सीपीआई(एम) में आंतरिक कलह पर सीएम वीडी सतीशन का बड़ा हमला, बोले — ध्यान भटकाने को सड़क पर उतारे जा रहे संगठन
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने 2 सितंबर 2026 को तिरुवनंतपुरम में कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीआई(एम)] इस समय गहरे आंतरिक संकट से गुज़र रही है और पार्टी के अनुषंगी संगठनों को जानबूझकर सड़कों पर उतारा जा रहा है ताकि चुनावी हार के सवालों से लोगों का ध्यान भटकाया जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि गठबंधन सहयोगी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के साथ भी मतभेद सतह पर आ गए हैं।
सीपीआई(एम) में आंतरिक कलह
सतीशन ने कहा, 'सब जानते हैं कि सीपीआई(एम) में उसके चुनाव विश्लेषण को लेकर पूरी तरह से अशांति है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि वे फ़िलहाल किनारे से इस घटनाक्रम पर नज़र रख रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी अपनी चुनावी हार के कारणों को लेकर भीतर से सवालों के घेरे में है और चुनाव विश्लेषण की प्रक्रिया खुद विवाद का केंद्र बन चुकी है।
सतीशन ने आरोप लगाया कि सीपीआई(एम) के अनुषंगी संगठनों को सड़कों पर उतारना एक सुनियोजित रणनीति है — पार्टी के सामने खड़े असली मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने की कोशिश। गौरतलब है कि सीपीआई(एम) और सीपीआई के बीच वैचारिक और संगठनात्मक मतभेद लंबे समय से चले आ रहे हैं, लेकिन हालिया चुनावी नतीजों ने इन्हें और गहरा कर दिया है।
नशा विरोधी 'तूफान' अभियान
सरकार के नशा विरोधी अभियान के बारे में सीएम सतीशन ने बताया कि 'तूफान' अभियान तेज़ी से आगे बढ़ रहा है। नशीले पदार्थों से जुड़े मामलों की सुनवाई में तेज़ी लाने के लिए तीन और विशेष एनडीपीएस अदालतें स्थापित की जाएंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली पिनाराई विजयन सरकार ने ड्रग डीलरों को राजनीतिक संरक्षण दिया था। उन्होंने कहा कि अब गृह मंत्री रमेश चेन्निथला के नेतृत्व में यह अभियान पूरी ताकत से चल रहा है।
शिक्षक भर्ती, बाढ़ राहत और अन्य घोषणाएँ
सीएम सतीशन ने घोषणा की कि स्कूल शिक्षकों से जुड़ी 18 पीएससी श्रेणियों की रैंक लिस्ट — जो सितंबर और अक्टूबर 2026 में समाप्त होने वाली थीं — को छह महीने के लिए और बढ़ाया जाएगा। बाढ़ राहत वितरण प्रक्रिया की जाँच की जा रही है और सहायता शीघ्र जारी की जाएगी।
आधिकारिक कार्यक्रमों में वंदे मातरम गाने के विवाद पर सतीशन ने कहा कि जब राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या उपराष्ट्रपति किसी राजकीय समारोह में शामिल होते हैं, तो प्रोटोकॉल का पालन अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य के आधिकारिक कार्यक्रमों में केवल निर्धारित दो छंद ही गाए जाएंगे।
राज्यपाल नियुक्ति और अन्य मुद्दे
सतीशन ने पिनाराई विजयन के कुलपति नियुक्तियों पर मौजूदा रुख की आलोचना की और याद दिलाया कि विजयन के मुख्यमंत्री कार्यकाल में राज्यपाल के साथ एक अनौपचारिक समझ थी। उन्होंने सवाल उठाया कि विजयन अब अलग रुख क्यों अपना रहे हैं।
ग्रैंड मुफ्ती शेख अबू बकर अहमद की महिलाओं की सार्वजनिक उपस्थिति पर की गई टिप्पणी के संदर्भ में सतीशन ने कहा कि कांग्रेस महिलाओं को सार्वजनिक जीवन से दूर रखने के किसी भी प्रयास को स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि मुस्लिम इतिहास में भी महिलाओं की सक्रिय सार्वजनिक भूमिका के उदाहरण मौजूद हैं।
लियोनेल मेसी के दौरे से जुड़े मामले में सतीशन ने बड़े जीएसटी फ्रॉड का आरोप लगाया और कहा कि पिछली सरकार ने ही इसका पता लगाया था तथा अब जाँच आगे बढ़ रही है। राज्य के कर्ज लेने के मुद्दे पर उन्होंने सतर्क किया कि केरल इस समय वित्तीय कठिनाइयों का सामना कर रहा है क्योंकि वित्त आयोग ने राज्य के लिए राजस्व-घाटा अनुदान का आवंटन नहीं किया है।
आने वाले दिनों में सीपीआई(एम) की आंतरिक बैठकों और पार्टी के चुनाव विश्लेषण की दिशा पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।