वीरप्पा मोइली बोले — इंडिया ब्लॉक में मतभेद हैं, पर बड़े लक्ष्य से नहीं भटकना चाहिए
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री वीरप्पा मोइली ने मंगलवार, 9 जून को बेंगलुरु में कहा कि इंडिया गठबंधन में मतभेदों से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन इन मतभेदों को गठबंधन के मूल उद्देश्य पर हावी नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने यह बात ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव सूरज हेगड़े के निधन पर शोक व्यक्त करने के बाद एक बातचीत में कही।
सूरज हेगड़े के निधन पर शोक
मोइली ने सूरज हेगड़े को याद करते हुए कहा, 'सूरज हेगड़े हमारी पार्टी के ईमानदार, निष्ठावान, मेहनती और समर्पित नेताओं में से एक थे।' उन्होंने कहा कि हेगड़े के निधन से पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है। मोइली के अनुसार, हेगड़े कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देवराज के पोते थे, लेकिन उन्होंने कभी इस पारिवारिक पृष्ठभूमि का सार्वजनिक रूप से उल्लेख नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि हेगड़े लंबे समय तक कांग्रेस के सचिव पद पर रहे और जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाती थी, उसे पूरी निष्ठा से निभाते थे।
इंडिया ब्लॉक में मतभेद — मोइली का स्पष्ट रुख
जब उनसे इंडिया गठबंधन में मौजूदा मतभेदों के बारे में पूछा गया, तो मोइली ने साफ कहा कि 'हम इस बात से इनकार नहीं कर रहे कि इंडिया गठबंधन में मतभेद नहीं हैं।' उन्होंने तर्क दिया कि गठबंधन में 25 दल सक्रिय हैं और विभिन्न दलों के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं। हालाँकि, उनका जोर इस बात पर था कि राज्य-स्तरीय विवादों को दिल्ली में होने वाली बैठकों में नहीं उठाया जाना चाहिए।
मोइली ने केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ कांग्रेस विपक्ष में है, इसलिए सत्तारूढ़ दल से मतभेद स्वाभाविक हैं। लेकिन जब गठबंधन के सभी दल एकजुट होकर बैठते हैं, तो उन पुराने मुद्दों को पहले भुलाना होगा, क्योंकि सभी किसी बड़े उद्देश्य की प्राप्ति के लिए एकत्रित हुए हैं।
छोटे विवादों में उलझने का खतरा
मोइली ने चेताया कि यदि गठबंधन में शामिल दलों के नेता राज्य-स्तरीय राजनीतिक उठापटक पर ध्यान केंद्रित करते रहे, तो बड़े राष्ट्रीय लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा, 'अगर हम इसी तरह छोटे-छोटे विवादों में लिप्त हो जाएंगे, तो बड़े उद्देश्यों को प्राप्त करने में चूक जाएंगे।' उनके अनुसार, गठबंधन के गठन के मूल उद्देश्यों को हमेशा सामने रखना जरूरी है।
कर्नाटक सरकार की अंतर्कलह पर टिप्पणी
मोइली ने कर्नाटक सरकार में चल रही आंतरिक कलह का भी जिक्र किया। उन्होंने माना कि राज्य सरकार में फिलहाल विवाद की स्थिति है, लेकिन साथ ही कहा कि इसे अनावश्यक रूप से तूल देने से कोई समाधान नहीं निकलेगा। उनका सुझाव था कि सभी नेताओं को एक मेज पर आकर संवाद के जरिए समस्याओं का हल निकालना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के भीतर नेतृत्व को लेकर खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं।
आगे की राह
मोइली का यह बयान ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब 2024 लोकसभा चुनावों के बाद इंडिया गठबंधन के भविष्य और एकजुटता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं का यह आह्वान कि राज्य-स्तरीय मतभेदों को राष्ट्रीय रणनीति से अलग रखा जाए, आने वाले समय में गठबंधन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।