कांग्रेस रैली से दिल्ली व्यापार को ₹2,000 करोड़ रोज़ाना नुकसान: शिवसेना प्रवक्ता हेगड़े का हमला
सारांश
मुख्य बातें
शिवसेना (शिंदे गुट) के प्रवक्ता कृष्ण हेगड़े ने 1 नवंबर 2026 को कहा कि नई दिल्ली में कांग्रेस और 'इंडी' गठबंधन की रैलियों के चलते त्योहारी सीजन में दिल्ली के व्यापारियों को प्रतिदिन लगभग ₹2,000 करोड़ के नुकसान का सामना करना पड़ा। हेगड़े ने कहा कि व्यापारियों ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से 1 नवंबर की रैली स्थगित करने की अपील की थी, मगर उसे अनसुना कर दिया गया।
दिल्ली व्यापारियों को भारी नुकसान
हेगड़े ने कहा, 'सीजेपी, कांग्रेस और पूरे इंडी गठबंधन के आंदोलन में दशहरा के समय दिल्ली के व्यापारियों को हर दिन लगभग दो हजार करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। इससे व्यापारी चिंतित हैं और परिवार के लोग भी परेशान हैं।' उन्होंने आगे कहा कि त्योहारों के मौसम में दुकानें बंद रहने से लाखों व्यापारियों का कारोबार ठप होता है और आम ग्राहक भी खरीदारी से वंचित रह जाते हैं।
यह ऐसे समय में आया है जब दीवाली से पहले का यह पखवाड़ा व्यापारियों के लिए साल का सबसे व्यस्त और कमाई वाला दौर माना जाता है। आलोचकों का कहना है कि राजनीतिक दलों को रैलियों की योजना बनाते समय इस आर्थिक पहलू का ध्यान रखना चाहिए।
आजम खान की गिरफ्तारी पर शिवसेना का रुख
समाजवादी पार्टी (सपा) नेता आजम खान की जेल से रिहाई के तुरंत बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तारी पर हेगड़े ने कहा, 'आजम खान को जेल से बाहर निकलते ही गिरफ्तार किया गया। ईडी अभी कई मामलों में उनसे पूछताछ करेगी, जिससे दूध का दूध और पानी का पानी होगा। पहले भी आजम खान जेल में सजा काट चुके हैं।' गौरतलब है कि आजम खान पहले भी विभिन्न मामलों में न्यायिक हिरासत में रह चुके हैं।
पंजाब चुनाव और एनडीए की रणनीति
आगामी पंजाब विधानसभा चुनावों पर बात करते हुए हेगड़े ने आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पंजाब में भ्रष्टाचार और नशे की समस्या जस की तस बनी हुई है और राज्य की जनता परिवर्तन चाहती है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान का हवाला दिया जिसमें शाह ने कहा था कि यदि भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगी दल पंजाब में सत्ता में आते हैं, तो राज्य को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
BJP-अकाली दल गठबंधन का संकेत
हेगड़े ने भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के बीच संभावित चुनावी गठबंधन का भी संकेत दिया। उन्होंने कहा, 'भाजपा और अकाली दल का गठबंधन लगभग होने जा रहा है। उसका औपचारिक ऐलान अमित शाह और भाजपा के अन्य वरिष्ठ नेता करेंगे।' यह दोनों दलों के बीच पुराने गठबंधन की वापसी की ओर इशारा करता है, जो पिछले चुनाव से पहले टूट गया था।
राजनीतिक विश्लेषकों की नज़र इस घोषणा के औपचारिक रूप लेने पर टिकी है, क्योंकि पंजाब में सीट-बंटवारे की बातचीत अभी भी जारी बताई जा रही है।