दिल्ली बार एसोसिएशन ने हड़ताल टाली, CM रेखा गुप्ता ने नए चालान नोटिफिकेशन पर रोक का आश्वासन दिया
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली बार एसोसिएशन ने 23 सितंबर 2026 (बुधवार) को एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए दिल्ली की सभी जिला अदालतों में प्रस्तावित हड़ताल पर रोक लगा दी। यह फैसला मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के साथ हुई बैठक के बाद आया, जिसमें नए ट्रैफिक चालान सिस्टम की 14 सितंबर 2026 की अधिसूचना को लागू करने की प्रक्रिया तत्काल रोकने का आश्वासन दिया गया। इसके साथ ही 24 सितंबर को प्रस्तावित विरोध मार्च भी स्थगित कर दिया गया है।
बैठक में क्या हुआ
दिल्ली की सभी जिला अदालतों की बार एसोसिएशनों की कोऑर्डिनेशन कमेटी ने बुधवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता से मुलाकात की। इस उच्चस्तरीय बैठक में कानून मंत्री और परिवहन मंत्री भी उपस्थित रहे। वकीलों ने नए ट्रैफिक चालान सिस्टम को लेकर अपनी आपत्तियाँ और चिंताएँ विस्तार से सामने रखीं, जिन पर सरकार ने गंभीरता से ध्यान देने का भरोसा दिलाया।
सरकार की प्रतिक्रिया
परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह ने बताया कि वकीलों की ओर से नए चालान सिस्टम के मुद्दों पर एक ज्ञापन प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इस ज्ञापन को जाँच के लिए ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को भेजा जा रहा है और इसे मुख्यमंत्री व विधि विभाग के संज्ञान में भी लाया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि तब तक ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट को निर्देश दिया जा रहा है कि 14 सितंबर 2026 की अधिसूचना को लागू करने की प्रक्रिया को फिलहाल रोक दिया जाए।
वकीलों की मुख्य चिंताएँ
वकीलों का कहना था कि नया ट्रैफिक चालान निपटारा सिस्टम न्यायिक प्रक्रिया और अदालती कार्यवाही को प्रभावित कर सकता है। कोऑर्डिनेशन कमेटी ने मांग की कि नई व्यवस्था लागू करने से पहले सभी हितधारकों से पर्याप्त परामर्श किया जाए। बैठक में यह भी कहा गया कि वकीलों के सुझावों पर विचार के बाद आगे ठोस समाधान निकाला जाएगा।
हड़ताल और विरोध मार्च स्थगित
बैठक के सकारात्मक परिणाम के बाद दिल्ली बार एसोसिएशन ने 24 सितंबर को वकीलों के काम से दूर रहने के निर्णय को फिलहाल टाल दिया है। इसी के साथ उस दिन प्रस्तावित विरोध मार्च भी स्थगित कर दिया गया, जिससे गुरुवार 24 सितंबर को दिल्ली के सभी डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में कामकाज सामान्य रूप से जारी रहेगा।
आगे क्या होगा
सरकार ने आश्वासन दिया है कि वकीलों के ज्ञापन की विधिवत जाँच के बाद ठोस समाधान निकाला जाएगा। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में उभरा जब दिल्ली सरकार परिवहन प्रणाली को डिजिटल और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में कदम उठा रही है। यदि वकीलों की चिंताओं का समुचित समाधान नहीं निकला, तो भविष्य में फिर से हड़ताल की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।