ओपी राजभर का बयान: कांग्रेस ने पिछड़ों और दलितों की की उपेक्षा, बोरदोलोई का इस्तीफा

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ओपी राजभर का बयान: कांग्रेस ने पिछड़ों और दलितों की की उपेक्षा, बोरदोलोई का इस्तीफा

सारांश

असम विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को एक बड़ा झटका लगा है। सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा दिया, जिसे लेकर ओपी राजभर ने कांग्रेस के 60 साल के शासनकाल में पिछड़ों और दलितों की उपेक्षा की बात कही। जानें इस पर विस्तृत प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

प्रद्युत बोरदोलोई का कांग्रेस से इस्तीफा ओपी राजभर की तीखी प्रतिक्रिया कांग्रेस की उपेक्षा की नीतियों का खुलासा राजनीतिक दलों में दल बदलने की प्रवृत्ति जदयू नेता की टिप्पणी पर चर्चा

लखनऊ, 18 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। असम विधानसभा चुनाव से पहले मंगलवार को कांग्रेस को एक महत्वपूर्ण झटका लगा है। कांग्रेस सांसद प्रद्युत बोरदोलोई ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे पर उत्तर प्रदेश के मंत्री ओपी राजभर ने टिप्पणी करते हुए कहा कि कांग्रेस के 60 साल के शासनकाल में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समुदायों को उपेक्षित किया गया। इसका परिणाम कांग्रेस को देशभर में भुगतना पड़ रहा है, और यही कारण है कि लोग कांग्रेस छोड़ रहे हैं।

राजभर ने राज्यसभा चुनाव में विपक्षी दलों के विधायकों द्वारा की गई क्रॉस वोटिंग पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी के सदस्यों को टिकट न देने और बाहरी लोगों को टिकट देने का यही परिणाम होता है।

केदारनाथ मंदिर समिति के निर्णय पर उन्होंने कहा कि मंदिर की समिति का अपना निर्णय है, और संविधान में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है कि किसी को एफिडेविट देकर मंदिर जाना हो। वाराणसी में इफ्तार विवाद पर उन्होंने कहा कि खाना घर में खाना चाहिए; नदी में नाव पर बैठकर लोगों को दिखाकर खाना खाना उचित नहीं है।

संसद परिसर में राहुल गांधी के व्यवहार को लेकर 204 पूर्व अधिकारियों द्वारा पत्र लिखने के विषय में ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि राहुल गांधी का लोकसभा में किया गया कार्य देश को परेशानी में डाल रहा है। ये लोग संसद में जिस तरह की बातें कर रहे हैं, उससे समाज का कोई संबंध नहीं है। ये लोग संसद में सिर्फ उपद्रव कर रहे हैं।

जदयू नेता नीरज कुमार ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का नेतृत्व देश में कम ही रहता है, इसीलिए उन्हें बड़े घटनाक्रम की जानकारी नहीं मिल पाती। उन्होंने कहा कि चुनाव के समय नेताओं का दल बदलना आम बात हो गई है, और कांग्रेस में स्थिति ऐसी हो गई है कि कब कौन पार्टी छोड़ देगा, ये कोई नहीं जानता।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो उनके लंबे शासनकाल में विभिन्न समुदायों के प्रति उनकी नीतियों को दर्शाती है। ओपी राजभर की टिप्पणियाँ इस बात की पुष्टि करती हैं कि पार्टी को अपने भीतर सुधार की आवश्यकता है।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रद्युत बोरदोलोई ने क्यों इस्तीफा दिया?
प्रद्युत बोरदोलोई ने कांग्रेस से इस्तीफा दिया क्योंकि वह पार्टी के कामकाज और नीतियों से असंतुष्ट थे।
ओपी राजभर का कांग्रेस पर क्या कहना है?
ओपी राजभर ने कहा कि कांग्रेस ने 60 साल के शासनकाल में पिछड़े और दलित समुदायों की उपेक्षा की है।
क्या यह इस्तीफा कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका है?
जी हां, यह इस्तीफा कांग्रेस के लिए एक बड़ा झटका है, खासकर असम विधानसभा चुनाव से पहले।
राष्ट्र प्रेस
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