तमिलनाडु में 5 सीटों पर सिमटी कांग्रेस: हाई कमान का फैक्ट फाइंडिंग पैनल 16-17 जुलाई को खड़गे को सौंपेगा रिपोर्ट
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) के हाई कमान द्वारा गठित फैक्ट फाइंडिंग पैनल तमिलनाडु विधानसभा चुनावों में पार्टी के निराशाजनक प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा पूरी कर चुका है और 16 व 17 जुलाई को पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को अपनी रिपोर्ट सौंपने वाला है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस रिपोर्ट में व्यापक संगठनात्मक बदलावों की सिफारिश किए जाने की प्रबल संभावना है।
मुख्य निष्कर्ष: क्या सामने आया पैनल को
पूर्व सांसद के. जयकुमार की अध्यक्षता में गठित इस समिति ने राज्यव्यापी जाँच के दौरान कई स्तरों पर संगठनात्मक कमियाँ उजागर की हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में कमज़ोर चुनाव प्रचार समन्वय, आंतरिक गुटबाज़ी और जिला स्तरीय नेताओं के एक वर्ग द्वारा कथित तौर पर चुनाव प्रचार के दौरान निष्क्रिय रहने के साक्ष्य दर्ज किए गए हैं।
इसके अलावा, कुछ जिला पदाधिकारियों पर द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) के साथ घनिष्ठ राजनीतिक समन्वय बनाए रखने का आरोप भी लगाया गया है। रिपोर्ट में कथित तौर पर यह निष्कर्ष निकाला गया है कि इन कारकों ने कई निर्वाचन क्षेत्रों में कांग्रेस के चुनाव प्रचार को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया।
चुनावी प्रदर्शन: 28 में से केवल 5 सीटें
कांग्रेस ने तमिलनाडु में DMK के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ मिलकर 28 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ा, परंतु पार्टी को केवल 5 सीटें ही मिल सकीं। यह परिणाम पार्टी के भीतर व्यापक आलोचना का कारण बना और हाई कमान ने तत्काल विस्तृत समीक्षा का आदेश दिया।
गौरतलब है कि समिति को पार्टी कार्यकर्ताओं की शिकायतों की जाँच करने, चुनाव प्रचार प्रबंधन का मूल्यांकन करने और खराब प्रदर्शन के कारणों की पहचान करने का कार्य सौंपा गया था।
गठबंधन में बेचैनी: TVK विवाद ने बढ़ाई मुश्किलें
यह मुद्दा तब और अधिक संवेदनशील हो गया जब पूर्व राज्य इकाई अध्यक्ष के. सेल्वपेरुंथगई ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के विधानसभा भाषण की सार्वजनिक रूप से आलोचना की, जिससे कांग्रेस-TVK गठबंधन में तनाव उत्पन्न हो गया।
पार्टी नेतृत्व कथित तौर पर इस बात को लेकर चिंतित है कि DMK के राजनीतिक रूप से अधिक निकट माने जाने वाले कुछ नेताओं का प्रभाव TVK के साथ कांग्रेस के वर्तमान गठबंधन की तुलना में लगातार बढ़ता जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी दक्षिण भारत में अपनी संगठनात्मक उपस्थिति को पुनर्जीवित करने की कोशिश कर रही है।
आगे क्या: संगठनात्मक फेरबदल की संभावना
सूत्रों के अनुसार, रिपोर्ट में भविष्य के राजनीतिक मुकाबलों से पहले तमिलनाडु कांग्रेस इकाई को मज़बूत करने के लिए सुधारात्मक उपायों की सिफारिश किए जाने की संभावना है। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को रिपोर्ट मिलने के बाद संगठन में बड़े बदलावों का रास्ता खुल सकता है। राज्य इकाई में नेतृत्व परिवर्तन और जिला स्तर पर पुनर्गठन की अटकलें अभी से शुरू हो गई हैं।