7 अक्टूबर 2026
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26 साल से फरार डकैत दल्ला बारिया झाबुआ से गिरफ्तार, राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान की बड़ी सफलता

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26 साल से फरार डकैत दल्ला बारिया झाबुआ से गिरफ्तार, राजस्थान पुलिस के विशेष अभियान की बड़ी सफलता

सारांश

ढाई दशक की फरारी का अंत — राजस्थान पुलिस ने भेस बदलकर मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के गाँवों में डेरा जमाया और 2000 के डकैती मामले के आरोपी दल्ला बारिया को धर दबोचा। विशेष अभियान की यह सफलता राज्य पुलिस की सुदूर राज्यों तक खुफिया क्षमता का प्रमाण है।

मुख्य बातें

राजस्थान पुलिस ने 6 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के झाबुआ से कथित डकैत दल्ला उर्फ रमेश/दल्ला बारिया (उम्र 50 वर्ष ) को गिरफ्तार किया।
आरोपी 3 अप्रैल 2000 को वैष्णो देवी पेट्रोल पंप, एनएच-8, अजमेर पर हुई ₹1,64,513 की डकैती में कथित तौर पर शामिल था।
छह अन्य सह-आरोपी पहले ही गिरफ्तार हो चुके थे; दल्ला 26 वर्षों से फरार था।
नासिराबाद के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा जारी गिरफ्तारी वारंट के आधार पर कार्रवाई की गई।
गिरफ्तारी 15 सितंबर – 15 अक्टूबर 2026 के बीच चल रहे राजस्थान पुलिस मुख्यालय के विशेष अभियान के तहत हुई।
अजमेर एसपी हर्ष वर्धन अग्रवाल के निर्देशन और एसएचओ हरीश चौधरी की अगुवाई में विशेष टीम ने भेस बदलकर झाबुआ के गाँवों में अभियान चलाया।

राजस्थान पुलिस ने 6 अक्टूबर 2026 को मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले से एक घोषित अपराधी और कथित डकैत दल्ला उर्फ रमेश/दल्ला बारिया (उम्र 50 वर्ष) को गिरफ्तार किया, जो 3 अप्रैल 2000 की एक डकैती के मामले में पिछले 26 वर्षों से फरार था। यह गिरफ्तारी राजस्थान पुलिस मुख्यालय के विशेष अभियान का हिस्सा है, जो 15 सितंबर से 15 अक्टूबर 2026 तक चलाया जा रहा है।

मामले की पृष्ठभूमि

पुलिस के अनुसार, आरोपी दल्ला बारिया ने अपने साथियों के साथ मिलकर 3 अप्रैल 2000 को अजमेर के मंगलियावास पुलिस थाना क्षेत्र के एनएच-8 पर स्थित वैष्णो देवी पेट्रोल पंप पर कथित तौर पर डकैती को अंजाम दिया था। गिरोह उस वारदात में ₹1,64,513 नकद लूटकर फरार हो गया था।

उस मामले में रामसन उर्फ कल्ला, बापू उर्फ भानिया, पौ उर्फ बाबू, ओजिनू उर्फ जिनू, धुलिया और नाहरिया समेत कई सह-आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी थी। हालाँकि, दल्ला अकेला ऐसा आरोपी था जो ढाई दशक से अधिक समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा।

विशेष टीम का गठन और खुफिया अभियान

अजमेर के पुलिस अधीक्षक हर्ष वर्धन अग्रवाल के निर्देशों पर, मंगलियावास एसएचओ हरीश चौधरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। यह अभियान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) लालचंद कायल के निर्देशन और सर्किल अधिकारी सत्येंद्र नेगी (ग्रामीण) तथा नीरज गुप्ता (पिसंगन) के पर्यवेक्षण में संचालित हुआ।

पुलिस टीम ने झाबुआ जिले के कल्याणपुर पुलिस थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गाँवों — नेगड़िया, महेंद्रिखेड़ा और सुल्ला मेहुदा — में भेस बदलकर व्यापक खुफिया जानकारी जुटाई। रिपोर्टों के अनुसार, अधिकारियों ने आरोपी की गतिविधियों की पुष्टि के बाद छापा मारकर उसे दबोच लिया।

