपने नेताओं पर कोई भरोसा नहीं रहा। आज कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेतृत्व के खिलाफ पूरी तरह से एक धारणा बना ली है।"
कांग्रेस सांसद के इस्तीफे पर बिहार भाजपा अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, "पूरे देश में कांग्रेस में भगदड़ मची है। राहुल गांधी की भूमिका किसी भी हालत में देशहित में नहीं है। भाजपा का विरोध करते-करते वे देश का विरोध करने लगे हैं।"
ध्यान दें कि असम के पूर्व कैबिनेट मंत्री और नगांव से दो बार सांसद रह चुके प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। बोरदोलोई ने सोमवार को ही पार्टी हाईकमान को इस्तीफा देने के संकेत भी दे दिए थे।