26 साल से फरार डकैत दल्ला बारिया झाबुआ से गिरफ्तार, राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान की बड़ी सफलता
सारांश
मुख्य बातें
राजस्थान पुलिस ने 6 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले से एक घोषित अपराधी और कथित डकैत दल्ला उर्फ रमेश/दल्ला बारिया (उम्र 50 वर्ष) को गिरफ्तार किया, जो 3 अप्रैल 2000 की एक डकैती के मामले में पिछले 26 वर्षों से फरार था। यह गिरफ्तारी राजस्थान पुलिस मुख्यालय के विशेष अभियान का हिस्सा है, जो 15 सितंबर से 15 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है।
मामले की पृष्ठभूमि
पुलिस के अनुसार, आरोपी दल्ला बारिया ने अपने साथियों के साथ मिलकर 3 अप्रैल 2000 को अजमेर के मंगलियावास पुलिस थाना क्षेत्र के एनएच-8 पर स्थित वैष्णो देवी पेट्रोल पंप पर कथित तौर पर डकैती को अंजाम दिया था। गिरोह उस वारदात में ₹1,64,513 नकद लूटकर फरार हो गया था।
उस मामले में रामसन उर्फ कल्ला, बापू उर्फ भानिया, पौ उर्फ बाबू, ओजिनू उर्फ जिनू, धुलिया और नाहरिया समेत कई सह-आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी थी। हालाँकि, दल्ला अकेला ऐसा आरोपी था जो ढाई दशक से अधिक समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।
विशेष टीम का गठन और खुफिया अभियान
अजमेर के पुलिस अधीक्षक हर्ष वर्धन अग्रवाल के निर्देशों पर, मंगलियावास एसएचओ हरीश चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। यह अभियान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) लालचंद कायल के निर्देशन और सर्किल अधिकारी सत्येंद्र नेगी (ग्रामीण) तथा नीरज गुप्ता (पिसंगन) के पर्यवेक्षण में संचालित हुआ।
पुलिस टीम ने झाबुआ जिले के कल्याणपुर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गाँवों — नेगड़िया, महेंद्रिखेड़ा और सुल्ला मेहुदा — में भेस बदलकर व्यापक खुफिया जानकारी जुटाई। रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारियों ने आरोपी की गतिविधियों की पुष्टि के बाद छापा मारकर उसे दबोच लिया।
गिरफ्तारी की प्रक्रिया
पुलिस के अनुसार, दल्ला ने गिरफ्तारी के दौरान शुरू में अपनी पहचान छुपाने की कोशिश की और अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास किया। हालाँकि, तकनीकी सत्यापन और विस्तृत पूछताछ के बाद उसकी पहचान पूरी तरह स्थापित हो गई। कल्याणपुर पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से उसकी असली पहचान — दल्ला उर्फ रमेश/दल्ला बारिया, पुत्र कोडिया उर्फ सुमला बारिया, निवासी नेगड़िया, झाबुआ — की पुष्टि हुई।
उल्लेखनीय है कि नासिराबाद के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पहले ही जारी कर रखा था। वारंट के आधार पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में लाया गया।
विशेष अभियान की व्यापक पृष्ठभूमि
यह गिरफ्तारी राजस्थान पुलिस मुख्यालय के उस विशेष अभियान की कड़ी है, जो वांछित अपराधियों, गिरफ्तारी वारंट का सामना कर रहे व्यक्तियों और घोषित अपराधियों को पकड़ने के लिए 15 सितंबर से 15 अक्टूबर 2026 के बीच चलाया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य पुलिस लंबित वारंटों के निष्पादन को प्राथमिकता दे रही है।
आगे की कार्रवाई
दल्ला बारिया को अब न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ उसके खिलाफ पहले से दाखिल चार्जशीट और नए साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई होगी। इस गिरफ्तारी से उस मामले में न्यायिक प्रक्रिया को नई गति मिलने की संभावना है, जो छह अन्य सह-आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी दल्ला की फरारी के कारण अधूरा लटका हुआ था।