गिरफ्तारी की प्रक्रिया

पुलिस के अनुसार, दल्ला ने गिरफ्तारी के दौरान शुरू में अपनी पहचान छुपाने की कोशिश की और अधिकारियों को गुमराह करने का प्रयास किया। हालाँकि, तकनीकी सत्यापन और विस्तृत पूछताछ के बाद उसकी पहचान पूरी तरह स्थापित हो गई। कल्याणपुर पुलिस और स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से उसकी असली पहचान — दल्ला उर्फ रमेश/दल्ला बारिया, पुत्र कोडिया उर्फ सुमला बारिया, निवासी नेगड़िया, झाबुआ — की पुष्टि हुई।

उल्लेखनीय है कि नासिराबाद के प्रथम श्रेणी न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट पहले ही जारी कर रखा था। वारंट के आधार पर उसे विधिवत गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में लाया गया।

विशेष अभियान की व्यापक पृष्ठभूमि

यह गिरफ्तारी राजस्थान पुलिस मुख्यालय के उस विशेष अभियान की कड़ी है, जो वांछित अपराधियों, गिरफ्तारी वारंट का सामना कर रहे व्यक्तियों और घोषित अपराधियों को पकड़ने के लिए 15 सितंबर से 15 अक्टूबर 2026 के बीच चलाया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य पुलिस लंबित वारंटों के निष्पादन को प्राथमिकता दे रही है।

आगे की कार्रवाई

दल्ला बारिया को अब न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ उसके खिलाफ पहले से दाखिल चार्जशीट और नए साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई होगी। इस गिरफ्तारी से उस मामले में न्यायिक प्रक्रिया को नई गति मिलने की संभावना है, जो छह अन्य सह-आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद भी दल्ला की फरारी के कारण अधूरा लटका हुआ था।

संपादकीय दृष्टिकोण

अंतर-राज्यीय समन्वय और वारंट निष्पादन की पुरानी खामियों को उजागर करता है। यह मामला इस बात का उदाहरण है कि लंबित वारंट अक्सर संसाधनों की कमी या प्राथमिकता के अभाव में दशकों तक ठंडे बस्ते में पड़े रहते हैं। राजस्थान पुलिस का यह विशेष अभियान सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसे मामलों के लिए नियमित तंत्र क्यों पर्याप्त नहीं है — और क्या यह सफलता एकमुश्त अभियानों से आगे एक स्थायी व्यवस्था बनाने की प्रेरणा देगी।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दल्ला बारिया कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
दल्ला उर्फ रमेश/दल्ला बारिया एक घोषित अपराधी है, जिस पर 3 अप्रैल 2000 को अजमेर के एनएच-8 स्थित वैष्णो देवी पेट्रोल पंप पर ₹1,64,513 की डकैती का आरोप है। वह इस मामले में 26 साल से फरार था और नासिराबाद के न्यायिक मजिस्ट्रेट ने उसके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया हुआ था।
राजस्थान पुलिस ने उसे कहाँ से और कैसे पकड़ा?
राजस्थान पुलिस की विशेष टीम ने मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के कल्याणपुर थाना क्षेत्र के नेगड़िया गाँव से उसे गिरफ्तार किया। टीम ने भेस बदलकर स्थानीय गाँवों में डेरा जमाया, खुफिया जानकारी जुटाई और फिर छापा मारकर उसे पकड़ा।
इस डकैती के अन्य आरोपियों का क्या हुआ?
रामसन उर्फ कल्ला, बापू उर्फ भानिया, पौ उर्फ बाबू, ओजिनू उर्फ जिनू, धुलिया और नाहरिया समेत छह सह-आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर अदालत में चार्जशीट दाखिल की जा चुकी थी। दल्ला बारिया उस मामले का एकमात्र शेष फरार आरोपी था।
राजस्थान पुलिस का यह विशेष अभियान क्या है?
यह अभियान राजस्थान पुलिस मुख्यालय द्वारा 15 सितंबर से 15 अक्टूबर 2026 के बीच चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य वांछित अपराधियों, गिरफ्तारी वारंट का सामना कर रहे व्यक्तियों और घोषित अपराधियों को पकड़ना है।
दल्ला बारिया के खिलाफ आगे क्या होगा?
दल्ला बारिया को जारी वारंट के आधार पर गिरफ्तार कर पुलिस हिरासत में लाया गया है। अब उसे अदालत में पेश किया जाएगा, जहाँ पहले से दाखिल चार्जशीट और नए साक्ष्यों के आधार पर न्यायिक सुनवाई होगी।
राष्ट्र प्रेस
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