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डीडीए ने 6 महीने में 19,779 शिकायतें निपटाईं, 85% से अधिक मामले हुए हल

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डीडीए ने 6 महीने में 19,779 शिकायतें निपटाईं, 85% से अधिक मामले हुए हल

सारांश

डीडीए ने छह महीनों में 85% से अधिक शिकायतें निपटाकर एक नई मिसाल कायम की है। लंबित मामले 22,946 से घटकर 3,167 पर आए। साप्ताहिक जनसुनवाई और बहु-प्लेटफॉर्म निगरानी इस बदलाव की धुरी बनी।

मुख्य बातें

डीडीए ने जनवरी–जून 2026 में 19,779 शिकायतों का निपटारा किया — समाधान दर 85% से अधिक ।
लंबित शिकायतें 22,946 से घटकर 3,167 रह गईं।
शिकायतें सीपीजीआरएएमएस, एलजी लिसनिंग पोस्ट, सीएम जनसुनवाई, डीआरएमएस, मोबाइल 311 और समस्या निदान सेवा से प्राप्त हुईं।
प्रत्येक सोमवार और गुरुवार को बिना अपॉइंटमेंट जनसुनवाई; हर महीने औसतन 6,000 नागरिक भाग लेते हैं।
उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के 'जनता पहले' निर्देशों के बाद डीडीए ने कार्यप्रणाली में बदलाव किया।

दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) ने जनवरी से जून 2026 के बीच महज 6 महीनों में 19,779 शिकायतों का समाधान करते हुए 85 प्रतिशत से अधिक लंबित मामले निपटाए हैं। नई दिल्ली में यह बदलाव उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के 'जनता पहले' निर्देशों के बाद देखने को मिला है।

शिकायतों में कितनी आई कमी

वर्ष की शुरुआत में डीडीए के पास लंबित शिकायतों की कुल संख्या 22,946 थी। जून 2026 के अंत तक यह संख्या घटकर मात्र 3,167 रह गई — यानी छह महीनों में 19,779 मामलों का निपटारा किया गया। डीडीए अधिकारियों के अनुसार, ये शिकायतें सीपीजीआरएएमएस, एलजी लिसनिंग पोस्ट, सीएम जनसुनवाई, डीआरएमएस, मोबाइल 311 और समस्या निदान सेवा जैसे विभिन्न प्लेटफॉर्म से प्राप्त हुई थीं।

उपराज्यपाल का 'जनता पहले' निर्देश

उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने पदभार ग्रहण करते ही सभी विभागों को पारदर्शिता और त्वरित समाधान के स्पष्ट निर्देश दिए थे। डीडीए के साथ हुई उनकी पहली बैठक में उन्होंने विशेष रूप से कहा था कि जनता की शिकायतों को गंभीरता से लिया जाए और बिना देरी के उनका समाधान सुनिश्चित किया जाए। यह ऐसे समय में आया है जब 'विकसित दिल्ली' के लक्ष्य को पूरा करने के लिए प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना ज़रूरी माना जा रहा है।

जनसुनवाई की व्यवस्था

शिकायत निवारण को और प्रभावी बनाने के लिए डीडीए ने प्रत्येक कार्यकारी सोमवार और गुरुवार को 'जनसुनवाई' का आयोजन शुरू किया है। इन दिनों बिना किसी पूर्व अपॉइंटमेंट के आम नागरिक सीधे डीडीए कार्यालय पहुँचकर अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रख सकते हैं।

दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक डिप्टी डायरेक्टर और डायरेक्टर स्तर के अधिकारी उपलब्ध रहते हैं, जबकि 2:30 से 3:30 बजे के बीच कमिश्नर और उच्च स्तर के अधिकारी भी नागरिकों से मिलते हैं। आँकड़ों के अनुसार, हर महीने औसतन 6,000 लोग इन जनसुनवाई सत्रों में भाग लेते हैं।

आंतरिक निगरानी और जवाबदेही

डीडीए के उपाध्यक्ष ने सभी विभागाध्यक्षों को निर्देशित किया है कि शिकायत निपटान को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। नियमित समीक्षा बैठकें आयोजित की जाती हैं और फील्ड यूनिट से लगातार फॉलोअप लिया जाता है ताकि कोई भी मामला अनावश्यक रूप से लंबित न रहे। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब डीडीए ने इतने व्यापक बहु-प्लेटफॉर्म दृष्टिकोण से शिकायत प्रबंधन किया है।

आगे की योजना

डीडीए का कहना है कि भविष्य में तकनीक की सहायता से शिकायतों की रियल-टाइम निगरानी जारी रहेगी। नियमित परफॉर्मेंस रिव्यू, साप्ताहिक जनसुनवाई और अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की प्रणाली के ज़रिए यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नागरिकों की समस्याओं का समाधान पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि 'निपटाई गई' शिकायतों में से कितनी का वास्तविक समाधान हुआ और कितनी महज बंद की गईं। बहु-प्लेटफॉर्म दृष्टिकोण सराहनीय है, परंतु प्रशासनिक इतिहास बताता है कि शिकायतें 'क्लोज़' करना और समस्या का ज़मीनी हल होना दो अलग बातें हैं। जनसुनवाई की संस्था नागरिक पहुँच बढ़ाती है, लेकिन मासिक 6,000 आगंतुकों की तुलना में दिल्ली की विशाल आबादी को देखते हुए यह व्यवस्था पर्याप्त है या नहीं, यह सवाल बना रहता है। स्वतंत्र सत्यापन के बिना ये आँकड़े प्रशासनिक सफलता का पूरा चित्र नहीं देते।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

डीडीए ने 6 महीने में कितनी शिकायतें निपटाईं?
डीडीए ने जनवरी से जून 2026 के बीच 19,779 शिकायतों का समाधान किया, जो कुल लंबित मामलों का 85 प्रतिशत से अधिक है। इस दौरान लंबित शिकायतें 22,946 से घटकर 3,167 रह गईं।
डीडीए की जनसुनवाई कब और कैसे होती है?
डीडीए हर कार्यकारी सोमवार और गुरुवार को जनसुनवाई आयोजित करता है। दोपहर 2:30 से 4:30 बजे तक बिना अपॉइंटमेंट के नागरिक सीधे डीडीए कार्यालय आकर डिप्टी डायरेक्टर से लेकर कमिश्नर स्तर के अधिकारियों से मिल सकते हैं।
डीडीए में शिकायतें किन प्लेटफॉर्म के ज़रिए दर्ज होती हैं?
शिकायतें सीपीजीआरएएमएस, एलजी लिसनिंग पोस्ट, सीएम जनसुनवाई, डीआरएमएस, मोबाइल 311 और समस्या निदान सेवा जैसे छह प्लेटफॉर्म के माध्यम से प्राप्त होती हैं। यह बहु-चैनल व्यवस्था नागरिकों को अलग-अलग माध्यमों से शिकायत दर्ज कराने की सुविधा देती है।
इस बदलाव के पीछे किसकी भूमिका रही?
उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के 'जनता पहले' निर्देशों के बाद डीडीए ने अपनी कार्यप्रणाली में सुधार किया। पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने सभी विभागों को पारदर्शिता और त्वरित समाधान के स्पष्ट निर्देश दिए थे।
आगे डीडीए शिकायत प्रबंधन में क्या बदलाव करेगा?
डीडीए ने तकनीक की सहायता से रियल-टाइम निगरानी, नियमित परफॉर्मेंस रिव्यू और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की योजना बनाई है। साप्ताहिक जनसुनवाई और फील्ड यूनिट से नियमित फॉलोअप जारी रहेगा।
राष्ट्र प्रेस
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