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वीरप्पा मोइली बोले — इंडिया ब्लॉक में मतभेद हैं, पर बड़े लक्ष्य से नहीं भटकना चाहिए

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वीरप्पा मोइली बोले — इंडिया ब्लॉक में मतभेद हैं, पर बड़े लक्ष्य से नहीं भटकना चाहिए

सारांश

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता वीरप्पा मोइली ने माना कि इंडिया ब्लॉक के 25 दलों के बीच मतभेद हैं, लेकिन राज्य-स्तरीय विवादों को दिल्ली की बैठकों में नहीं उठाना चाहिए। उन्होंने AICC सचिव सूरज हेगड़े के निधन पर भी शोक व्यक्त किया।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने 9 जून को बेंगलुरु में कहा कि इंडिया गठबंधन में मतभेदों से इनकार नहीं।
इंडिया ब्लॉक में 25 दल सक्रिय; राज्य-स्तरीय विवाद दिल्ली बैठकों में नहीं उठाए जाने चाहिए।
AICC सचिव सूरज हेगड़े के निधन पर मोइली ने शोक जताया; हेगड़े को पार्टी के वरिष्ठ नेता देवराज का पोता बताया।
मोइली ने कर्नाटक सरकार की अंतर्कलह स्वीकारी, संवाद से समाधान का आह्वान किया।
केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि विपक्षी भूमिका में मतभेद स्वाभाविक, पर गठबंधन के बड़े उद्देश्य से नहीं भटकना चाहिए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री वीरप्पा मोइली ने मंगलवार, 9 जून को बेंगलुरु में कहा कि इंडिया गठबंधन में मतभेदों से इनकार नहीं किया जा सकता, लेकिन इन मतभेदों को गठबंधन के मूल उद्देश्य पर हावी नहीं होने देना चाहिए। उन्होंने यह बात ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव सूरज हेगड़े के निधन पर शोक व्यक्त करने के बाद एक बातचीत में कही।

सूरज हेगड़े के निधन पर शोक

मोइली ने सूरज हेगड़े को याद करते हुए कहा, 'सूरज हेगड़े हमारी पार्टी के ईमानदार, निष्ठावान, मेहनती और समर्पित नेताओं में से एक थे।' उन्होंने कहा कि हेगड़े के निधन से पार्टी को अपूरणीय क्षति हुई है। मोइली के अनुसार, हेगड़े कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देवराज के पोते थे, लेकिन उन्होंने कभी इस पारिवारिक पृष्ठभूमि का सार्वजनिक रूप से उल्लेख नहीं किया। उन्होंने यह भी कहा कि हेगड़े लंबे समय तक कांग्रेस के सचिव पद पर रहे और जो भी जिम्मेदारी सौंपी जाती थी, उसे पूरी निष्ठा से निभाते थे।

इंडिया ब्लॉक में मतभेद — मोइली का स्पष्ट रुख

जब उनसे इंडिया गठबंधन में मौजूदा मतभेदों के बारे में पूछा गया, तो मोइली ने साफ कहा कि 'हम इस बात से इनकार नहीं कर रहे कि इंडिया गठबंधन में मतभेद नहीं हैं।' उन्होंने तर्क दिया कि गठबंधन में 25 दल सक्रिय हैं और विभिन्न दलों के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं। हालाँकि, उनका जोर इस बात पर था कि राज्य-स्तरीय विवादों को दिल्ली में होने वाली बैठकों में नहीं उठाया जाना चाहिए।

मोइली ने केरल का उदाहरण देते हुए कहा कि वहाँ कांग्रेस विपक्ष में है, इसलिए सत्तारूढ़ दल से मतभेद स्वाभाविक हैं। लेकिन जब गठबंधन के सभी दल एकजुट होकर बैठते हैं, तो उन पुराने मुद्दों को पहले भुलाना होगा, क्योंकि सभी किसी बड़े उद्देश्य की प्राप्ति के लिए एकत्रित हुए हैं।

