क्या विजय सिन्हा के आवास पर दही-चूड़ा भोज ने मिठास फैलाने का काम किया?

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क्या विजय सिन्हा के आवास पर दही-चूड़ा भोज ने मिठास फैलाने का काम किया?

सारांश

मकर संक्रांति पर उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के आवास पर आयोजित दही-चूड़ा भोज में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और कई मंत्री शामिल हुए। इस पारंपरिक आयोजन ने सामाजिक समरसता और परंपरा को दर्शाया।

Key Takeaways

  • दही-चूड़ा भोज का आयोजन मकर संक्रांति के अवसर पर हुआ।
  • यह आयोजन सामाजिक समरसता का प्रतीक है।
  • मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और अन्य नेताओं ने भाग लिया।
  • दिलीप जायसवाल ने इस आयोजन को एनडीए की मिठास का संदेश बताया।
  • बिहार की प्रगति के लिए एकजुटता की अपील की गई।

पटना, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मकर संक्रांति के अवसर पर मंगलवार को बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा के आवास पर आयोजित पारंपरिक दही-चूड़ा भोज में राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, अनेक मंत्री और सांसदों ने भाग लिया।

विजय सिन्हा ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि यह आयोजन सनातन संस्कृति के मूल्यों का उत्सव है और यह सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है।

विजय सिन्हा ने कहा कि मकर संक्रांति सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश का पर्व है, जिसे अत्यंत शुभ माना जाता है। हर वर्ष मकर संक्रांति की पूर्व संध्या पर इस आयोजन का आयोजन किया जाता है और इस वर्ष भी सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

उन्होंने इसे सामाजिक समरसता और परंपरा से जुड़ाव का प्रतीक बताया। इस अवसर पर मंत्री दिलीप जायसवाल ने भी मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं।

दिलीप जायसवाल ने कहा कि यह आयोजन एनडीए की मिठास को पूरे देश तक पहुंचाने का संदेश देता है। उन्होंने यह भी कहा कि वे भाई तेज प्रताप का भी दही-चूड़ा खाएंगे। यह मिठास इस बात का संकेत है कि पक्ष और विपक्ष मिलकर सरकार के कार्यों को आगे बढ़ाएंगे।

वहीं, मंत्री संतोष कुमार सुमन ने इस आयोजन की अत्यधिक सराहना की। उन्होंने कहा कि यह स्वाद और आपसी सौहार्द सालों तक बना रहे। उन्होंने सभी से अपील की कि वे मिलकर बिहार की प्रगति के लिए कार्य करें।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की बिहार यात्रा से स्पष्ट संकेत मिलता है कि राज्य के लिए कुछ अच्छा होने वाला है। बिहार को फिर से नई सौगात मिलने वाली है।

Point of View

बल्कि यह सामाजिक समरसता और एकता का प्रतीक भी बना। ऐसे आयोजन देश की सांस्कृतिक धरोहर को मजबूत बनाते हैं और सभी राजनीतिक पार्टियों को एकजुट होकर काम करने का अवसर प्रदान करते हैं।
NationPress
09/03/2026

Frequently Asked Questions

मकर संक्रांति क्या है?
मकर संक्रांति सूर्य के दक्षिणायन से उत्तरायण में प्रवेश करने का पर्व है, जिसे शुभ माना जाता है।
दही-चूड़ा भोज का क्या महत्व है?
दही-चूड़ा भोज का महत्व सामाजिक समरसता और पारंपरिक संस्कृति को बढ़ावा देना है।
इस आयोजन में कौन-कौन शामिल हुए थे?
इस आयोजन में राज्यपाल, मुख्यमंत्री, कई मंत्री और सांसद शामिल हुए थे।
विजय सिन्हा ने इस आयोजन के बारे में क्या कहा?
विजय सिन्हा ने इसे सकारात्मक ऊर्जा और संस्कृति का उत्सव बताया।
इस आयोजन का संदेश क्या है?
इस आयोजन का संदेश है कि सभी राजनीतिक पार्टियाँ मिलकर देश की प्रगति के लिए काम करें।
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