दीपावली-काली पूजा पर बंगाल सरकार सतर्क: हर जिले में कैबिनेट मंत्री तैनात, दिलीप घोष ने दी जानकारी
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल सरकार ने आगामी दीपावली, काली पूजा और जगद्धात्री पूजा के मद्देनज़र राज्यभर में कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए व्यापक इंतज़ाम किए हैं। राज्य मंत्री दिलीप घोष ने 2 नवंबर 2026 को खड़गपुर में पत्रकारों को बताया कि प्रत्येक कैबिनेट मंत्री को एक-एक ज़िले की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि त्योहारी माहौल में किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। सरकार की प्राथमिकता केवल कोलकाता नहीं, बल्कि संपूर्ण पश्चिम बंगाल में उत्सवों का शांतिपूर्ण संचालन सुनिश्चित करना है।
मुख्य प्रशासनिक तैयारियाँ
दिलीप घोष ने स्पष्ट किया कि राज्य प्रशासन को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं और कानून-व्यवस्था की निरंतर निगरानी की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार पूरी स्थिति पर पैनी नज़र बनाए हुए है और कोई भी अव्यवस्था बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह व्यवस्था त्योहारों के समूचे आयोजन के दौरान प्रभावी रहेगी।
कोलकाता में यातायात प्रतिबंध
कोलकाता पुलिस ने काली पूजा और उसके बाद होने वाले मूर्ति विसर्जन जुलूसों को देखते हुए शहर में विशेष यातायात प्रतिबंध लागू करने का निर्णय लिया है। जारी अधिसूचना के अनुसार, 8 से 11 नवंबर 2026 तक कई प्रमुख सड़कों पर मालवाहक वाहनों की आवाजाही पर रोक रहेगी। इसके साथ ही कुछ चिह्नित स्थानों पर पार्किंग तथा यात्रियों के पिकअप एवं ड्रॉप-ऑफ पर भी प्रतिबंध लगाया जाएगा।
ममता बनर्जी पर दिलीप घोष का निशाना
दिल्ली के रामलीला मैदान में पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए दिलीप घोष ने कहा कि ममता बनर्जी पहले स्वयं राष्ट्रीय स्तर पर नेता बनने की कोशिश करती थीं, लेकिन अब उनके पास कुछ नहीं बचा है। घोष ने कहा, 'वह आज जनप्रतिनिधि भी नहीं हैं' और मजबूरी में उन्हें सोनिया गांधी को अपना नेता स्वीकार करना पड़ रहा है। उनके अनुसार तृणमूल कांग्रेस (TMC) कमज़ोर पड़ चुकी है।
CAA के तहत नागरिकता का लक्ष्य
नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के अंतर्गत 31 दिसंबर 2026 तक पश्चिम बंगाल में 2.5 लाख लोगों को नागरिकता देने की घोषणा पर दिलीप घोष ने कहा कि जानकारी के अभाव में कई पात्र लोग अभी तक आवेदन नहीं कर पाए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार जल्द ही आवश्यक व्यवस्था करेगी और बांग्लादेश से आए किसी भी हिंदू शरणार्थी को नागरिकता से वंचित नहीं किया जाएगा।
सुवेंदु अधिकारी की घोषणाएँ
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने भी CAA आवेदन प्रक्रिया में तेज़ी लाने की बात कही है। उन्होंने 31 दिसंबर 2026 तक 2.5 लाख आवेदकों को नागरिकता प्रदान करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके अतिरिक्त, मतुआ समुदाय के विकास के लिए ₹50 करोड़ देने और नागरिकता प्राप्त करने वाले पात्र अनुसूचित जाति (SC) आवेदकों को एससी प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने की घोषणा भी की गई। आने वाले दिनों में इन घोषणाओं के क्रियान्वयन पर सबकी नज़र रहेगी।