छोटे विवादों में उलझने का खतरा

मोइली ने चेताया कि यदि गठबंधन में शामिल दलों के नेता राज्य-स्तरीय राजनीतिक उठापटक पर ध्यान केंद्रित करते रहे, तो बड़े राष्ट्रीय लक्ष्य हासिल करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा, 'अगर हम इसी तरह छोटे-छोटे विवादों में लिप्त हो जाएंगे, तो बड़े उद्देश्यों को प्राप्त करने में चूक जाएंगे।' उनके अनुसार, गठबंधन के गठन के मूल उद्देश्यों को हमेशा सामने रखना जरूरी है।

कर्नाटक सरकार की अंतर्कलह पर टिप्पणी

मोइली ने कर्नाटक सरकार में चल रही आंतरिक कलह का भी जिक्र किया। उन्होंने माना कि राज्य सरकार में फिलहाल विवाद की स्थिति है, लेकिन साथ ही कहा कि इसे अनावश्यक रूप से तूल देने से कोई समाधान नहीं निकलेगा। उनका सुझाव था कि सभी नेताओं को एक मेज पर आकर संवाद के जरिए समस्याओं का हल निकालना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के भीतर नेतृत्व को लेकर खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं।

आगे की राह

मोइली का यह बयान ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब 2024 लोकसभा चुनावों के बाद इंडिया गठबंधन के भविष्य और एकजुटता पर सवाल उठाए जा रहे हैं। गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं का यह आह्वान कि राज्य-स्तरीय मतभेदों को राष्ट्रीय रणनीति से अलग रखा जाए, आने वाले समय में गठबंधन की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह एकता का प्रमाण नहीं, बल्कि दरारों को ढकने की कोशिश है। कर्नाटक की अंतर्कलह और केरल का उदाहरण बताता है कि गठबंधन की जड़ें राज्यों में कितनी उथली हैं। असली सवाल यह है कि क्या 25 दलों का यह गठजोड़ अगले चुनावी चक्र तक एक साझा न्यूनतम एजेंडे पर टिका रह सकता है, या 'बड़े उद्देश्य' की बात महज़ एक राजनीतिक मंत्र बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीरप्पा मोइली ने इंडिया ब्लॉक के मतभेदों पर क्या कहा?
मोइली ने स्पष्ट कहा कि इंडिया गठबंधन में मतभेदों से इनकार नहीं किया जा सकता, क्योंकि इसमें 25 दल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि राज्य-स्तरीय विवादों को दिल्ली की बैठकों में नहीं उठाना चाहिए, ताकि गठबंधन का बड़ा उद्देश्य बाधित न हो।
AICC सचिव सूरज हेगड़े कौन थे?
सूरज हेगड़े ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के सचिव थे और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता देवराज के पोते थे। मोइली के अनुसार, वे पार्टी के ईमानदार, निष्ठावान और समर्पित नेताओं में से एक थे, जिन्होंने लंबे समय तक सचिव पद पर काम किया।
कर्नाटक सरकार की अंतर्कलह पर मोइली का क्या कहना है?
मोइली ने माना कि कर्नाटक सरकार में फिलहाल विवाद की स्थिति है। उन्होंने कहा कि इसे अनावश्यक तूल देने से कुछ हासिल नहीं होगा और सभी नेताओं को संवाद के जरिए समाधान निकालना चाहिए।
इंडिया गठबंधन में कितने दल शामिल हैं?
मोइली के अनुसार इंडिया ब्लॉक में फिलहाल 25 दल सक्रिय हैं। इतने दलों के बीच मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन गठबंधन का साझा राष्ट्रीय उद्देश्य सर्वोपरि रहना चाहिए।
मोइली ने केरल का उदाहरण क्यों दिया?
मोइली ने केरल का उदाहरण यह समझाने के लिए दिया कि जहाँ कांग्रेस विपक्ष में है, वहाँ सत्तारूढ़ दल से मतभेद होना स्वाभाविक है। लेकिन जब गठबंधन के सभी दल एकजुट होकर बैठते हैं, तो उन राज्य-स्तरीय मतभेदों को पीछे छोड़ना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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